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Yamuna Nagar News: डाटा एंट्री ऑपरेटर और पूर्व प्रबंधक पर गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज

Thu, 05 Feb 2026 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 05 Feb 2026 03:05 AM IST
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FIR lodged against data entry operator and former manager on embezzlement charges
यमुनानगर। दी यमुनानगर जिला सहकारी श्रम एवं निर्माण प्रसंघ लिमिटेड के डाटा एंट्री ऑपरेटर अक्षय कुमार पर पूर्व प्रबंधक हरदेवेंद्र सिंह के साथ मिलकर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए संस्था के बैंक खातों से 10 लाख आठ हजार रुपये निकालने का आरोप लगा है। मामले के उजागर होने के बाद वर्तमान प्रबंधक राजकुमार की शिकायत पर गांधीनगर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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दी यमुनानगर जिला सहकारी श्रम एवं निर्माण प्रसंघ लिमिटेड के प्रबंधक राजकुमार व निदेशक राजबीर सिंह ने थाने में दी शिकायत में बताया कि अक्षय कुमार कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था और कार्यालय के दैनिक कामकाज के साथ बैंक खातों के संचालन, दस्तावेजों के रखरखाव और लेनदेन की पूरी जिम्मेदारी उसी के पास थी। जून 2025 में जब कार्यालय के खातों का ऑडिट कराने के उद्देश्य से यमुनानगर केंद्रीय सहकारी बैंक से बचत खाते की स्टेटमेंट मंगवाई गई तो वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि जुलाई 2024 से 2025 के बीच अक्षय कुमार ने पूर्व प्रबंधक हरदेवेंद्र सिंह के साथ प्रबंधन और निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर किए और करीब 10 लाख आठ हजार रुपये की राशि खाते से निकाल ली।
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नियमों के अनुसार किसी भी राशि की निकासी के लिए अधिकृत हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज और प्रस्ताव पास कराकर उन्होंने बैंक से रुपये ले लिए। मामला सामने आने पर अक्षय कुमार को नोटिस दिया गया। इसके बाद उसने डेढ़ लाख रुपये बैंक खाते में जमा कराए। इसके अलावा चार लाख 90 हजार रुपये का चेक अपनी मां के अकाउंट से दिया लेकिन खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इससे गबन की राशि वापस करने की मंशा पर भी सवाल उठे हैं। जांच के दौरान एक अन्य बैंक खाते में भी अनियमितता की आशंका सामने आई। पासबुक अपडेट कराने पर केवाईसी अपडेट न होने की बात सामने आई, जिससे संदेह और गहरा गया। आरोप है कि दोनों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बदलवाने की कोशिश भी की, ताकि निकासी में कोई बाधा न आए।
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वर्जन:
मामले की प्रारंभिक जांच में गबन की पुष्टि हुई है और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। इसके लिए उक्त कार्यालय से रिकॉर्ड मांगा गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- राजपाल, इंस्पेक्टर, थाना गांधी नगर।
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