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Yamuna Nagar News: गेहूं की पेमेंट में कटौती का विरोध, सड़कें करेंगे जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2023 01:35 AM IST
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Protest against reduction in payment of wheat, roads will be jammed
अनाज मंडियों में गेहूं की आवक ने जोर पकड़ लिया है। वहीं केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पत्र के अनुसार किसान अनाज मंडियों में जो गेहूं बेचेगा उसमें यदि पिचका व टूटा हुआ दाना ज्यादा होगा तो उसकी एवज में किसानों की पेमेंट से कटौती की जाएगी। यह कटौती प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम 5 रुपये 31 पैसे से लेकर अधिकतम 31 रुपये 87 पैसे प्रति क्विंटल होगी। जैसे ही इन आदेशों के बारे में किसानों को पता चला तो वह इसके विरोध में उतर आए। किसानों ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) ने 13 अप्रैल को जिले की सभी अनाज मंडियों के सामने सड़क जाम करने की घोषणा कर दी। किसानों के इस निर्णय से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
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भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुदियाना की अध्यक्षता में मंगलवार को जगाधरी अनाज मंडी में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें मंडी एसोसिएशन के प्रधान मुनीश कांबोज ने भी हिस्सा लिया। संजू गुदियाना ने कहा कि केंद्र सरकार सरकार किसान को बर्बाद करना चाहती है। सरकार ने जो पत्र जारी किया है उसके अनुसार यदि किसान द्वारा बेचे गए गेहूं का दाना सिकुड़ा व टूटा हुआ है तो उसकी राशि किसान को की जाने वाली पमेंट में से काटी जाएगी। 6 प्रतिशत दाना सिकुड़ा होने या टूटने पर पेमेंट से कोई कटौती नहीं होगी। लेकिन 6 से 8 प्रतिशत पर 5.31 रुपये, 8 से 10 प्रतिशत पर 10.62 रुपये, 10 से 12 प्रतिशत पर 15.93 रुपये, 12 से 14 प्रतिशत पर 21.25 रुपये, 14 से 16 प्रतिशत पर 26.56 रुपये और 16 से 18 प्रतिशत पर अधिकतम 31.87 रुपये प्रति क्विंटल की दर से काटे जाएंगे। इसलिए भाकियू ने 13 अप्रैल को सभी अनाज मंडियों के आगे सड़क जाम करने का निर्णय लिया है। संजू ने कहा कि इस कटौती को किसान बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत सरकार किसानों से खेती छुड़वाना चाहती है। फसल खरीद में अनेक प्रकार की शर्तें लगाकर खरीद से भागना चाहती है। अबकी बार गेहूं की फसल अच्छी पैदावार हुई है लेकिन सरकार खरीदने में आनाकानी कर रही है। अगर किसी किसान की गेहूं में किसी भी प्रकार का कोई डैमेज नहीं है तो उसको भी जिले के किसानों को 10 प्रतिशत के हिसाब से सरकार को काट देना पड़ेगा। अगर सरकार बुधवार तक जारी किए गए आदेश को वापस नहीं लेती तो 13 अप्रैल को सभी अनाज मंडियों के आगे रोड को जाम किया जाएगा। मौके पर भाकियू जिला महासचिव गुरवीर सिंह, जगाधरी ब्लॉक प्रधान कृष्णपाल, वीरा राम, माया राम, महेंद्र सिंह, जगाधरी अनाज मंडी प्रधान मनीष कांबोज उपस्थित रहे।
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भारतीय किसान यूनियन (रतनमान) के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि गेहूं खरीद को लेकर सरकार एमएसपी खरीद में किसानों के लिए नए तुगलकी फरमान जारी कर रही है। सरकार किसानों को बर्बाद करना चाहती है। पहले ही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं खत्म हो चुकी है। जहां एक तरफ किसान बोनस की मांग कर रहा है। वहीं सरकार ने पेमेंट में कटौती करने के आदेश जारी कर किसान के साथ धोखा किया है। सरकार के हर तुगलकी फरमान का भाकियू डटकर विरोध करेगी। मौके पर महिंद्र सुडैल, राजीव तेजली, नीटू, पवन गोयल दामला मौजूद रहे।
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