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प्रशिक्षण शिविर में मंत्रियों के पहुंचने से पहले किसानों ने किया हंगामा, काले झंडे दिखाकर जताया विरोध
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- फोटो : Yamuna Nagar
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भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में केंद्रीय राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया और शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर के पहुंचने की सूचना पर दर्जनों किसान कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। यहां उन्होंने काले झंडे लहराकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लेकिन दोनों ही मंत्री कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। ऐसे में शिविर के विशिष्ट अतिथि यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, जिलाध्यक्ष राजेश सपरा अपना सत्र खत्म करके पिछले गेट से निकल गए। इस दौरान पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन सभी प्रयास व्यर्थ रहे। किसान पुलिस बेरिकेटिंग तोड़कर कार्यक्रम स्थल के गेट तक पहुंच गए। वहीं किसानों ने गेट पर ही धरना दे दिया। करीब डेढ़ घंटे तक किसान गेट पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेताओं के चले जाने की सूचना पर किसान शांत हुए और फिर लौट गए। स्थिति बिगड़ती देख तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, डीएसपी मौके पर पहुंच गए और किसानों के जाने के बाद लौटे।
भाजपा का लक्ष्मी नारायण मंदिर में मंडल प्रशिक्षण शिविर चल रहा था। जिसमें सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी पहुंचने लगे। वहीं शिविर में यमुनानगर विधायक व जिलाध्यक्ष राजेश सपरा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंच गए। कार्यक्रम शुरू हो चुका था। शिविर में केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया, प्रदेश शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर के आने की सूचना थी। यह सूचना जैसे ही भारतीय किसान यूनियन को पहुंची तो दर्जनों किसान वहां जुटने शुरू हो गए। भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर, किसान नेता सजीव सैनी, सतपाल मानकपुर, अनिल संधु के नेतृत्व में दर्जनों किसान एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड से मंदिर जाने के लिए रवाना हो गए। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार तरुण सोहोता, बिलासपुर डीएसपी आशीष चौधरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। हालांकि पुलिस पहले से ही तैनात थी, लेकिन किसानों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा। पुलिस ने कार्यक्रम स्थल से पहले ही बेरिकेटिंग कर किसानों को रोकने का प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं रूके। किसानों ने बेरिकेड तोड़ डाली और मंदिर की ओर बढ़ने लगे। अगले बेरिकेड पर डीएसपी और तहसीलदार ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। किसान लगातार नारेबाजी कर बेरिकेड से आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। स्थिति गंभीर होता देख कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा। विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और जिलाध्यक्ष राजेश सपरा को पुलिस पिछले गेट से निकालकर ले गई। इस दौरान किसान कार्यक्रम स्थल के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। करीब डेढ़ घंटे तक किसानों ने नारेबाजी की और नेताओं के जाने के कुछ देर बाद वे भी चले गए।
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भाजपा का लक्ष्मी नारायण मंदिर में मंडल प्रशिक्षण शिविर चल रहा था। जिसमें सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी पहुंचने लगे। वहीं शिविर में यमुनानगर विधायक व जिलाध्यक्ष राजेश सपरा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंच गए। कार्यक्रम शुरू हो चुका था। शिविर में केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया, प्रदेश शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर के आने की सूचना थी। यह सूचना जैसे ही भारतीय किसान यूनियन को पहुंची तो दर्जनों किसान वहां जुटने शुरू हो गए। भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर, किसान नेता सजीव सैनी, सतपाल मानकपुर, अनिल संधु के नेतृत्व में दर्जनों किसान एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड से मंदिर जाने के लिए रवाना हो गए। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार तरुण सोहोता, बिलासपुर डीएसपी आशीष चौधरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। हालांकि पुलिस पहले से ही तैनात थी, लेकिन किसानों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा। पुलिस ने कार्यक्रम स्थल से पहले ही बेरिकेटिंग कर किसानों को रोकने का प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं रूके। किसानों ने बेरिकेड तोड़ डाली और मंदिर की ओर बढ़ने लगे। अगले बेरिकेड पर डीएसपी और तहसीलदार ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। किसान लगातार नारेबाजी कर बेरिकेड से आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। स्थिति गंभीर होता देख कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा। विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और जिलाध्यक्ष राजेश सपरा को पुलिस पिछले गेट से निकालकर ले गई। इस दौरान किसान कार्यक्रम स्थल के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। करीब डेढ़ घंटे तक किसानों ने नारेबाजी की और नेताओं के जाने के कुछ देर बाद वे भी चले गए।
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