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Yamuna Nagar News: बैराज का टूटा रिकॉर्ड ः पहली बार 107 घंटे खुले रहे सभी 18 गेट
Mon, 08 Sep 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 08 Sep 2025 01:09 AM IST
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हथिनी कुंड बैराज से दिल्ली की तरफ डायवर्ट किया जा रहा पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जब-जब यमुना उफान पर आई हथिनी कुंड बैराज के सभी 18 गेटों को खोल दिया गया।इस बार पहली 105 घंटे बैराज के सभी 18 गेट खुले रखे गए। वहीं वर्ष 2024 में 97 घंटे सभी गेट तक खुले रहे थे।
उधर, यमुना नदी के कैचमेंट एरिया उत्तराखंड हिमाचल की पहाड़ियों पर बरसात कम होते ही यमुना नदी का जलस्तर घटने लगा है। हथिनीकुंड बैराज से 44654 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया, इसमें 39,334 क्यूसेक पानी दिल्ली की ओर डायवर्ट किया गया है। वहीं डब्ल्यूजेसी में 4510 और ईजेसी में 810 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
एक सितंबर को जिले से सटे हिमाचल-उत्तराखंड के पहाड़ों में हुई मूसलाधार बारिश से सोमवार को यमुना ने रौद्र रूप लेते ही उफान पर आ गई थी। ऐसे में यमुना नदी के ऊपर बने हथिनी कुंड बैराज पर सीजन का सबसे अधिक 3,31,653 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। ऐसे में हाई फ्लड घोषित होते ही बैराज के सभी 18 गेटों को ऊपर तक उठा दिया दिया गया था। वहीं एक लाख क्यूसेक पार होते ही पश्चिमी और पूर्वी नहरों को पूर्णरूप से बंद कर दिया गया था। बाद में 12 घंटे बाद यमुना शांत हुई थी।
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यमुनानगर। जब-जब यमुना उफान पर आई हथिनी कुंड बैराज के सभी 18 गेटों को खोल दिया गया।इस बार पहली 105 घंटे बैराज के सभी 18 गेट खुले रखे गए। वहीं वर्ष 2024 में 97 घंटे सभी गेट तक खुले रहे थे।
उधर, यमुना नदी के कैचमेंट एरिया उत्तराखंड हिमाचल की पहाड़ियों पर बरसात कम होते ही यमुना नदी का जलस्तर घटने लगा है। हथिनीकुंड बैराज से 44654 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया, इसमें 39,334 क्यूसेक पानी दिल्ली की ओर डायवर्ट किया गया है। वहीं डब्ल्यूजेसी में 4510 और ईजेसी में 810 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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एक सितंबर को जिले से सटे हिमाचल-उत्तराखंड के पहाड़ों में हुई मूसलाधार बारिश से सोमवार को यमुना ने रौद्र रूप लेते ही उफान पर आ गई थी। ऐसे में यमुना नदी के ऊपर बने हथिनी कुंड बैराज पर सीजन का सबसे अधिक 3,31,653 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। ऐसे में हाई फ्लड घोषित होते ही बैराज के सभी 18 गेटों को ऊपर तक उठा दिया दिया गया था। वहीं एक लाख क्यूसेक पार होते ही पश्चिमी और पूर्वी नहरों को पूर्णरूप से बंद कर दिया गया था। बाद में 12 घंटे बाद यमुना शांत हुई थी।
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