फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   गोलियां खाने से पचास छात्राओं की तबीयत बिगड़ी

गोलियां खाने से पचास छात्राओं की तबीयत बिगड़ी

Fri, 02 Aug 2013 05:35 AM IST
Yamuna Nagar
Yamuna Nagar Updated Fri, 02 Aug 2013 05:35 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आयरन की गोलियां खाने के बाद तबीयत बिगड़ने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को जगाधरी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की करीब 50 छात्राओं की तबीयत आयरन की गोलियां खाने से बिगड़ गई। इनमें से 18 छात्राआें का उपचार जगाधरी के सिविल अस्पताल में चल रहा है, वहीं 16 छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। अस्पताल मेें भर्ती एक छात्रा की हालत गंभीर बनी है। जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर और सिविल सर्जन डा. एमआर पासी ने अस्पताल और स्कूल में आकर छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्कूल में भी कई छात्राआें का प्राथमिक उपचार किया गया।
विज्ञापन

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुधवार दोपहर को मिड-डे मील खाने के बाद छात्राओं को आयरन की गोलियां दी गईं। स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार पहले कक्षा इंचार्ज ने स्वयं गोली खाई, बाद में छात्राओं को गोलियां दी गई। स्कूल की छुट्टी के बाद छात्राएं अपने-अपने घर चली गईं। चूना भट्टी निवासी आठवीं कक्षा की छात्रा पूजा, मुखर्जी पार्क निवासी छठीं कक्षा की राधा और आठवीं कक्षा की ममता की तबीयत खराब होने पर बुधवार को ही उन्हें सिविल अस्पताल भर्ती कराया गया। वीरवार सुबह छात्राओं के स्कूल आने के बाद एक-एक कर कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। छात्राआें को सिरदर्द, चक्कर आना और पेटदर्द की शिकायतें थी। एक-एक कर अचानक 20 से अधिक छात्राआें की तबीयत खराब होते देख अध्यापक घबरा गए। अध्यापकों ने तुरंत कंट्रोल रूम में फोन कर एंबुलेंस बुलाई। इसकी सूचना जिला शिक्षा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग को दी। एंबुलेंस से छात्राआें को जगाधरी के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया। स्कूल में छात्राओं की तबीयत खराब होने की खबर मिलने पर परिजन भी स्कूल और अस्पताल में पहुंच गए। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने तुरंत छात्राओं का इलाज शुरू कर दिया। अस्पताल में भर्ती दसवीं कक्षा की छात्रा ललतेश की तबीयत गंभीर बनी हुई है।
विज्ञापन


ये छात्राएं हैं अस्पताल में उपचाराधीन
दसवीं कक्षा की संगीता, सोनिया, नीतू, मोनिका, ज्योति, शिवानी, मीना, ममता, ललतेश, बारहवीं की अंजु, इंद्रजीत, आठवीं कक्षा की काजल, प्रियंका, पूजा, किरण, नौवीं कक्षा की मनीषा और शिवानी, छठी कक्षा की वंदना अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूल में भी की गई जांच
स्कूल में छात्राआें की तबीयत खराब होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया। सिविल सर्जन डा. एमआर पासी चिकित्सकों की टीम के साथ स्कूल पहुंचे। गंभीर रूप से बीमार बच्चों का उपचार सिविल अस्पताल में कराया गया, वहीं जिन छात्राआें की थोड़ी बहुत दिक्कत थी। उनकी जांच स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की टीम ने स्कूल में ही की।

अभिभावकों ने किया विरोध
सरकार द्वारा सरकारी स्कूलाें में दी जा रही आयरन की गोलियाें दिए जाने का अभिभावकों ने जमकर विरोध किया। अभिभावकाें ने जहां स्कूल में जाकर विरोध जताया, वहीं अस्पताल में अपने बच्चों की हालत देख भी अभिभावक बिफर गए। जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर ने अभिभावकों को समझा बुझाकर शांत किया। अभिभावक प्रदीप शर्मा, निर्मला देवी, विनोद कुमार का कहना है कि स्कूल में दी जाने वाली इन गोलियों से बार-बार बच्चों की तबीयत खराब हो रही है, लेकिन फिर भी सरकार इन गोलियाें पर रोक नहीं लगा रही है।

नहीं भेजूंगी स्कूल
दसवीं कक्षा की छात्रा ललतेश की तबीयत अधिक खराब हो गई। बेटी की तबीयत को देख छात्रा की माता ने कहा कि यदि स्कूल में इसी तरह आयरन की गोलियां दी गई तो वह अपनी बेटी को स्कूल नहीं भेजेंगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने बच्चों की कमजोरी या खून की कमी दूर करनी है तो अन्य पौष्टिक आहार क्यों नहीं देते हैं।

पहले अध्यापकों ने खाई गोली
स्कूल की अध्यापिका पूनम ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार मिड-डे मिल के बाद छात्राआें को आयरन की गोलियां दी गईं। सबसे पहले कक्षा इंचार्ज ने गोली खाई, उसके बाद छात्राआें को गोलियाें दी गईं।

कोट
सरकार के आदेशानुसार स्कूलाें में आयरन की गोलियां दी गईं। स्कूल में लगभग 900 छात्राआें को गोलियां दी गई। इसमें से कुछ कमजोर छात्राआें की गोली खाने से तबीयत खराब हुई है। कुछ छात्राआें को प्राथमिक उपचार दिया गया। कुछ अभी अस्पताल में भर्ती हैं। सभी छात्राआें की हालत खतरे से बाहर है।

जगजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी

कोट
बच्चों में खून की कमी को देखते हुए आयरन की गोलियां दी जा रही है, जो बच्चे खाली पेट या गोली खाने के बाद पानी नहीं पीते और जो बच्चे कमजोर हैं, उन बच्चों को गोली खाने के बाद दिक्कत होती है। यदि बच्चे रुटीन में गोलियां लेंगे तो वह धीरे-धीरे ठीक हो जाएंगे। जगाधरी के राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जिन बच्चों की तबीयत खराब हुई है। उनको जांचकर दवा दे दी गई है। अब सभी बच्चों की हालत ठीक है।
डा. एमआर पासी, सिविल सर्जन यमुनानगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed