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Yamuna Nagar News: 60 महिलाओं संग शुरू किया सफर, आज 450 से अधिक
Mon, 12 Oct 2026 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 12 Oct 2026 01:47 AM IST
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मनीषा अग्रवाल।
अशोक कुमार
यमुनानगर। बदलाव की शुरुआत एक छोटी-सी पहल से भी हो सकती है, बस जरूरत होती है मजबूत इरादों और दूसरों के लिए कुछ करने के जज्बे की। इसी सोच को साकार कर रही हैं अग्रवाल महिला संगठन की प्रधान मनीषा अग्रवाल। वर्ष 2011 में 60 महिलाओं को साथ लेकर शुरू किया गया उनका सफर आज 450 से अधिक महिलाओं तक पहुंच चुका है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से लेकर जरूरतमंद परिवारों की मदद, बच्चों को हुनरमंद बनाने और पर्यावरण संरक्षण तक, मनीषा अपने संगठन के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही हैं। मूल रूप से पानीपत की रहने वाली मनीषा अग्रवाल की शादी वर्ष 1994 में सहारनपुर में हुई।
वर्ष 2003 में यमुनानगर आने के बाद उन्होंने कुकिंग क्लास शुरू की। उनका यह प्रयास भी रोजगार का माध्यम बना। अब तक पांच हजार से अधिक युवक-युवतियों को कुकिंग का प्रशिक्षण देने और रोजगार के अवसरों से जुड़ने में मदद कर चुकी हैं। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के साथ डिप्लोमा भी दिया जाता है, ताकि वे अपने हुनर को निखार कर देश-विदेश में रोजगार की संभावनाएं तलाश सकें।
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मनीषा अग्रवाल ने बताया कि यमुनानगर आने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए एक साझा मंच होना चाहिए। इसी उद्देश्य से वर्ष 2011 में 60 महिलाओं के साथ संगठन की शुरुआत की। धीरे-धीरे सामाजिक संपर्कों और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक महिलाएं जुड़ती गईं।
संगठन की ओर से महिला दिवस और तीज जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि महिलाएं एक-दूसरे से जुड़ें, अपनी संस्कृति को समझें और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाएं। मनीषा का मानना है कि महिलाओं को सही अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे अपनी क्षमताओं को पहचान कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। संवाद
बुजुर्गों की सेवा व बेटियों की शादी में सहयोग
महिला संगठन जरूरतमंद परिवारों की मदद, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और बुजुर्गों की सेवा के लिए भी काम कर रहा है। वृद्धाश्रम में राशन, गर्म कपड़े, कूलर, बेड, वॉशिंग मशीन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करवाया जाता है। बुजुर्गों के लिए कीर्तन कार्यक्रम आयोजित करने के साथ नेत्रदान और देहदान के प्रति जागरूकता रैलियां भी निकाली जाती हैं। इस वर्ष संगठन की महिलाओं ने पांच जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा पौधरोपण और स्वच्छता अभियान भी चलाए जाते हैं। सचिव मनीषा उज्ज्वल अग्रवाल, दिव्या सिंघल, निधि, रीना सिंघला और सबीना अग्रवाल सहित अन्य सदस्य विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।
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यमुनानगर। बदलाव की शुरुआत एक छोटी-सी पहल से भी हो सकती है, बस जरूरत होती है मजबूत इरादों और दूसरों के लिए कुछ करने के जज्बे की। इसी सोच को साकार कर रही हैं अग्रवाल महिला संगठन की प्रधान मनीषा अग्रवाल। वर्ष 2011 में 60 महिलाओं को साथ लेकर शुरू किया गया उनका सफर आज 450 से अधिक महिलाओं तक पहुंच चुका है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से लेकर जरूरतमंद परिवारों की मदद, बच्चों को हुनरमंद बनाने और पर्यावरण संरक्षण तक, मनीषा अपने संगठन के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही हैं। मूल रूप से पानीपत की रहने वाली मनीषा अग्रवाल की शादी वर्ष 1994 में सहारनपुर में हुई।
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वर्ष 2003 में यमुनानगर आने के बाद उन्होंने कुकिंग क्लास शुरू की। उनका यह प्रयास भी रोजगार का माध्यम बना। अब तक पांच हजार से अधिक युवक-युवतियों को कुकिंग का प्रशिक्षण देने और रोजगार के अवसरों से जुड़ने में मदद कर चुकी हैं। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के साथ डिप्लोमा भी दिया जाता है, ताकि वे अपने हुनर को निखार कर देश-विदेश में रोजगार की संभावनाएं तलाश सकें।
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मनीषा अग्रवाल ने बताया कि यमुनानगर आने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए एक साझा मंच होना चाहिए। इसी उद्देश्य से वर्ष 2011 में 60 महिलाओं के साथ संगठन की शुरुआत की। धीरे-धीरे सामाजिक संपर्कों और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक महिलाएं जुड़ती गईं।
संगठन की ओर से महिला दिवस और तीज जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि महिलाएं एक-दूसरे से जुड़ें, अपनी संस्कृति को समझें और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाएं। मनीषा का मानना है कि महिलाओं को सही अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे अपनी क्षमताओं को पहचान कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। संवाद
बुजुर्गों की सेवा व बेटियों की शादी में सहयोग
महिला संगठन जरूरतमंद परिवारों की मदद, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और बुजुर्गों की सेवा के लिए भी काम कर रहा है। वृद्धाश्रम में राशन, गर्म कपड़े, कूलर, बेड, वॉशिंग मशीन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करवाया जाता है। बुजुर्गों के लिए कीर्तन कार्यक्रम आयोजित करने के साथ नेत्रदान और देहदान के प्रति जागरूकता रैलियां भी निकाली जाती हैं। इस वर्ष संगठन की महिलाओं ने पांच जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा पौधरोपण और स्वच्छता अभियान भी चलाए जाते हैं। सचिव मनीषा उज्ज्वल अग्रवाल, दिव्या सिंघल, निधि, रीना सिंघला और सबीना अग्रवाल सहित अन्य सदस्य विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।