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नियमों को रौंद रहे ऑटो चालक, जोखिम में डाल रहे जान
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:04 AM IST
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नियमों को रौंद रहे ऑटो चालक, जोखिम में डाल रहे जान
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। ट्विनसिटी में सड़क पर दौड़ रहे ऑटो चालकों को न नियमों की परवाह है और न किसी की जान जाने की चिंता है। इसका खुलासा शनिवार को ट्रैफिक पुलिस की ओर से चलाए गए चेकिंग अभियान में हुआ है। घंटेभर ही चली जांच पड़ताल में 50 ऑटो में से 40 ऑटो में खामियां पाई गईं। इस पर इनके चालकों के चालान कर दिए गए। अभियान के दौरान जांच में अधिकतर ऑटो के आगे-पीछे नंबर प्लेट और पुलिस की ओर से चिपकाए गए कोड नंबर के स्टीकर तक नहीं मिले। इसके अलावा कई चालकों के पास लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्र्टिफिकेट, अन्य दस्तावेज नहीं थे। इसके अलावा ये जहां-तहां वाहन रोककर सवारियां बैठाते नजर आते हैं, इससे हादसे का खतरा मंडराता रहता है और लोग भी असुरक्षित हो जाते हैं।
ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) में नियमाें की धज्जियां उड़ाते ऑटो रिक्शा चालक जाम के साथ सड़क दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं। इसको मद्देनजर रख ट्रैफिक पुलिस ने प्रथम चरण में शनिवार को यातायात थाना प्रभारी निर्मल सिंह के नेतृत्व में अलग-अलग जगहों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने घंटेभर में करीब 50 ऑटो को रोककर चेक किया जिनमें 40 ऑटो में खामियां पाए जाने पर उनके चालकों के चालान कर दिए गए। कार्रवाई के वक्त ट्रैफिक पुलिस की टीम में एएसआई सुरेश व अशोक व अन्य शामिल रहे।
पुलिस के लगाए स्टीकर निकाल तो नहीं दिए...
कुछ समय पहले ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो चालकों को एक कोड नंबर का स्टीकर दिया था, जिसे ऑटो के आगे-पीछे लगाया गया था। इसे लगाए रखना अनिवार्य है, लेकिन विशेष अभियान में चेकिंग के दौरान अधिकतर ऑटो पर यह स्टीकर नहीं मिले। जबकि इसकी मदद से अगर कोई ऑटो चालक कहीं हादसे को अंजाम देकर भाग जाए तो प्रत्यक्षदर्शी की ओर से स्टीकर पर लगा कोड नंबर बताने पर ऑटो चालक का आसानी से पता लगाया जा सकता है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि, खुद को बचाने की फिक्र में ही स्टीकर निकाल दिए गए। कोड नंबर लगे स्टीकर के अलावा कई ऑटो पर नंबर प्लेट भी नहीं थे। वहीं कई ऑटो चालकों के पास लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, अन्य दस्तावेज नहीं थे।
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क्षमता से अधिक बैठाई जाती हैं सवारियां
ऑटो चालकों के लिए सवारियों को बैठाने के लिए स्थान निर्धारित है। बावजूद इसके ऑटो चालक सवारियों को बैठाने के फेर में मनमानी कर जहां चाहते हैं ब्रेक लगा देते हैं। इससे सड़क पर जाम के साथ पीछे से आ रहे वाहन के ऑटो के टकराने की आशंका बनी रहती है। पाबंदी के बावजूद सड़क के बीच ब्रेक लगाकर सवारियां बैठाते हैं और कई ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं। ट्रैफिक पुलिस की मानें तो विशेष अभियान के दूसरे चरण में सड़क के बीचोबीच ब्रेक लगाकर सवारियां बैठाने वाले और क्षमता से अधिक व ड्राइवर सीट के दोनों ओर सवारियां बैठाने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
आगे भी जारी रहेगा चेकिंग अभियान
विशेष अभियान के तहत करीब 50 ऑटो चेक किए गए। इनमें से 40 ऑटो चालकों के चालान कर दिए गए। अधिकांश ऑटो पर नंबर प्लेट और पुलिस के लगाए कोड नंबर वाले स्टीकर नहीं मिले। कई ऑटो चालकों के पास लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्र्टिफिकेट और अन्य दस्तावेज नहीं थे। नियमों के खिलाफ चलने वाले ऑटो से होने वाले जाम व हादसों पर अंकुश लगाने को यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
निर्मल सिंह, प्रभारी, यातायात थाना।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। ट्विनसिटी में सड़क पर दौड़ रहे ऑटो चालकों को न नियमों की परवाह है और न किसी की जान जाने की चिंता है। इसका खुलासा शनिवार को ट्रैफिक पुलिस की ओर से चलाए गए चेकिंग अभियान में हुआ है। घंटेभर ही चली जांच पड़ताल में 50 ऑटो में से 40 ऑटो में खामियां पाई गईं। इस पर इनके चालकों के चालान कर दिए गए। अभियान के दौरान जांच में अधिकतर ऑटो के आगे-पीछे नंबर प्लेट और पुलिस की ओर से चिपकाए गए कोड नंबर के स्टीकर तक नहीं मिले। इसके अलावा कई चालकों के पास लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्र्टिफिकेट, अन्य दस्तावेज नहीं थे। इसके अलावा ये जहां-तहां वाहन रोककर सवारियां बैठाते नजर आते हैं, इससे हादसे का खतरा मंडराता रहता है और लोग भी असुरक्षित हो जाते हैं।
ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) में नियमाें की धज्जियां उड़ाते ऑटो रिक्शा चालक जाम के साथ सड़क दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं। इसको मद्देनजर रख ट्रैफिक पुलिस ने प्रथम चरण में शनिवार को यातायात थाना प्रभारी निर्मल सिंह के नेतृत्व में अलग-अलग जगहों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने घंटेभर में करीब 50 ऑटो को रोककर चेक किया जिनमें 40 ऑटो में खामियां पाए जाने पर उनके चालकों के चालान कर दिए गए। कार्रवाई के वक्त ट्रैफिक पुलिस की टीम में एएसआई सुरेश व अशोक व अन्य शामिल रहे।
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पुलिस के लगाए स्टीकर निकाल तो नहीं दिए...
कुछ समय पहले ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो चालकों को एक कोड नंबर का स्टीकर दिया था, जिसे ऑटो के आगे-पीछे लगाया गया था। इसे लगाए रखना अनिवार्य है, लेकिन विशेष अभियान में चेकिंग के दौरान अधिकतर ऑटो पर यह स्टीकर नहीं मिले। जबकि इसकी मदद से अगर कोई ऑटो चालक कहीं हादसे को अंजाम देकर भाग जाए तो प्रत्यक्षदर्शी की ओर से स्टीकर पर लगा कोड नंबर बताने पर ऑटो चालक का आसानी से पता लगाया जा सकता है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि, खुद को बचाने की फिक्र में ही स्टीकर निकाल दिए गए। कोड नंबर लगे स्टीकर के अलावा कई ऑटो पर नंबर प्लेट भी नहीं थे। वहीं कई ऑटो चालकों के पास लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, अन्य दस्तावेज नहीं थे।
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क्षमता से अधिक बैठाई जाती हैं सवारियां
ऑटो चालकों के लिए सवारियों को बैठाने के लिए स्थान निर्धारित है। बावजूद इसके ऑटो चालक सवारियों को बैठाने के फेर में मनमानी कर जहां चाहते हैं ब्रेक लगा देते हैं। इससे सड़क पर जाम के साथ पीछे से आ रहे वाहन के ऑटो के टकराने की आशंका बनी रहती है। पाबंदी के बावजूद सड़क के बीच ब्रेक लगाकर सवारियां बैठाते हैं और कई ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं। ट्रैफिक पुलिस की मानें तो विशेष अभियान के दूसरे चरण में सड़क के बीचोबीच ब्रेक लगाकर सवारियां बैठाने वाले और क्षमता से अधिक व ड्राइवर सीट के दोनों ओर सवारियां बैठाने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
आगे भी जारी रहेगा चेकिंग अभियान
विशेष अभियान के तहत करीब 50 ऑटो चेक किए गए। इनमें से 40 ऑटो चालकों के चालान कर दिए गए। अधिकांश ऑटो पर नंबर प्लेट और पुलिस के लगाए कोड नंबर वाले स्टीकर नहीं मिले। कई ऑटो चालकों के पास लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्र्टिफिकेट और अन्य दस्तावेज नहीं थे। नियमों के खिलाफ चलने वाले ऑटो से होने वाले जाम व हादसों पर अंकुश लगाने को यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
निर्मल सिंह, प्रभारी, यातायात थाना।