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कार्यक्रम अधिकारी के घेराव की चेतावनी
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अनाजमंडी में धरना-प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से बकाया वेतन व अन्य समस्याओं को लेकर की जा रही हड़ताल बुधवार को 15वें दिन भी जारी रही। संगठन की पदाधिकारियों ने तीन महीने का वेतन जारी व समस्याओं का समाधान करने के लिए कार्यक्रम अधिकारी को चार दिन का समय दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान वेतन जारी कर अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया गया कार्यक्रम अधिकारी का घेराव किया जाएगा।
जिला प्रधान रेखा सैनी ने कहा कि सरकार शायद आंदोलन को हल्के में ले रही है। हम आज कोई नया आंदोलन नहीं कर रहे हैं। जब हमारा वेतन 100 रुपये महीना था, तब से हम अपने हकों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब सरकार को जगाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आरपार की लड़ाई का मन बना चुकी हैं। सरकार पोषण ट्रैकर के बहाने सभी बच्चों का डाटा जुटाकर उनके खाते में सीधे पैसे भेज विभाग समाप्त करना चाहती है।
सरकार ने धीरे-धीरे गैस की सब्सिडी खत्म कर दी है। इसी तरह बच्चों के खाते में पैसे देना भर बंद कर दिया जाएगा। वहीं नई शिक्षा नीति के तहत पहली से पांचवीं के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाया जाएगा, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसके लिए कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती वे आंदोलन जारी रखेंगे। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान महिपाल सौढे, सीटू जिला कोषाध्यक्ष रामकुमार कांबोज, विनोद त्यागी, जोत सिंह, रोशन लाल, दया, पुष्पा, पूनम, भागो देवी, नीलम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
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यमुनानगर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से बकाया वेतन व अन्य समस्याओं को लेकर की जा रही हड़ताल बुधवार को 15वें दिन भी जारी रही। संगठन की पदाधिकारियों ने तीन महीने का वेतन जारी व समस्याओं का समाधान करने के लिए कार्यक्रम अधिकारी को चार दिन का समय दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान वेतन जारी कर अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया गया कार्यक्रम अधिकारी का घेराव किया जाएगा।
जिला प्रधान रेखा सैनी ने कहा कि सरकार शायद आंदोलन को हल्के में ले रही है। हम आज कोई नया आंदोलन नहीं कर रहे हैं। जब हमारा वेतन 100 रुपये महीना था, तब से हम अपने हकों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब सरकार को जगाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आरपार की लड़ाई का मन बना चुकी हैं। सरकार पोषण ट्रैकर के बहाने सभी बच्चों का डाटा जुटाकर उनके खाते में सीधे पैसे भेज विभाग समाप्त करना चाहती है।
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सरकार ने धीरे-धीरे गैस की सब्सिडी खत्म कर दी है। इसी तरह बच्चों के खाते में पैसे देना भर बंद कर दिया जाएगा। वहीं नई शिक्षा नीति के तहत पहली से पांचवीं के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाया जाएगा, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसके लिए कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती वे आंदोलन जारी रखेंगे। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान महिपाल सौढे, सीटू जिला कोषाध्यक्ष रामकुमार कांबोज, विनोद त्यागी, जोत सिंह, रोशन लाल, दया, पुष्पा, पूनम, भागो देवी, नीलम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
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