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निकासी के स्थायी समाधान के बजाय मिले चालान, चार घंटे रखा रोड जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2022 02:21 AM IST
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Challans received instead of permanent solution for evacuation, road jam kept for four hours
Challans received instead of permanent solution for evacuation, road jam kept for four hours - फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। शहर से दड़वा कांप्लेक्स में शिफ्ट दूध डेयरी संचालकों को जलभराव से परेशान होकर सात माह में दूसरी बार रोड जाम करना पड़ा। रविवार को 30 दिसंबर-2021 की तरह दूध डेयरी संचालकों व उनकी वर्कर्स ने पुराना सहारनपुर रोड को तीन घंटे जाम रखा। जिन्होंने यहां सुबह 11 बजे बिजली के पोल रखकर व वाहन खड़े रास्ता ब्लॉक कर दिया और खुद भी बीच रास्ते बैठकर नारेबाजी करने लगे।
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आरोप लगाए कि डेढ़ साल में मेयर, एमएलए, कमिश्नर, डीसी से गुहार लगाई, जिनमें कई के मौका मुआयना करने पर भी स्थायी समाधान नहीं हुआ। सही निकासी न होने के बावजूद गोबर नालियों में बहाने के आरोप में डेयरी संचालकों के चालान किए जा रहे हैं। इससे परेशान होकर रोड जाम करने पर मजबूर हुए। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया, पर डेयरी संचालक व वर्कर्स निगम अफसर को बुलाने पर अड़ गए। तब मौके पर बुलाए निगम एक्सईएन रवि ओबरॉय ने डीसी-कमिश्नर से बैठक कराने का आश्वासन दिया तो दोपहर दो बजे सड़क से जाम खुल पाया, लेकिन तब तक तीन घंटे तक दोनों ओर जाम में फंसे वाहन चालक परेशान रहे।
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बिना बारिश एक से दो फीट पानी, शिफ्ट 147 में 98 डेयरियां ही बाकीं
डेयरी संचालक कुलदीप मेहता, मामराज, सतपाल मेहता, इंद्र पंडित, दीपक शर्मा ने बताया कि दड़वा डेयरी कॉम्प्लेक्स में 262 प्लॉट हैं, जिनमें से 147 में ही शहर की दूध डेयरियां शिफ्ट हुई थीं। जिनमें से मौजूदा समय में यहां 98 डेयरियां हैं। शिफ्टिंग के बाद 49 डेयरियां या तो शहर लौट गई या उनके संचालकों ने कॉम्प्लेक्स में आने पर हुए घाटे से परेशान होकर कारोबार छोड़ दिया, क्योंकि कॉम्प्लेक्स शहर से सात किमी. दूर होने के कारण दूध सप्लाई में अतिरिक्त लागत आती है। साथ ही कॉम्प्लेक्स में निकासी की बड़ी समस्या है, जिससे कॉम्प्लेक्स के डेयरी संचालक व वर्कर्स डेढ़ साल से दुखी हैं। क्योंकि बिना बारिश भी एक से दो फीट तक कॉम्प्लेक्स में जलभराव रहता है। इन हालात में यहां करीब एक हजार गोवंश में लंपी वायरस के लक्षण हैं और कई मौत भी हो चुकी है।
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गंदे पानी में काम करने पर वर्कर्स भी बीमार होने के डर से काम छोड़ रहे हैं। जलभराव देख न तो चारा सप्लाई वाले और डॉक्टर और न पशु की मौत उसे उठाने कोई आता है। ऐसे में दूध डेयरी संचालकों का कारोबार ठप हो रहा है। जो समाधान के लिए डेढ़ साल में मेयर, एमएलए, कमिश्नर, डीसी व अन्य निगम अफसरों को गुहार लगा चुके हैं। इस पर मेयर, एमएलए, कमिश्नर सहित कई निगम अफसर मौका मुआयना भी कर चुके हैं। इसके बाद भी निकासी का स्थायी समाधान नहीं हुआ। सही निकासी न होने के बाद भी गोबर नालियों में बहाने के आरोप में डेयरी संचालकों के चालान कर परेशान किया जा रहा है।

मांग : ओपन नाला व एसटीपी बनाकर हो स्थायी समाधान
डेयरी यूनियन के प्रतिनिधि जितेंद्र लांबा, संजय पाहवा ने कहा कि मेयर व निगम अफसर कॉम्प्लेक्स के डेयरी संचालकों को डेयरियों में थ्री पौंड सिस्टम लगाने के निर्देश दे रहे हैं, पर चलती डेयरियों में ऐसा करना संभव नहीं। शिफ्टिंग से पहले प्लॉट पर डेयरियां बनने पर ऐसा हो सकता था। अब डेयरी संचालक थ्री पौंड सिस्टम लगाते भी है तो भी जलभराव की दिक्कत रहेगी। क्योंकि कॉम्प्लेक्स की नालियों से पानी निकासी के लिए डाली पाइप लाइन पुरानी है, जो कहां जा रही है, यह निगम अफसर भी नहीं पता लगा पा रहे हैं। निगम टीमें खानापूर्ति कर चली जाती हैं। स्थायी समाधान के लिए कॉम्प्लेक्स से ओपन नाले का निर्माण कर उसे नहर के पास एसटीपी में जोड़ा जाना चाहिए, यही मांग कर रहे हैं।
मामले में डीसी और कमिश्नर की अगुवाई में बैठक होगी। इसमें समस्या के समाधान के प्रयास होंगे।
-रवि ओबरॉय, एक्सईएन, नगर निगम।
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