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Yamuna Nagar News: मानसून के बाद रफ्तार पकड़ेगा रिवर वाटर फ्रंट का काम
Sat, 04 Jul 2026 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 04 Jul 2026 01:24 AM IST
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सिंचाई विभाग की ओर से नहर किनारे किया जा रहा कार्य। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर को नई पहचान देने के उद्देश्य से नगर निगम की ओर से पश्चिमी यमुना नहर के किनारे प्रस्तावित रिवर वाटर फ्रंट परियोजना की शुरुआत अब मानसून सीजन के बाद होगी। करीब 10.35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर इन दिनों काम शुरू होना था, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से नहर को सुदृढ़ करने का कार्य जारी होने के कारण निर्माण फिलहाल टाल दिया गया है।
वहीं नगर निगम ने परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया है, लेकिन जमीन की स्पष्ट निशानदेही नहीं होने से एजेंसी काम शुरू नहीं कर पा रही है। पश्चिमी यमुना नहर के किनारों पर इन दिनों सिंचाई विभाग की मशीनें लगातार कार्य कर रही हैं। नहर के तटों को मजबूत करने का काम पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विभाग की सीमा कहां तक है।
इसके बाद ही नगर निगम की एजेंसी निर्माण कार्य शुरू कर सकेगी। अधिकारियों के अनुसार मानसून समाप्त होते ही परियोजना का शिलान्यास कर निर्माण शुरू करने की योजना है। एजेंसी को कार्य पूरा करने के लिए 13 माह का समय दिया गया है। दिव्य नगर योजना के तहत विकसित होने वाला यह रिवर वाटर फ्रंट ओपी जिंदल पार्क के पीछे से शुरू होकर फतेहपुर पुल तक करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबाई में तैयार किया जाएगा।
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परियोजना के तहत नहर किनारे लगभग 600 मिलीमीटर चौड़ा लैंडस्केप क्षेत्र विकसित होगा, जबकि दो मीटर चौड़ा आधुनिक फुटपाथ बनाया जाएगा।
जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो। रिवर वाटर फ्रंट को आकर्षक बनाने के लिए पूरे मार्ग पर सुंदर उद्यान, आधुनिक डिजाइन के बैंच और व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।
रात के समय रोशनी की बेहतर व्यवस्था के लिए डेकोरेटिव और फैंसी लाइटें लगाई जाएंगी। इससे क्षेत्र की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ सुरक्षा भी मजबूत होगी और अपराध व दुर्घटनाओं की संभावनाओं में कमी आएगी।
लोगों को मिलेगा सुविधाजनक मार्ग
परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थान सुबह-शाम सैर, दौड़ और व्यायाम करने वालों के लिए प्रमुख केंद्र बनेगा। साथ ही यह शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का नया स्थल होगा। सुरक्षा के मद्देनजर नहर किनारे 1050 मिलीमीटर ऊंची पत्थर की दीवार और उसके ऊपर 1200 मिलीमीटर ऊंची जालीदार फेंसिंग लगाई जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति सीधे नहर की ओर न जा सके। वर्तमान में बाडी माजरा से लेकर पुराना सहारनपुर रोड स्थित फतेहपुर पुल तक करीब पौने पांच किलोमीटर लंबी नहर पटरी कच्ची है। आसपास घनी आबादी होने के कारण लोग इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। बरसात में यह मार्ग कीचड़ से भर जाता है।
रिवर वाटर फ्रंट का कार्य अब मानसून के बाद ही शुरू हो जाएगा। एक तरफ तो सिंचाई विभाग का कार्य चल रहा और अब बारिश कार्य में खलल डालेगी। -सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।
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यमुनानगर। शहर को नई पहचान देने के उद्देश्य से नगर निगम की ओर से पश्चिमी यमुना नहर के किनारे प्रस्तावित रिवर वाटर फ्रंट परियोजना की शुरुआत अब मानसून सीजन के बाद होगी। करीब 10.35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर इन दिनों काम शुरू होना था, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से नहर को सुदृढ़ करने का कार्य जारी होने के कारण निर्माण फिलहाल टाल दिया गया है।
वहीं नगर निगम ने परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया है, लेकिन जमीन की स्पष्ट निशानदेही नहीं होने से एजेंसी काम शुरू नहीं कर पा रही है। पश्चिमी यमुना नहर के किनारों पर इन दिनों सिंचाई विभाग की मशीनें लगातार कार्य कर रही हैं। नहर के तटों को मजबूत करने का काम पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विभाग की सीमा कहां तक है।
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इसके बाद ही नगर निगम की एजेंसी निर्माण कार्य शुरू कर सकेगी। अधिकारियों के अनुसार मानसून समाप्त होते ही परियोजना का शिलान्यास कर निर्माण शुरू करने की योजना है। एजेंसी को कार्य पूरा करने के लिए 13 माह का समय दिया गया है। दिव्य नगर योजना के तहत विकसित होने वाला यह रिवर वाटर फ्रंट ओपी जिंदल पार्क के पीछे से शुरू होकर फतेहपुर पुल तक करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबाई में तैयार किया जाएगा।
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परियोजना के तहत नहर किनारे लगभग 600 मिलीमीटर चौड़ा लैंडस्केप क्षेत्र विकसित होगा, जबकि दो मीटर चौड़ा आधुनिक फुटपाथ बनाया जाएगा।
जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो। रिवर वाटर फ्रंट को आकर्षक बनाने के लिए पूरे मार्ग पर सुंदर उद्यान, आधुनिक डिजाइन के बैंच और व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।
रात के समय रोशनी की बेहतर व्यवस्था के लिए डेकोरेटिव और फैंसी लाइटें लगाई जाएंगी। इससे क्षेत्र की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ सुरक्षा भी मजबूत होगी और अपराध व दुर्घटनाओं की संभावनाओं में कमी आएगी।
लोगों को मिलेगा सुविधाजनक मार्ग
परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थान सुबह-शाम सैर, दौड़ और व्यायाम करने वालों के लिए प्रमुख केंद्र बनेगा। साथ ही यह शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का नया स्थल होगा। सुरक्षा के मद्देनजर नहर किनारे 1050 मिलीमीटर ऊंची पत्थर की दीवार और उसके ऊपर 1200 मिलीमीटर ऊंची जालीदार फेंसिंग लगाई जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति सीधे नहर की ओर न जा सके। वर्तमान में बाडी माजरा से लेकर पुराना सहारनपुर रोड स्थित फतेहपुर पुल तक करीब पौने पांच किलोमीटर लंबी नहर पटरी कच्ची है। आसपास घनी आबादी होने के कारण लोग इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। बरसात में यह मार्ग कीचड़ से भर जाता है।
रिवर वाटर फ्रंट का कार्य अब मानसून के बाद ही शुरू हो जाएगा। एक तरफ तो सिंचाई विभाग का कार्य चल रहा और अब बारिश कार्य में खलल डालेगी। -सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।