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किसानों को बर्बाद करने के लिए सरकार कई नए कानून ला रही है : राकेश टिकैत
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Government is bringing many new laws to destroy farmers: Rakesh Tikait
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यमुनानगर में कहा कि तीन कृषि कानूनों के बाद केंद्र सरकार किसानों को पूरी तरह से बर्बाद करने के लिए कृषि क्षेत्र के लिए कुछ और नए खतरनाक कानून बनाने की योजना पर काम कर रही है। सरकार नया सीड कानून बनाने के अलावा दूसरे देशों को दूध सप्लाई करने के एग्रीमेंट पर काम करने जा रही है। सरकार के इस कदम से किसानों से जुड़ा डेयरी व्यवसाय भी पूरी तरह से तबाह हो जाएगा। शुरू में बाहर की कंपनियां 20 रुपये प्रति किग्रा. के भाव पर दूध बेचेेंगी और जब दो-तीन साल में डेयरी उद्योग खत्म हो जाएगा, तब तीन सौ रुपये प्रति किग्रा. दूध दिया जाएगा।
राकेश टिकैत बुधवार को हिमाचल के पावंटा साहिब में आयोजित किसान महापंचायत में जाते समय कलानौर गांव में एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसान विरोधी कानूनों को लेकर लड़ाई आरपार की है। सरकार किसान आंदोलन को शाहीन बाग आंदोलन समझने की भूल न करें। कोरोना की सभी गाइडलाइन के साथ आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि देशभर में किसान भाजपा के प्रत्येक नेता को खट्टर बना देंगे और उन्हें अपने ही राज्य में सभा नहीं करने देंगे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री को उनके प्रदेश में ही सभा नहीं करने दी गई, इसलिए वे अपने पद से इस्तीफा देने का काम करें। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकार के साथ वार्ता का दौर बंद पड़ा हुआ है, लेकिन हम सरकार से बातचीत के लिए कॉल नहीं करेंगे। यदि सरकार कॉल करती है तो उस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार नवंबर दिसंबत तक किसानों की बात मान जाएगी। हालांकि किसान तो साल 2023 तक आंदोलन करने का मूड बनाकर बैठे हैं। दीप सिद्धू और लक्खा के सवाल पर टिकैत ने कहा कि लाल किले पर बवाल के लिए भी सरकार जिम्मेदार है। किसानों को सरकार व पुलिस वहां लेकर गई थी। टिकैत ने तो यहां तक कह दिया कि लाल किला सरकार की संपत्ति नहीं है। सरकार ने तो लाल किला बेच दिया। अब लाल किला का मालिक एफआईआर दर्ज करवाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल होने वाले सभी लोगों का स्वागत है। हमें किसी के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष रतनमान, जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर समेत काफी संख्या में भाकियू पदाधिकारी मौजूद रहे।
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राकेश टिकैत बुधवार को हिमाचल के पावंटा साहिब में आयोजित किसान महापंचायत में जाते समय कलानौर गांव में एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसान विरोधी कानूनों को लेकर लड़ाई आरपार की है। सरकार किसान आंदोलन को शाहीन बाग आंदोलन समझने की भूल न करें। कोरोना की सभी गाइडलाइन के साथ आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि देशभर में किसान भाजपा के प्रत्येक नेता को खट्टर बना देंगे और उन्हें अपने ही राज्य में सभा नहीं करने देंगे।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री को उनके प्रदेश में ही सभा नहीं करने दी गई, इसलिए वे अपने पद से इस्तीफा देने का काम करें। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकार के साथ वार्ता का दौर बंद पड़ा हुआ है, लेकिन हम सरकार से बातचीत के लिए कॉल नहीं करेंगे। यदि सरकार कॉल करती है तो उस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार नवंबर दिसंबत तक किसानों की बात मान जाएगी। हालांकि किसान तो साल 2023 तक आंदोलन करने का मूड बनाकर बैठे हैं। दीप सिद्धू और लक्खा के सवाल पर टिकैत ने कहा कि लाल किले पर बवाल के लिए भी सरकार जिम्मेदार है। किसानों को सरकार व पुलिस वहां लेकर गई थी। टिकैत ने तो यहां तक कह दिया कि लाल किला सरकार की संपत्ति नहीं है। सरकार ने तो लाल किला बेच दिया। अब लाल किला का मालिक एफआईआर दर्ज करवाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल होने वाले सभी लोगों का स्वागत है। हमें किसी के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष रतनमान, जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर समेत काफी संख्या में भाकियू पदाधिकारी मौजूद रहे।
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