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पॉकेट मनी बचाकर गरीबों की मनाई दिवाली
ब्यूरो/अमर उजाला /यमुनानगर
Updated Fri, 13 Nov 2015 12:03 AM IST
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दिवाली का अर्थ अधिकतर बच्चों के लिए मिठाइयां खाने व पटाखे जलाने होता हैं, लेकिन कुछ बच्चे हटकर होते हैं। शिवपुरी निवासी रमाकांत व पूजा डंगवाल की पूजा की बेटी आयुषि और अंशिका डंगवाल ने अपनी सालभर की पॉकेट मनी बचाकर गरीबों के घर मिठाइयां बांटकर दिवाली का पर्व मनाया।
आयुषि और अंशिका का कहना है कि पटाखे चलाने से प्रदूषण होता है इसलिए वे भी कभी पटाखे नहीं चलाती। उन्होंने बताया कि पॉकेट मनी से मिठाइयां खरीदी और इसे जरूरतमंदों में बांटा। इसके अलावा एक सेब व संतरा भी वितरित किया। उन्होंने आह्वान किया कि शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए हमें पौधे लगाने चाहिए। हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए।
बस्ती के बच्चों के साथ बांटी खुशियां
ऐसे ही लक्ष्मी गार्डन निवासी वैभव, सौरभ व सुरभि शर्मा के लिए दिवाली के मायने कुछ अलग ही है। इसलिए इन्होंने पटाखों पर पैसे खर्च नहीं किए। उन पैसों से तीनों ने बिस्कुट, टॉफियां व फल खरीदे और गरीब बस्ती में रहने वाले बच्चों में सामान बांटा। सेंट थॉमस में पढ़ने वाले तीनों बच्चों ने बताया कि पटाखे जलाने से प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण को नुकसान होता है। इसलिए उन्होंने इस बार पटाखे जलाने की बजाए दूसरों के साथ मिल कर दिवाली मनाई।
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सिविल अस्पताल में दिवाली मनाई
सिविल अस्पताल जगाधरी में महावीर दल धर्मार्थ सेवा समिति के संरक्षक डा. घनश्याम दास गर्ग व मौदगिल परिवार के सहयोग से अस्पताल में मरीजों के साथ दिवाली मनाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान ताराचंद उपाध्याय ने की। सबसे पहले हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। सिविल अस्पताल के डा. हर्ष सिमरन ने मरीजों को फल वितरित किए। मौके पर दल के कैप्टन जगवीर सिंह पहलवान, बंता सिंह, गुरनाम कश्यप, लक्ष्मण, नरेंद्र गुप्ता, सुशील राणा, सुरेश अरोड़ा व संजीव वर्मा मौजूद रहे।
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आयुषि और अंशिका का कहना है कि पटाखे चलाने से प्रदूषण होता है इसलिए वे भी कभी पटाखे नहीं चलाती। उन्होंने बताया कि पॉकेट मनी से मिठाइयां खरीदी और इसे जरूरतमंदों में बांटा। इसके अलावा एक सेब व संतरा भी वितरित किया। उन्होंने आह्वान किया कि शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए हमें पौधे लगाने चाहिए। हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए।
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बस्ती के बच्चों के साथ बांटी खुशियां
ऐसे ही लक्ष्मी गार्डन निवासी वैभव, सौरभ व सुरभि शर्मा के लिए दिवाली के मायने कुछ अलग ही है। इसलिए इन्होंने पटाखों पर पैसे खर्च नहीं किए। उन पैसों से तीनों ने बिस्कुट, टॉफियां व फल खरीदे और गरीब बस्ती में रहने वाले बच्चों में सामान बांटा। सेंट थॉमस में पढ़ने वाले तीनों बच्चों ने बताया कि पटाखे जलाने से प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण को नुकसान होता है। इसलिए उन्होंने इस बार पटाखे जलाने की बजाए दूसरों के साथ मिल कर दिवाली मनाई।
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सिविल अस्पताल में दिवाली मनाई
सिविल अस्पताल जगाधरी में महावीर दल धर्मार्थ सेवा समिति के संरक्षक डा. घनश्याम दास गर्ग व मौदगिल परिवार के सहयोग से अस्पताल में मरीजों के साथ दिवाली मनाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान ताराचंद उपाध्याय ने की। सबसे पहले हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। सिविल अस्पताल के डा. हर्ष सिमरन ने मरीजों को फल वितरित किए। मौके पर दल के कैप्टन जगवीर सिंह पहलवान, बंता सिंह, गुरनाम कश्यप, लक्ष्मण, नरेंद्र गुप्ता, सुशील राणा, सुरेश अरोड़ा व संजीव वर्मा मौजूद रहे।