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Yamuna Nagar News: संपत्ति कर के 15.97 लाख रुपये न देने पर दो डेयरी व दुकान सील

Wed, 17 Dec 2025 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 17 Dec 2025 01:05 AM IST
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Two dairies and a shop were sealed for non-payment of property tax amounting to Rs. 15.97 lakh
संपत्ति को सील करती निगम की टीम। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को सीलिंग की कार्रवाई की। निगम की टीम ने औरंगाबाद डेयरी कांप्लेक्स में संचालित दो डेयरियों और कांसापुर रोड कांसली स्थित एक दुकान को सील कर दिया। इन संपत्तियों पर 15,97,155 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। नोटिस देने और सुनवाई का मौका देने के बावजूद टैक्स जमा न कराने पर यह कार्रवाई की गई।
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अजय वालिया के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। निगम अधिकारियों के अनुसार, एक लाख रुपये से अधिक बकाया रखने वाले संपत्ति मालिकों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 के तहत पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। नोटिस के बाद कई संपत्ति मालिकों ने टैक्स जमा करा दिया, लेकिन कुछ बकायेदारों ने अभी तक भुगतान नहीं किया है।
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मंगलवार को निगम की टीम सबसे पहले औरंगाबाद डेयरी कांप्लेक्स पहुंची, जहां चरण सिंह और सुरमुख सिंह की डेयरी को सील किया गया। इन दोनों पर नगर निगम का 12 लाख 60 हजार 433 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इसके बाद टीम कांसापुर रोड कांसली पहुंची और रमेश कुमार की दुकान को सील कर दिया।
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इस दुकान पर 3 लाख 36 हजार 722 रुपये का टैक्स बकाया बताया गया है। सीलिंग के दौरान संपत्तियों पर चेतावनी नोटिस भी चस्पा किए गए, जिनमें स्पष्ट किया गया कि नगर निगम की अनुमति के बिना सील से छेड़छाड़ या खोलने का प्रयास करने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अजय वालिया ने बताया कि सीलिंग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है, जिससे शहर के विकास कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने बकायेदारों से अपील की कि वे सीलिंग जैसी कार्रवाई से बचने के लिए समय पर अपना बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराएं। निगम की यह मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेगी।
निगम ने डेढ़ महीने में सील की 38 प्रॉपर्टी

बकाया प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरने वाले लोगों पर नगर निगम कार्रवाई सख्त कर दी है। यही वजह है कि हर दूसरे व तीसरे दिन बकायादारों की संपत्तियों को सील किया जा रहा है। पिछले डेढ़ माह में नगर निगम अधिकारी 38 संपत्तियों को सील लगा चुके हैं। जिन्हें सील किया गया है उनमें पेट्रोल पंप, फैक्टरी, डेयरी, फर्नीचर शोरूम, दुकानें शामिल हैं।


2800 बकायेदारों को दिए हैं नोटिस

नगर निगम की पहली नजर उन डिफाल्टरों पर है जिन पर एक लाख रुपये से ज्यादा के प्रॉपर्टी टैक्स बकाया हैं। एक लाख से अधिक वाले डिफाल्टरों की संख्या 2800 से ज्यादा हैं। जिन लोगों पर 10 लाख से ज्यादा बकाया है उनकी संख्या 146 है। सील कार्रवाई से बचने के लिए कुछ लोगों ने अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा भी कराया है। डिफाल्टरों द्वारा टैक्स जमा नहीं कराने का सीधा असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। बकाया राशि जमा हो तो शहर में ज्यादा काम कराए जा सकते हैं।
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