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Yamuna Nagar News: खेल परियोजनाएं अधर में, सुविधाओं के इंतजार में खिलाड़ी
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खस्ताहाल में तेजली खेल परिसर का मैदान। संवाद
यमुनानगर। शहर की तीन बड़ी खेल परियोजनाएं मंजूरी के बाद भी लंबे समय से अधर में हैं। सरकारी स्तर पर बने तेजली स्टेडियम को न तो 90 करोड़ रुपये में इंडोर-आउटडोर खेल सुविधाएं मिल पाई हैं और न ही हॉकी के एस्ट्रोटर्फ, एथलेटिक्स के सिंथेटिक ट्रैक मिल पाए हैं। ऐसे में खिलाड़ी सुविधाओं के इंतजार में हैं।
जनवरी-2023 में गणतंत्र दिवस पर सीएम मनोहर लाल की ओर से तेजली स्टेडियम में खेल सुविधाओं को बढ़ाने और अन्य व्यवस्थाओं के सुधार के लिए 90 करोड़ खर्च करने की घोषणा की गई थी। इसके तहत खेल विभाग की ओर से पहले फेज में इंडोर खेलों के लिए तेजली खेल परिसर में विकास कार्य कराए जाने थे। जिससे जूडो, कबड्डी, ताइक्वांडो, रेसलिंग, बॉक्सिंग, लॉन टेनिस, आर्चरी, राइफल शूटिंग के खिलाड़ी बेहतर अभ्यास कर सकें और यहां विभिन्न स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सके।
दूसरे फेज में हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, बैडमिंटन जैसे आउटडोर खेलों के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जानी थीं, लेकिन योजना के तहत निर्माण कार्य शुरू होने तो दूर औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हो पाईं है। इसका खामियाजा खिलाड़ियों को हो रहा है। खिलाड़ी शहर के निजी खेल संस्थानों या दूसरे जिलों में अभ्यास के लिए जाने पर मजबूर हैं। आर्थिक रूप कमजोर खिलाड़ी चाहकर भी अभ्यास के अभाव में अपनी खेल प्रतिभा को नहीं निखार पा रहे हैं।
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तेजली में अभ्यास करते खिलाड़ी रजनीश, अभिषेक ने कहा कि सरकारी स्तर पर कई खेलों के मैदान, कोच व संसाधन नहीं हैं। ऐसे में चाहकर भी अलग-अलग स्तर की प्रतिभा में प्रदर्शन नहीं कर पा रहे। एथलेटिक्स व हॉकी के खिलाड़ी ज्यादा है, इसलिए एथलेटिक्स के सिंथेटिक ट्रैक व हॉकी के एस्ट्रोटर्फ मैदान की सुविधा मिलनी चाहिए।
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सिंथेटिक ट्रैक मिला न हॉकी का एस्ट्रोटर्फ मैदान
तेजली स्टेडियम में एथलेटिक्स का सिंथेटिक ट्रैक वर्ष-2021 में मंजूर हुआ था। चार सौ मीटर और आठ लेन के सिंथेटिक ट्रैक में लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक, भाला फेंक आदि के मैदान तैयार होने हैं। इसकी ड्राइंग पर स्वीकृति व 7.87 करोड़ रुपये अलॉट की प्रक्रिया पूरी है, पर धरातल पर काम नहीं लगा। ऐसे ही हॉकी का एस्ट्रोटर्फ मैदान भी कई वर्ष पहले का मंजूर है। इसका नौ करोड़ रुपये अनुमान भी तैयार हुआ, पर निर्माण कार्य नहीं लगा। इससे दोनों खेलों के खिलाड़ियों को अभ्यास व बेहतर प्रदर्शन में परेशानी आ रही है।
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वर्जन-
परियोजनाओं पर जल्द काम होगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रयास जारी है, जिससे खिलाड़ियों को सुविधा मिले।- शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।
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जनवरी-2023 में गणतंत्र दिवस पर सीएम मनोहर लाल की ओर से तेजली स्टेडियम में खेल सुविधाओं को बढ़ाने और अन्य व्यवस्थाओं के सुधार के लिए 90 करोड़ खर्च करने की घोषणा की गई थी। इसके तहत खेल विभाग की ओर से पहले फेज में इंडोर खेलों के लिए तेजली खेल परिसर में विकास कार्य कराए जाने थे। जिससे जूडो, कबड्डी, ताइक्वांडो, रेसलिंग, बॉक्सिंग, लॉन टेनिस, आर्चरी, राइफल शूटिंग के खिलाड़ी बेहतर अभ्यास कर सकें और यहां विभिन्न स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सके।
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दूसरे फेज में हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, बैडमिंटन जैसे आउटडोर खेलों के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जानी थीं, लेकिन योजना के तहत निर्माण कार्य शुरू होने तो दूर औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हो पाईं है। इसका खामियाजा खिलाड़ियों को हो रहा है। खिलाड़ी शहर के निजी खेल संस्थानों या दूसरे जिलों में अभ्यास के लिए जाने पर मजबूर हैं। आर्थिक रूप कमजोर खिलाड़ी चाहकर भी अभ्यास के अभाव में अपनी खेल प्रतिभा को नहीं निखार पा रहे हैं।
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तेजली में अभ्यास करते खिलाड़ी रजनीश, अभिषेक ने कहा कि सरकारी स्तर पर कई खेलों के मैदान, कोच व संसाधन नहीं हैं। ऐसे में चाहकर भी अलग-अलग स्तर की प्रतिभा में प्रदर्शन नहीं कर पा रहे। एथलेटिक्स व हॉकी के खिलाड़ी ज्यादा है, इसलिए एथलेटिक्स के सिंथेटिक ट्रैक व हॉकी के एस्ट्रोटर्फ मैदान की सुविधा मिलनी चाहिए।
सिंथेटिक ट्रैक मिला न हॉकी का एस्ट्रोटर्फ मैदान
तेजली स्टेडियम में एथलेटिक्स का सिंथेटिक ट्रैक वर्ष-2021 में मंजूर हुआ था। चार सौ मीटर और आठ लेन के सिंथेटिक ट्रैक में लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक, भाला फेंक आदि के मैदान तैयार होने हैं। इसकी ड्राइंग पर स्वीकृति व 7.87 करोड़ रुपये अलॉट की प्रक्रिया पूरी है, पर धरातल पर काम नहीं लगा। ऐसे ही हॉकी का एस्ट्रोटर्फ मैदान भी कई वर्ष पहले का मंजूर है। इसका नौ करोड़ रुपये अनुमान भी तैयार हुआ, पर निर्माण कार्य नहीं लगा। इससे दोनों खेलों के खिलाड़ियों को अभ्यास व बेहतर प्रदर्शन में परेशानी आ रही है।
वर्जन-
परियोजनाओं पर जल्द काम होगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रयास जारी है, जिससे खिलाड़ियों को सुविधा मिले।- शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।