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देश और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित हैं संत : महेशाश्रम
Sun, 24 Aug 2025 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 24 Aug 2025 11:51 PM IST
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प्रवचन करते दंडी स्वामी महेशाश्रम महाराज। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। शहर के पक्का घाट स्थित श्रीनागेश्वर धाम मंदिर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा कराई जा रही है। कथा के पहले दिन रविवार को दंडी स्वामी महेशाश्रम महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा कि जब जब देश के ऊपर अधर्मियों व आक्रांताओं का प्रहार हुआ, तब तब भारत के संतों ने अपने तप, साधना के प्रभाव को देश की रक्षा व धर्म की रक्षा के लिए समर्पित किया है।
त्रेता में भगवान श्रीराम को राक्षसों पर विजय के लिए महान तपस्वी विश्वामित्र, वशिष्ठ व ऋषि अगस्त ने अपने तप रूपी शक्तियों को अस्त्र-शस्त्र बनाकर समर्पित किए। आज के समय में भी हमारे देश के सभी संतों को देश की रक्षा व सेना के जवानों के आत्मबल जागृति के लिए समर्पित भावना से अपनी शक्तियां प्रदान करने की आवश्यकता है।
दंडी स्वामी महेशाश्रम ने संकल्प किया है कि वह अपने चातुर्मास व्रत की सभी अनुष्ठान जैसे कि पूरे श्रावण मास में 21 ब्राह्मणों द्वारा किया गया महामृत्युंजय जाप, भगवान नागेश्वर का पूरे मास का अभिषेक व शृंगार आदि अपने द्वारा किए गए संपूर्ण साधना का फल उन वीर जवानों के प्रति समर्पित करते हैं, जिससे हमारे देश के जवानों का आत्मबल जागृत हो और उग्रवाद का फैक्ट्री बना पाकिस्तान का विनाश हो।
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रादौर। शहर के पक्का घाट स्थित श्रीनागेश्वर धाम मंदिर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा कराई जा रही है। कथा के पहले दिन रविवार को दंडी स्वामी महेशाश्रम महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा कि जब जब देश के ऊपर अधर्मियों व आक्रांताओं का प्रहार हुआ, तब तब भारत के संतों ने अपने तप, साधना के प्रभाव को देश की रक्षा व धर्म की रक्षा के लिए समर्पित किया है।
त्रेता में भगवान श्रीराम को राक्षसों पर विजय के लिए महान तपस्वी विश्वामित्र, वशिष्ठ व ऋषि अगस्त ने अपने तप रूपी शक्तियों को अस्त्र-शस्त्र बनाकर समर्पित किए। आज के समय में भी हमारे देश के सभी संतों को देश की रक्षा व सेना के जवानों के आत्मबल जागृति के लिए समर्पित भावना से अपनी शक्तियां प्रदान करने की आवश्यकता है।
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दंडी स्वामी महेशाश्रम ने संकल्प किया है कि वह अपने चातुर्मास व्रत की सभी अनुष्ठान जैसे कि पूरे श्रावण मास में 21 ब्राह्मणों द्वारा किया गया महामृत्युंजय जाप, भगवान नागेश्वर का पूरे मास का अभिषेक व शृंगार आदि अपने द्वारा किए गए संपूर्ण साधना का फल उन वीर जवानों के प्रति समर्पित करते हैं, जिससे हमारे देश के जवानों का आत्मबल जागृत हो और उग्रवाद का फैक्ट्री बना पाकिस्तान का विनाश हो।
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