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Yamuna Nagar News: वेंटिलेटर की ली सुध, जिला नागरिक अस्पताल में बनेगा आईसीयू
Sun, 28 Jul 2024 03:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 28 Jul 2024 03:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने स्टोर में धूल फांक रहे वेंटिलेटर की सुध ले ही ली। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में आईसीयू वार्ड बनाया जाएगा। जिसमें छह वेंटिलेटर लगा दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जल्द ही आईसीयू वार्ड को शुरू करने की बात कह रहे हैं। आईसीयू में जो वेंटिलेटर रखे गए हैं फिलहाल उनका ट्रायल लिया जा रहा है कि वह ठीक से काम करते भी हैं या नहीं।
आईसीयू वार्ड जिला अस्पताल के बी-ब्लॉक में चतुर्थ तल पर ऑपरेशन थियेटर के सामने नशा मुक्ति केंद्र के सामने बनाया गया है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह आईसीयू वार्ड चल सकता है। इसके चलने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को काफी फायदा होगा। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल भले ही 200 बेड का बन गया है, लेकिन अभी तक वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है।
प्रदेश सरकार ने 105 करोड़ रुपये इस अस्पताल के निर्माण पर खर्च किए हैं। आईसीयू वार्ड व वेंटिलेटर न होने से मरीज परेशान हैं। थोड़ी सी तकलीफ बढ़ते ही मरीजों को अस्पताल से पीजीआई चंडीगढ़ या फिर एमएम कॉलेज मुलाना में रेफर कर दिया जाता है। पूरे जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी वेंटिलेटर का नहीं चलना स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों पर सवाल खड़े करता है।
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अब मरीजों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग आईसीयू वार्ड बनाने को तैयार हो गया है। वार्ड में वेंटिलेटर से संबंधित सारा सामान रख दिया गया है। वहीं बड़ा सवाल अभी यही है कि वेंटिलेटर को चलाएगा कौन। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के पास वेंटिलेटर चलाने के लिए फिजिशियन, एमओ व अन्य स्टाफ ही नहीं है।
एनेस्थेटिस्ट वेंटिलेटर चला सकते हैं लेकिन उनकी संख्या कम है। सूत्रों की माने तो एनेस्थेटिस्ट की ड्यूटी शिफ्ट में लगाई जाएगी ताकि वह काम और आराम दोनों करते रहे। वहीं आईसीयू चलाने के लिए पीएमओ की तरफ से सिविल सर्जन व मुख्यालय में पत्राचार कर इस बारे में मार्गदर्शन मांगा गया है।
कोरोना महामारी के दौरान पीएम केयर फंड से जिले में 40 वेंटिलेटर आए थे। महामारी के दौरान इनमें से केवल सात वेंटिलेटर ही चलाए गए थे। अन्य वेंटिलेटर को कभी चलाकर देखा ही नहीं गया। यह नए थे और इनकी एक साल की गारंटी व वारंटी दोनों थे। परंतु जिला नागरिक अस्पताल के स्टोर में पड़े-पड़े ही इनकी गारंटी खत्म हो गई।
यही वजह है कि 40 में से 15 वेंटिलेटर खराब हो चुके हैं। बाकी बचे 25 वेंटिलेटर में से छह को आईसीयू वार्ड में लगाया गया है। वेंटिलेटर होने के बावजूद इन्हें नहीं चलाए जाने का मामला अमर उजाला रोजाना प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए और अब आईसीयू वार्ड शुरू कर रहे हैं।
जल्द शुरू कर देंगे आईसीयू वार्ड : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि अस्पताल के बी-ब्लॉक में चतुर्थ तल पर आईसीयू वार्ड बनाया गया है। जिसमें फिलहाल छह वेंटिलेटर को लगाया गया है। वेंटिलेटर को चलाकर देखा जा रहा है कि यह ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं। जल्द ही आईसीयू वार्ड को शुरू कर दिया जाएगा।
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यमुनानगर। आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने स्टोर में धूल फांक रहे वेंटिलेटर की सुध ले ही ली। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में आईसीयू वार्ड बनाया जाएगा। जिसमें छह वेंटिलेटर लगा दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जल्द ही आईसीयू वार्ड को शुरू करने की बात कह रहे हैं। आईसीयू में जो वेंटिलेटर रखे गए हैं फिलहाल उनका ट्रायल लिया जा रहा है कि वह ठीक से काम करते भी हैं या नहीं।
आईसीयू वार्ड जिला अस्पताल के बी-ब्लॉक में चतुर्थ तल पर ऑपरेशन थियेटर के सामने नशा मुक्ति केंद्र के सामने बनाया गया है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह आईसीयू वार्ड चल सकता है। इसके चलने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को काफी फायदा होगा। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल भले ही 200 बेड का बन गया है, लेकिन अभी तक वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है।
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प्रदेश सरकार ने 105 करोड़ रुपये इस अस्पताल के निर्माण पर खर्च किए हैं। आईसीयू वार्ड व वेंटिलेटर न होने से मरीज परेशान हैं। थोड़ी सी तकलीफ बढ़ते ही मरीजों को अस्पताल से पीजीआई चंडीगढ़ या फिर एमएम कॉलेज मुलाना में रेफर कर दिया जाता है। पूरे जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी वेंटिलेटर का नहीं चलना स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों पर सवाल खड़े करता है।
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अब मरीजों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग आईसीयू वार्ड बनाने को तैयार हो गया है। वार्ड में वेंटिलेटर से संबंधित सारा सामान रख दिया गया है। वहीं बड़ा सवाल अभी यही है कि वेंटिलेटर को चलाएगा कौन। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के पास वेंटिलेटर चलाने के लिए फिजिशियन, एमओ व अन्य स्टाफ ही नहीं है।
एनेस्थेटिस्ट वेंटिलेटर चला सकते हैं लेकिन उनकी संख्या कम है। सूत्रों की माने तो एनेस्थेटिस्ट की ड्यूटी शिफ्ट में लगाई जाएगी ताकि वह काम और आराम दोनों करते रहे। वहीं आईसीयू चलाने के लिए पीएमओ की तरफ से सिविल सर्जन व मुख्यालय में पत्राचार कर इस बारे में मार्गदर्शन मांगा गया है।
कोरोना महामारी के दौरान पीएम केयर फंड से जिले में 40 वेंटिलेटर आए थे। महामारी के दौरान इनमें से केवल सात वेंटिलेटर ही चलाए गए थे। अन्य वेंटिलेटर को कभी चलाकर देखा ही नहीं गया। यह नए थे और इनकी एक साल की गारंटी व वारंटी दोनों थे। परंतु जिला नागरिक अस्पताल के स्टोर में पड़े-पड़े ही इनकी गारंटी खत्म हो गई।
यही वजह है कि 40 में से 15 वेंटिलेटर खराब हो चुके हैं। बाकी बचे 25 वेंटिलेटर में से छह को आईसीयू वार्ड में लगाया गया है। वेंटिलेटर होने के बावजूद इन्हें नहीं चलाए जाने का मामला अमर उजाला रोजाना प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए और अब आईसीयू वार्ड शुरू कर रहे हैं।
जल्द शुरू कर देंगे आईसीयू वार्ड : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि अस्पताल के बी-ब्लॉक में चतुर्थ तल पर आईसीयू वार्ड बनाया गया है। जिसमें फिलहाल छह वेंटिलेटर को लगाया गया है। वेंटिलेटर को चलाकर देखा जा रहा है कि यह ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं। जल्द ही आईसीयू वार्ड को शुरू कर दिया जाएगा।