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मां का नहीं लगा कोई सुराग, मासूम को शिशु गृह भेजा
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जगाधरी सिविल अस्पताल में बच्ची को देखती बाल कल्याण समिति की टीम। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सिविल अस्पताल जगाधरी के आइसोलेशन वार्ड में नौ दिसंबर की रात को लावारिश हालत में मिली ढाई माह की बच्ची की मां का कोई सुराग नहीं लग पाया है। तब से बच्ची अस्पताल में ही डाक्टरों की निगरानी में थी। अब बच्ची बिल्कुल स्वस्थ है। बच्ची की मां व अन्य परिजनों को पता न चलने पर बाल कल्याण समिति व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे शिशु गृह पंचकूला भेज दिया गया। अब उसकी देखभाल शिशु गृह में ही की जाएगी।
बता दें कि नौ दिसंबर की रात को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में एक बच्ची लावारिश हालत में मिली। स्टाफ नर्स गुरप्रीत कौर ने वार्ड में बच्ची को रोते हुए देखा। बच्ची बिस्तर पर अकेली पड़ी थी। उसके वार्ड के बाहर खड़े लोगों से बच्ची के बारे में पूछा, लेकिन उसकी मां व अन्य परिजनों का कोई पता नहीं लगा। जिसके बाद रात को ही थाना शहर जगाधरी में सूचना दी गई थी। इसके साथ ही सूचना बाल कल्याण समिति को दी गई थी। मामले में स्टाफ नर्स गुरप्रीत कौर के बयान पर केस दर्ज किया गया था।
पुलिस ने जांच पड़ताल की, लेकिन कोई बच्ची के वारिसों के बारे में कोई पता नहीं लग सका। इस दौरान बच्ची को अस्पताल में ही डाक्टरों की निगरानी में रखा गया था। चिकित्साधीक्षक डा. पूनम चौधरी ने बताया कि बच्ची अब पूरी तरह से स्वस्थ है। अब उसे बाल कल्याण समिति व स्वास्थ्य विभाग की टीम शिशु गृह पंचकूला भेज दिया गया है। जहां पर उसका पालन पोषण किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी कारणवश कोई बच्चे का पालन पोषण करने में समर्थ नहीं है, तो वह बच्चे को अस्पताल में बने पालना में रख सकता है। उसे इधर उधर न फेंके।
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यमुनानगर। सिविल अस्पताल जगाधरी के आइसोलेशन वार्ड में नौ दिसंबर की रात को लावारिश हालत में मिली ढाई माह की बच्ची की मां का कोई सुराग नहीं लग पाया है। तब से बच्ची अस्पताल में ही डाक्टरों की निगरानी में थी। अब बच्ची बिल्कुल स्वस्थ है। बच्ची की मां व अन्य परिजनों को पता न चलने पर बाल कल्याण समिति व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे शिशु गृह पंचकूला भेज दिया गया। अब उसकी देखभाल शिशु गृह में ही की जाएगी।
बता दें कि नौ दिसंबर की रात को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में एक बच्ची लावारिश हालत में मिली। स्टाफ नर्स गुरप्रीत कौर ने वार्ड में बच्ची को रोते हुए देखा। बच्ची बिस्तर पर अकेली पड़ी थी। उसके वार्ड के बाहर खड़े लोगों से बच्ची के बारे में पूछा, लेकिन उसकी मां व अन्य परिजनों का कोई पता नहीं लगा। जिसके बाद रात को ही थाना शहर जगाधरी में सूचना दी गई थी। इसके साथ ही सूचना बाल कल्याण समिति को दी गई थी। मामले में स्टाफ नर्स गुरप्रीत कौर के बयान पर केस दर्ज किया गया था।
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पुलिस ने जांच पड़ताल की, लेकिन कोई बच्ची के वारिसों के बारे में कोई पता नहीं लग सका। इस दौरान बच्ची को अस्पताल में ही डाक्टरों की निगरानी में रखा गया था। चिकित्साधीक्षक डा. पूनम चौधरी ने बताया कि बच्ची अब पूरी तरह से स्वस्थ है। अब उसे बाल कल्याण समिति व स्वास्थ्य विभाग की टीम शिशु गृह पंचकूला भेज दिया गया है। जहां पर उसका पालन पोषण किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी कारणवश कोई बच्चे का पालन पोषण करने में समर्थ नहीं है, तो वह बच्चे को अस्पताल में बने पालना में रख सकता है। उसे इधर उधर न फेंके।
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