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रेलवे रोड पर शव रखकर परिजनों ने काटा बवाल, मनाने में दो डीएसपी व छह एसएचओ के छूटे पसीने
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:53 AM IST
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रेलवे रोड पर शव रखकर परिजनों ने किया हंगामा, जाम लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। विष्णुनगर निवासी फाइनेंसकर्मी मनोज को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गुरुवार को परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने मनोज के शव को रेलवे रोड पर रखकर जाम लगा दिया, कतारबद्ध होकर परिजन सड़क के बीच बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पर दो डीएसपी और छह थानों के एसएचओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक जाम नहीं खोलने की बात पर अड़े रहे। इसके बाद डीएसपी ने एक आरोपी के गिरफ्तारी होने की जानकारी दी, लेकिन परिजन नहीं माने। इस पर डीएसपी खुद मृतक की पत्नी को लेकर सीआईए थाना गए और आरोपी को हवालात में दिखाया। इसके बाद परिजन शांत हुए और जाम खोला।
बता दें कि विष्णु नगर निवासी मनोज कुमार बुधवार को फंदे पर झूल गया था। उसका शव उसके घर में ग्रिल से फंदे पर लटका मिला था। मृतक के बिस्तर पर तकिए के नीचे सुसाइड नोट बरामद किया गया था। इसमें उसने फाइनेंस कंपनी के करनाल हेड तनुज मदाद, मेग्मा फाइनेंस कंपनी यमुनानगर के विशाल राणा और शहर थाना जगाधरी एसएचओ जसवंत सिंह को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने बुधवार देर शाम शव को कब्जे में लेकर शवगृह में रखवा दिया था और मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया था। वीरवार सुबह जब शव का पोस्टमार्टम कराया जाने लगा तो परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने यहां हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिजन पोस्टमार्टम हाउस के अंदर से शव को उठाकर रेलवे रोड पर आ गए। परिजनों ने यहां शव को सड़क के बीचोंबीच रख दिया और जाम लगा दिया। परिजन सड़क के दोनों ओर कतारबद्ध होकर खड़े हो गए। जिससे मार्ग पर दोनाें ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम लगने की सूचना मिलते ही डीएसपी मदन लाल, डीएसपी बिलासपुर रणधीर सिंह व कई थानों के एसएचओ पुलिस बल सहित मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। डीएसपी ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होने का आश्वासन दिया, मगर परिजन नहीं माने। बाद में डीएसपी मृतक की पत्नी को थाने ले गए और एक आरोपी को गिरफ्तार दिखाया, जिसकी जानकारी पर परिजन शांत हुए। इस दौरान करीब एक घंटे तक रेलवे रोड पर जाम लगा रहा। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक आरोपी को गिरफ्तार देखा तब संतोष मिला
रेलवे रोड पर जाम लगा रहे परिजनों पुलिस ने आश्वासन दिया कि उन्हाेंने करनाल निवासी तनुज को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन परिजनों को पुलिस की बात पर विश्वास नहीं हुआ। परिजनों का कहना था कि रात से ही पुलिस उन्हें बहला-फुसला रही थी कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद डीएसपी व थाना फर्कपुर प्रभारी राकेश कुमार मृतक की पत्नी अनुराधा व परिवार के सदस्यों को गिरफ्तारी पुख्ता करवाने के लिए सीआईए-1 में ले गए, जहां एक आरोपी को हवालात में देख मृतक की पत्नी को भरोसा हुआ।
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इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, कॉल डिटेल निकलवा रहे हैं
हवालात में एक आरोपी को गिरफ्तार देख परिजन शवगृह पर आकर दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने और एसएचओ जसवंत को सस्पेंड करने पर अड़ गए। इस बात को लेकर परिजनों ने फिर हंगामा कर दिया। परिजनों का कहना था कि उन्हें पुलिस पर विश्वास नहीं हैं, पुलिस इंस्पेक्टर जसवंत को केस से निकालना चाह रही है। आरोपी जसवंत को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसे सस्पेंड किया जाए। डीएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि जसवंत को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रहे है। जांच में दोषी पाए जाने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जाम खुलवाने में छूटे दो डीएसपी और कई एसएचओ के पसीने
जाम लगने की सूचना पर डीएसपी मदन लाल, डीएसपी बिलासपुर रणधीर सिंह, यातायात थाना प्रभारी निर्मल सिंह, थाना शहर यमुनानगर प्रभारी इंस्पेक्टर डा. सुनील, थाना सदर यमुनानगर प्रभारी गुरमेल सिंह, सीआईए-वन इंचार्ज नरेंद्र राणा, थाना फर्कपुर एसएचओ राकेश कुमार, महिला थाना प्रभारी कुलबीर कौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को काफी देर तक समझाया। परिजनों को समझाने में पुलिस अधिकारियाें के पसीने छूट गए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को सड़क से उठाकर शवगृह में रखवाया और उसका पोस्टमार्टम करवाया।
मृतक की बेटी ने केस में जुड़वाया एक और नाम
पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। वीरवार को मृतक की बेटी कनिका ने फाइनेंस कंपनी के स्टेट हेड का नाम भी शिकायत में दर्ज कराया। कनिका का आरोप है कि कंपनी का स्टेट हेड भी उसके पिता को बार-बार धमका रहा था, जिससे वह परेशान चल रहे थे। इन चारों से परेशान होकर ही उसके पिता ने सुसाइड किया।
कंपनी ने नहीं दिया कमीशन, बकाया है 20-25 लाख
मृतक की पत्नी अनुराधा ने बताया कि उसका पति मनोज कुमार फाइनेंस कंपनियों में रिकवरी का काम करता था। करीब 15-16 साल से वे डिफाल्टरों से रिकवरी का काम कर रहे थे। आरोप है कि बीते छह माह से उसके पति का कंपनी ने कमीशन नहीं दिया। उसके पति के कमीशन सहित लगभग 20-25 लाख रुपये कंपनी ने रोक रखे थे। जब उसके पति ने फाइनेंस कंपनी के मैनेजर तनुज मदान व विशाल राणा व स्टेट हेड से इन रुपयों की मांग की तो उन्हाेंने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी तनुज ने जगाधरी शहर एसएचओ जसवंत की ओर से केस दर्ज करवाने की धमकी दिलाई। जिससे परेशान होकर उसके पति ने आत्महत्या कर ली।
दोषी मिले तो इंस्पेक्टर होंगे गिरफ्तार
मामले में करनाल निवासी तनुज को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा आरोपी विशाल राणा व इंस्पेक्टर जसवंत को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इंस्पेक्टर जसवंत पर परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उसी आधार पर मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। उनके दोषी मिलने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। विशाल राणा की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाकर दबिश दी जा रहीं हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- राकेश कुमार, एसएचओ, थाना फर्कपुर।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। विष्णुनगर निवासी फाइनेंसकर्मी मनोज को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गुरुवार को परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने मनोज के शव को रेलवे रोड पर रखकर जाम लगा दिया, कतारबद्ध होकर परिजन सड़क के बीच बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पर दो डीएसपी और छह थानों के एसएचओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक जाम नहीं खोलने की बात पर अड़े रहे। इसके बाद डीएसपी ने एक आरोपी के गिरफ्तारी होने की जानकारी दी, लेकिन परिजन नहीं माने। इस पर डीएसपी खुद मृतक की पत्नी को लेकर सीआईए थाना गए और आरोपी को हवालात में दिखाया। इसके बाद परिजन शांत हुए और जाम खोला।
बता दें कि विष्णु नगर निवासी मनोज कुमार बुधवार को फंदे पर झूल गया था। उसका शव उसके घर में ग्रिल से फंदे पर लटका मिला था। मृतक के बिस्तर पर तकिए के नीचे सुसाइड नोट बरामद किया गया था। इसमें उसने फाइनेंस कंपनी के करनाल हेड तनुज मदाद, मेग्मा फाइनेंस कंपनी यमुनानगर के विशाल राणा और शहर थाना जगाधरी एसएचओ जसवंत सिंह को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने बुधवार देर शाम शव को कब्जे में लेकर शवगृह में रखवा दिया था और मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया था। वीरवार सुबह जब शव का पोस्टमार्टम कराया जाने लगा तो परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने यहां हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिजन पोस्टमार्टम हाउस के अंदर से शव को उठाकर रेलवे रोड पर आ गए। परिजनों ने यहां शव को सड़क के बीचोंबीच रख दिया और जाम लगा दिया। परिजन सड़क के दोनों ओर कतारबद्ध होकर खड़े हो गए। जिससे मार्ग पर दोनाें ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम लगने की सूचना मिलते ही डीएसपी मदन लाल, डीएसपी बिलासपुर रणधीर सिंह व कई थानों के एसएचओ पुलिस बल सहित मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। डीएसपी ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होने का आश्वासन दिया, मगर परिजन नहीं माने। बाद में डीएसपी मृतक की पत्नी को थाने ले गए और एक आरोपी को गिरफ्तार दिखाया, जिसकी जानकारी पर परिजन शांत हुए। इस दौरान करीब एक घंटे तक रेलवे रोड पर जाम लगा रहा। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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रेलवे रोड पर जाम लगा रहे परिजनों पुलिस ने आश्वासन दिया कि उन्हाेंने करनाल निवासी तनुज को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन परिजनों को पुलिस की बात पर विश्वास नहीं हुआ। परिजनों का कहना था कि रात से ही पुलिस उन्हें बहला-फुसला रही थी कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद डीएसपी व थाना फर्कपुर प्रभारी राकेश कुमार मृतक की पत्नी अनुराधा व परिवार के सदस्यों को गिरफ्तारी पुख्ता करवाने के लिए सीआईए-1 में ले गए, जहां एक आरोपी को हवालात में देख मृतक की पत्नी को भरोसा हुआ।
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हवालात में एक आरोपी को गिरफ्तार देख परिजन शवगृह पर आकर दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने और एसएचओ जसवंत को सस्पेंड करने पर अड़ गए। इस बात को लेकर परिजनों ने फिर हंगामा कर दिया। परिजनों का कहना था कि उन्हें पुलिस पर विश्वास नहीं हैं, पुलिस इंस्पेक्टर जसवंत को केस से निकालना चाह रही है। आरोपी जसवंत को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसे सस्पेंड किया जाए। डीएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि जसवंत को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रहे है। जांच में दोषी पाए जाने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जाम खुलवाने में छूटे दो डीएसपी और कई एसएचओ के पसीने
जाम लगने की सूचना पर डीएसपी मदन लाल, डीएसपी बिलासपुर रणधीर सिंह, यातायात थाना प्रभारी निर्मल सिंह, थाना शहर यमुनानगर प्रभारी इंस्पेक्टर डा. सुनील, थाना सदर यमुनानगर प्रभारी गुरमेल सिंह, सीआईए-वन इंचार्ज नरेंद्र राणा, थाना फर्कपुर एसएचओ राकेश कुमार, महिला थाना प्रभारी कुलबीर कौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को काफी देर तक समझाया। परिजनों को समझाने में पुलिस अधिकारियाें के पसीने छूट गए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को सड़क से उठाकर शवगृह में रखवाया और उसका पोस्टमार्टम करवाया।
मृतक की बेटी ने केस में जुड़वाया एक और नाम
पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। वीरवार को मृतक की बेटी कनिका ने फाइनेंस कंपनी के स्टेट हेड का नाम भी शिकायत में दर्ज कराया। कनिका का आरोप है कि कंपनी का स्टेट हेड भी उसके पिता को बार-बार धमका रहा था, जिससे वह परेशान चल रहे थे। इन चारों से परेशान होकर ही उसके पिता ने सुसाइड किया।
कंपनी ने नहीं दिया कमीशन, बकाया है 20-25 लाख
मृतक की पत्नी अनुराधा ने बताया कि उसका पति मनोज कुमार फाइनेंस कंपनियों में रिकवरी का काम करता था। करीब 15-16 साल से वे डिफाल्टरों से रिकवरी का काम कर रहे थे। आरोप है कि बीते छह माह से उसके पति का कंपनी ने कमीशन नहीं दिया। उसके पति के कमीशन सहित लगभग 20-25 लाख रुपये कंपनी ने रोक रखे थे। जब उसके पति ने फाइनेंस कंपनी के मैनेजर तनुज मदान व विशाल राणा व स्टेट हेड से इन रुपयों की मांग की तो उन्हाेंने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी तनुज ने जगाधरी शहर एसएचओ जसवंत की ओर से केस दर्ज करवाने की धमकी दिलाई। जिससे परेशान होकर उसके पति ने आत्महत्या कर ली।
दोषी मिले तो इंस्पेक्टर होंगे गिरफ्तार
मामले में करनाल निवासी तनुज को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा आरोपी विशाल राणा व इंस्पेक्टर जसवंत को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इंस्पेक्टर जसवंत पर परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उसी आधार पर मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। उनके दोषी मिलने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। विशाल राणा की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाकर दबिश दी जा रहीं हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- राकेश कुमार, एसएचओ, थाना फर्कपुर।