फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Effort to stop the flow of Yamuna, danger of flood

Yamuna Nagar News: यमुना का बहाव रोकने का प्रयास, बाढ़ का खतरा

Sat, 23 Mar 2024 05:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 23 Mar 2024 05:06 PM IST
विज्ञापन
Effort to stop the flow of Yamuna, danger of flood
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

प्रतापनगर। पिछले कुछ दिनों से कलेसर स्थित यमुना का बहाव रोकने का प्रयास किया जा रहा हैं। कुछ लोग अपनी जमीन समतल करने के लिए एक तरफ जहां यमुना की खोदाई कर रहे हैं, वहीं सिंचाई विभाग द्वारा लगाए ब्लॉक व पटरियां भी क्षतिग्रस्त कर दीं। जिस कारण यमुना के किनारे विभिन्न स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यमुना के किनारे क्षतिग्रस्त होने से साथ लगते गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
कलेसर गांव में यमुना के बीच में कुछ लोग जेसीबी मशीन व पोकलेनों से खोदाई कर अपनी जमीन समतल कर रहे हैं। यहां खोदाई कर यमुना का प्रवाह मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में सैकड़ों गांवों की जमीनों व आबादी कोे इसका खतरा हो गया है। यदि समय पर यमुना का बहाव न खोला गया, तो भयंकर तबाही हो सकती है। हर वर्ष शिवालिक की पहाड़ियों में सिंचाई विभाग की ओर से नहर किनारे बांधना, पत्थरों की पेचिंग लगाना व पटरी बांधना इत्यादि कार्य पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं।
विज्ञापन

हर सीजन में होने वाले करोड़ों रुपये के कार्यों के बाद भी बाढ़ से नुकसान होता है। क्षेत्र के रामवीर, मोहनलाल, इरफान, साजिद अली, विकास, विचित्र व अन्यों ने कहा कि सिंचाई विभाग की तरफ से नदी, नालों, नहर, यमुना के किनारों के निर्माण व मरम्मत पर हर वर्ष करोड़ों रुपये के स्टड बांधना, पत्थरों की पेकिंग वह अन्य कामों के लिए मिलते हैं। लेकिन इसका लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिंचाई विभागों के कार्यों की जांच करने पर कई बार उनके ब्लॉक के सैंपल फेल हो चुके हैं। ठेकेदार करवाए जा रहे मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता जांचना भी विभाग का काम है। लेकिन अधिकारी ठेकेदार के प्रति नरम रवैया रखते हैं और खानापूर्ति करते हैं। जबकि गुणवत्ता जांच के बाद ही भुगतान किया जाना चाहिए। कलेसर, हथिनीकुंड सहित जिन जगहों पर मरम्मत कार्य होने हैं। उन कार्यों की सैंपलिंग के बाद ही पेमेंट की जाए, ताकि जनता निधि का नुकसान न हो।


इस बारे में सिंचाई विभाग के एक्सईएन गुरविंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने हालही में कार्य भार संभाला है। वह जल्दी ही कलेसर व अन्य स्थानों का मौका कर आला अधिकारियों को रिपोर्ट देंगे। सिंचाई विभाग में होने वाले कामों में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतने दी जाएगी। जल्दी ही सभी ठेकेदारों की बैठक ली जाएगी। जिनके काम में कमी होगी वह दूर करवाई जाएगी या कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed