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Yamuna Nagar News: निजी अस्पताल में महिला बैंककर्मी की मौत के बाद परिजनों का हंगामा
Fri, 29 May 2026 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 29 May 2026 01:07 AM IST
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एकता। फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रेलवे रोड स्थित जेपी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला बैंक कर्मचारी की मौत हो गई। इससे गुस्साएं परिजनों ने वीरवार को अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर व अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है।
परिजनों के अनुसार आजाद नगर निवासी 28 वर्षीय एकता दिल्ली में एचडीएफसी बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत थीं और नौ माह की गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें बुधवार को रेलवे रोड स्थित जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन किया। आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही एकता की तबीयत बिगड़ गई।
इसके बाद बाद शाम करीब पांच बजे एकता को एम्बुलेंस के जरिए मोहाली स्थित फोर्टिज ले जाया जा रहा था। थाना छप्पर के पास उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन भड़क उठे और अस्पताल में हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण एकता की जान गई है।
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सिटी थाना पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट आने पर कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं यमुनानगर सिटी थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है, पोस्टमार्टम व स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एकता के पति चिराग की मौसी प्रतिभा ने आरोप लगाया है कि ऑपरेशन के बाद एकता की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों ने दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से भी फोन पर बातचीत कर सलाह ली। इसके बाद एकता को मोहाली रेफर करने का निर्णय लिया गया। हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उसे रेफर करने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा दिया। समय रहते बेहतर इलाज मिलता तो एकता की जान बच सकती थी।
एक साल पहले हुई थी एकता की शादी
अंबाला निवासी एकता की करीब एक साल पहले यमुनानगर के आजाद नगर निवासी चिराग अरोड़ा से शादी हुई थी। चिराग दिल्ली में कार एसेसरीज का कारोबार करते है, जबकि एकता भी दिल्ली में एक निजी बैंक में नौकरी करती थी। शादी के बाद दोनों दिल्ली में ही रह रहे थे। परिजनों के अनुसार गर्भावस्था के चलते एकता करीब दो माह पहले यमुनानगर आकर रहने लगी थी। परिवार में बच्चे के जन्म को लेकर खुशी का माहौल था, लेकिन सिजेरियन ऑपरेशन के बाद उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
एंबुलेंस में सफाई कर्मचारी को भेजने का आरोप
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब एकता को मोहाली रेफर किया गया, तब एंबुलेंस में किसी डॉक्टर या प्रशिक्षित मेडिकल टीम को साथ नहीं भेजा गया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने एकता के साथ केवल एक सफाई कर्मचारी को भेज दिया। परिजनों ने इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सिजेरियन ऑपरेशन के बाद मरीज को अधिक ब्लीडिंग हो रही थी, जिसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए गए। परिजनों को लगातार मरीज की स्थिति की जानकारी दी जाती रही। रेफर करने से पहले जरूरी उपचार दिया गया था और एंबुलेंस में मरीज के साथ एक्सपर्ट मेडिकल स्टाफ भी भेजा गया था। - डॉक्टर ममता, गायनाकोलॉजिस्ट जेपी अस्पताल।
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यमुनानगर। रेलवे रोड स्थित जेपी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला बैंक कर्मचारी की मौत हो गई। इससे गुस्साएं परिजनों ने वीरवार को अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर व अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है।
परिजनों के अनुसार आजाद नगर निवासी 28 वर्षीय एकता दिल्ली में एचडीएफसी बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत थीं और नौ माह की गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें बुधवार को रेलवे रोड स्थित जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन किया। आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही एकता की तबीयत बिगड़ गई।
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इसके बाद बाद शाम करीब पांच बजे एकता को एम्बुलेंस के जरिए मोहाली स्थित फोर्टिज ले जाया जा रहा था। थाना छप्पर के पास उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन भड़क उठे और अस्पताल में हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण एकता की जान गई है।
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सिटी थाना पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट आने पर कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं यमुनानगर सिटी थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है, पोस्टमार्टम व स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एकता के पति चिराग की मौसी प्रतिभा ने आरोप लगाया है कि ऑपरेशन के बाद एकता की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों ने दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से भी फोन पर बातचीत कर सलाह ली। इसके बाद एकता को मोहाली रेफर करने का निर्णय लिया गया। हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उसे रेफर करने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा दिया। समय रहते बेहतर इलाज मिलता तो एकता की जान बच सकती थी।
एक साल पहले हुई थी एकता की शादी
अंबाला निवासी एकता की करीब एक साल पहले यमुनानगर के आजाद नगर निवासी चिराग अरोड़ा से शादी हुई थी। चिराग दिल्ली में कार एसेसरीज का कारोबार करते है, जबकि एकता भी दिल्ली में एक निजी बैंक में नौकरी करती थी। शादी के बाद दोनों दिल्ली में ही रह रहे थे। परिजनों के अनुसार गर्भावस्था के चलते एकता करीब दो माह पहले यमुनानगर आकर रहने लगी थी। परिवार में बच्चे के जन्म को लेकर खुशी का माहौल था, लेकिन सिजेरियन ऑपरेशन के बाद उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
एंबुलेंस में सफाई कर्मचारी को भेजने का आरोप
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब एकता को मोहाली रेफर किया गया, तब एंबुलेंस में किसी डॉक्टर या प्रशिक्षित मेडिकल टीम को साथ नहीं भेजा गया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने एकता के साथ केवल एक सफाई कर्मचारी को भेज दिया। परिजनों ने इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सिजेरियन ऑपरेशन के बाद मरीज को अधिक ब्लीडिंग हो रही थी, जिसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए गए। परिजनों को लगातार मरीज की स्थिति की जानकारी दी जाती रही। रेफर करने से पहले जरूरी उपचार दिया गया था और एंबुलेंस में मरीज के साथ एक्सपर्ट मेडिकल स्टाफ भी भेजा गया था। - डॉक्टर ममता, गायनाकोलॉजिस्ट जेपी अस्पताल।

एकता। फाइल फोटो

एकता। फाइल फोटो