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Yamuna Nagar News: मियाद पूरी कर चुकी सरकारी एंबुलेंस के हवाले मरीजों की जान

Mon, 26 Oct 2026 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 26 Oct 2026 01:58 AM IST
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Patients' lives left in the hands of government ambulances that have outlived their service life
यमुनानगर में मरीज को लेने जाती स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवा गाड़ियों की कमी और पुरानी एंबुलेंस के सहारे चल रही है। विभाग के पास कुल 19 एंबुलेंस हैं, लेकिन इनमें से केवल 13 ही सड़क पर दौड़ रही हैं। यह भी अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। सरकार की निर्धारित किलोमीटर से डेढ़ लाख किलोमीटर तक ज्यादा चल चुकी हैं।
वहीं तीन एंबुलेंस सड़क हादसों का शिकार होने के बाद इस्तेमाल से बाहर हैं, जबकि अन्य गाड़ियों की हालत भी काफी पुरानी बताई जा रही है। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। जिले में लंबे समय से नई एंबुलेंस की मांग की जा रही थी। पिछले दिनों विभाग को चार एंबुलेंस मिली थीं, लेकिन ये भी पुरानी थीं।
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इन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से हटाकर यमुनानगर भेजा गया था। ऐसे में जिले को नई एंबुलेंस मिलने का इंतजार बना हुआ है। फिलहाल नई गाड़ियां कब तक मिलेंगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के बेड़े में शामिल अधिकतर एंबुलेंस काफी पुरानी हो चुकी हैं। जर्जर हालत के कारण इनके संचालन में कई बार परेशानी आती है। आपात स्थितियों में मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है।
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दो दशक बाद मिलीं तीन एएलएस एंबुलेंस : जिले के स्वास्थ्य विभाग को वर्ष 2006 के बाद पहली बार तीन नई एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस पिछले दिनों मिली हैं। इन गाड़ियों में आधुनिक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हैं। इनकी मदद से अस्पताल ले जाते समय भी गंभीर मरीजों को आवश्यक उपचार दिया जा सकेगा। आंकड़ों के अनुसार पिछले साल एंबुलेंस सेवा के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास 18,442 कॉल आई थीं। इस साल अगस्त तक 4,690 कॉल दर्ज की जा चुकी हैं। सीमित एंबुलेंस के बीच समय से पहुंचना चुनौती बन सकता है।

जिले में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने और पुरानी गाड़ियों को बदलने की जरूरत है। धीरे-धीरे नई एंबुलेंस मिल रही हैं। जैसे-जैसे नई गाड़ियां आएंगी पुरानी को सड़कों से हटा दिया जाएगा। -डॉ. सुशीला सैनी, नोडल ऑफिसर आपात सेवाएं।
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