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निकले थे मामा के लडक़े को घुमाने, नहाते हुए यमुना नदी में खनन माफिया ने बनाए कुंड समाए, दो की मौत एक बचा
Updated Tue, 05 Jun 2018 01:28 AM IST
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निकले थे मामा के लड़के को घुमाने, नहाते हुए यमुना नदी में खनन माफिया के बनाए कुंड में समाए, दो की मौत एक बचा
नया गांव के रहने वाले दोनों दोस्त है पड़ोसी, गांव से चार किलोमीटर दूर यमुना नदी में नहाने
मृतक निशांत ने हाल ही में मेडिकल साइंस से की थी 12वीं पास, जतिन से 10वीं
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। यमुना नदी में बाकरपुर घाट पर चार किलोमीटर दूर से नहाने गए नयागांव निवासी निशांत (18) व जतिन (16) खनन माफिया द्वारा बनाए कुंड में डूब गए। निशांत छुट्टियों में आए मामा के लड़के दीपांशू को घूमाने के लिए जतिन के साथ बाइक पर निकला था। घूमते हुए तीनों यमुना नदी पर आकर नहाने लगे। निशांत के मामा के बेटे दीपांशू ने दोनों दोस्तों के डूबने की सूचना गांव में दी। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने यमुना नदी पर पहुंच कर डूबे लड़कों की यमुना में तलाश की। नया गांव में रिश्तेदारी में आए गोताखोर फतेहगढ़ निवासी यशपाल व जोगिंद्र ने नदी में कुंड की तलहटी में समाए दोनों लड़कों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक उनकी सांस थम चुकी थी। दोनों को प्राइवेट वाहनों की मदद से ट्रॉमा सेंटर लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उनकी मौत होने की पुष्टि की। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
देखते ही देखते कुंड में समा गए दोनों दोस्त : दीपांशू ने बताया कि नहाते हुए जतिन व निशांत नदी में बने कुंड की तरफ चले गए। जबकि वह कम पानी में खड़ा रहा। कुंड की तरफ जाते ही दोनों डूबने लगे और पानी में हाथ मारने लगे। उसके देखते ही देखते कुछ ही देर में दोनों कुंड के पानी में समा गए।
15 फुट नीचे तलहटी से निकाला शवों को : बता दें कि यमुना नदी में रविवार को ही पहाड़ों पर बरसात होने से पानी आया था। फतेहगढ़ निवासी यशपाल ने नदी में लड़कों के डूबने की सूचना पर मौके पर पहुंचा। उसने गांव के ही जोगिंद्र के साथ मिलकर नदी में लड़कों की तलाश की। नदी में कुंड की तलहटी में करीब 15 फुट नीचे निशांत मिला। उन्होंने उसके शव को बाहर निकाला। इसके बाद उन्होंने फिर कुंड में जतिन की तलाश शुरू की। निशांत के शव मिलने वाले स्थान से करीब 10-15 मीटर की दूरी पर जतिन का शव बरामद किया गया। इस दौरान यशपाल के पांव पर पत्थर लगने से चोट भी लग गई।
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खनन माफिया ने बनाए इतने गहरे कुंड की हाथी समा जाए : ग्रामीणों ने बताया कि यमुना नदी में बाकरपुर घाट का ठेका नहीं हुआ है। जब नदी में पानी नहीं था, तब खनन माफिया द्वारा जेसीबी की मदद यहां से अवैध खनन किया जाता था। खनन माफिया द्वारा नदी की सीना चीर कर बहुत गहरे गहरे कुंड बना रखे है। यदि इनमें हाथी गिर जाए तो वह भी समा जाए।
बाकरपुर के पास नदी में दो लड़कों के डूबने की सूचना पर मौके पर पहुंचा था। दोनों लड़कों की तलाश कर उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। नहाते समय दोनों लड़के डूबे हैं।
- एसआई बलराज, एसएचओ, थाना बुड़िया
साइड स्टोरी
काफी मन्नतों के बाद हुआ था जतिन का जन्म
यमुनानगर। यमुना नदी में डूबा जतिन नयागांव निवासी महेंद्र पाल व उसकी पत्नी उषा देवी की इकलौती संतान थी। शादी के करीब 15 साल तक उषा देवी के पास कोई संतान नहीं हुई। इसके लिए दंपति ने खूब भाग दौड़ की। कई जगह उपचार कराया। लेकिन बात नहीं बनी। इस दौरान दंपति ने कई धार्मिक स्थानों पर जाकर भी मन्नतें मांगी और पीजीआई में उपचार करवाया। दंपति की शादी के करीब 15 साल बाद घर में जतिन ने जन्म लिया था। इकलौते बेटे को दंपति ने खूब लाड प्यार से पालन पोषण किया। हाल ही में जतिन 10वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। इकलौते बेटे के डूबने की सूचना से माता पिता टूट गए। मां उषा उषा देवी बार-बार एक ही गुहार लगा रही थी, उसे उसके बेटे से मिला दो।
फॉरेंसिक साइंस में एडमिशन के लिए निशांत को आज जाना था करनाल
नदी में डूबे युवक निशांत कांबोज ने हाल ही में 64 प्रतिशत अंकों के साथ मेडिकल स्ट्रीम से 12वीं कक्षा पास की थी। हाल ही में वह चंडीगढ़ में प्रवेश परीक्षा देकर आया था। मंगलवार को ही वह करनाल के मुकंद लाल मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक साइंस में एडमिशन कराने के लिए जाता। इसके लिए उसने अपने सभी डॉक्यूमेंट संभाल कर रखे हुए थे और तैयारी की हुई थी। लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। निशांत का बड़ा भाई रोहित है। जो बीकॉम कर रहा है।
एक साथ उठी दो अर्थियां, नयागांव में मातम :
नयागांव में आसपड़ोस में हुए दो लड़कों की एक साथ मौत से गांव में मातम छा गया। पोस्टमार्टम के बाद करीब पांच बजे दोनों लडक़ों के शव गांव में पहुंचे। जैसे ही गांव में दोनों लड़कों के शव पहुंचे तो परिजनों ने विलाप करना शुरू कर दिया। एक ही गली में दोनों लड़कों की अर्थियां रखी गई और दोनों शवों को एक साथ ही श्मशान घाट ले जाया गया। जहां दोनों का संस्कार भी एक साथ किया गया। देर शाम तक गांव में मातम छाया हुआ था।
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नया गांव के रहने वाले दोनों दोस्त है पड़ोसी, गांव से चार किलोमीटर दूर यमुना नदी में नहाने
मृतक निशांत ने हाल ही में मेडिकल साइंस से की थी 12वीं पास, जतिन से 10वीं
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। यमुना नदी में बाकरपुर घाट पर चार किलोमीटर दूर से नहाने गए नयागांव निवासी निशांत (18) व जतिन (16) खनन माफिया द्वारा बनाए कुंड में डूब गए। निशांत छुट्टियों में आए मामा के लड़के दीपांशू को घूमाने के लिए जतिन के साथ बाइक पर निकला था। घूमते हुए तीनों यमुना नदी पर आकर नहाने लगे। निशांत के मामा के बेटे दीपांशू ने दोनों दोस्तों के डूबने की सूचना गांव में दी। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने यमुना नदी पर पहुंच कर डूबे लड़कों की यमुना में तलाश की। नया गांव में रिश्तेदारी में आए गोताखोर फतेहगढ़ निवासी यशपाल व जोगिंद्र ने नदी में कुंड की तलहटी में समाए दोनों लड़कों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक उनकी सांस थम चुकी थी। दोनों को प्राइवेट वाहनों की मदद से ट्रॉमा सेंटर लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उनकी मौत होने की पुष्टि की। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
देखते ही देखते कुंड में समा गए दोनों दोस्त : दीपांशू ने बताया कि नहाते हुए जतिन व निशांत नदी में बने कुंड की तरफ चले गए। जबकि वह कम पानी में खड़ा रहा। कुंड की तरफ जाते ही दोनों डूबने लगे और पानी में हाथ मारने लगे। उसके देखते ही देखते कुछ ही देर में दोनों कुंड के पानी में समा गए।
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15 फुट नीचे तलहटी से निकाला शवों को : बता दें कि यमुना नदी में रविवार को ही पहाड़ों पर बरसात होने से पानी आया था। फतेहगढ़ निवासी यशपाल ने नदी में लड़कों के डूबने की सूचना पर मौके पर पहुंचा। उसने गांव के ही जोगिंद्र के साथ मिलकर नदी में लड़कों की तलाश की। नदी में कुंड की तलहटी में करीब 15 फुट नीचे निशांत मिला। उन्होंने उसके शव को बाहर निकाला। इसके बाद उन्होंने फिर कुंड में जतिन की तलाश शुरू की। निशांत के शव मिलने वाले स्थान से करीब 10-15 मीटर की दूरी पर जतिन का शव बरामद किया गया। इस दौरान यशपाल के पांव पर पत्थर लगने से चोट भी लग गई।
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खनन माफिया ने बनाए इतने गहरे कुंड की हाथी समा जाए : ग्रामीणों ने बताया कि यमुना नदी में बाकरपुर घाट का ठेका नहीं हुआ है। जब नदी में पानी नहीं था, तब खनन माफिया द्वारा जेसीबी की मदद यहां से अवैध खनन किया जाता था। खनन माफिया द्वारा नदी की सीना चीर कर बहुत गहरे गहरे कुंड बना रखे है। यदि इनमें हाथी गिर जाए तो वह भी समा जाए।
बाकरपुर के पास नदी में दो लड़कों के डूबने की सूचना पर मौके पर पहुंचा था। दोनों लड़कों की तलाश कर उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। नहाते समय दोनों लड़के डूबे हैं।
- एसआई बलराज, एसएचओ, थाना बुड़िया
साइड स्टोरी
काफी मन्नतों के बाद हुआ था जतिन का जन्म
यमुनानगर। यमुना नदी में डूबा जतिन नयागांव निवासी महेंद्र पाल व उसकी पत्नी उषा देवी की इकलौती संतान थी। शादी के करीब 15 साल तक उषा देवी के पास कोई संतान नहीं हुई। इसके लिए दंपति ने खूब भाग दौड़ की। कई जगह उपचार कराया। लेकिन बात नहीं बनी। इस दौरान दंपति ने कई धार्मिक स्थानों पर जाकर भी मन्नतें मांगी और पीजीआई में उपचार करवाया। दंपति की शादी के करीब 15 साल बाद घर में जतिन ने जन्म लिया था। इकलौते बेटे को दंपति ने खूब लाड प्यार से पालन पोषण किया। हाल ही में जतिन 10वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। इकलौते बेटे के डूबने की सूचना से माता पिता टूट गए। मां उषा उषा देवी बार-बार एक ही गुहार लगा रही थी, उसे उसके बेटे से मिला दो।
फॉरेंसिक साइंस में एडमिशन के लिए निशांत को आज जाना था करनाल
नदी में डूबे युवक निशांत कांबोज ने हाल ही में 64 प्रतिशत अंकों के साथ मेडिकल स्ट्रीम से 12वीं कक्षा पास की थी। हाल ही में वह चंडीगढ़ में प्रवेश परीक्षा देकर आया था। मंगलवार को ही वह करनाल के मुकंद लाल मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक साइंस में एडमिशन कराने के लिए जाता। इसके लिए उसने अपने सभी डॉक्यूमेंट संभाल कर रखे हुए थे और तैयारी की हुई थी। लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। निशांत का बड़ा भाई रोहित है। जो बीकॉम कर रहा है।
एक साथ उठी दो अर्थियां, नयागांव में मातम :
नयागांव में आसपड़ोस में हुए दो लड़कों की एक साथ मौत से गांव में मातम छा गया। पोस्टमार्टम के बाद करीब पांच बजे दोनों लडक़ों के शव गांव में पहुंचे। जैसे ही गांव में दोनों लड़कों के शव पहुंचे तो परिजनों ने विलाप करना शुरू कर दिया। एक ही गली में दोनों लड़कों की अर्थियां रखी गई और दोनों शवों को एक साथ ही श्मशान घाट ले जाया गया। जहां दोनों का संस्कार भी एक साथ किया गया। देर शाम तक गांव में मातम छाया हुआ था।