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Yamuna Nagar News: नए कलेक्टर रेट पर पहले दिन 60 रजिस्ट्री
Thu, 02 Apr 2026 03:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 02 Apr 2026 03:00 AM IST
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तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री करवाने के लिए लगी लोगाें की भीड़। संवाद
यमुनानगर। जिले में एक अप्रैल से लागू हुए नए कलेक्टर रेट के बावजूद जिलेभर की तहसीलों और उपतहसीलों में पहले ही दिन करीब 60 रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं। हालांकि यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम है, लेकिन जिस तरह से रेट में 15 से 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, उसके हिसाब से यह आंकड़ा उम्मीद से बेहतर माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर रेट बढ़ने के चलते यह आशंका जताई जा रही थी कि पहले दिन रजिस्ट्रियों की संख्या बेहद कम या नाममात्र रह जाएगी। इसके विपरीत, लोगों ने नए रेट लागू होने के बावजूद जमीन की खरीद-फरोख्त में रुचि दिखाई। तहसील परिसरों में सुबह से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी और रजिस्ट्रेशन कराने वालों की कतारें भी देखने को मिलीं।
आम दिनों में जिले की विभिन्न तहसीलों में रोजाना लगभग 200 से 250 के बीच रजिस्ट्रियां होती हैं। ऐसे में पहले दिन 60 रजिस्ट्रियों का होना भले ही औसत से कम है, लेकिन इसे पूरी तरह निराशाजनक नहीं कहा जा सकता। यह आंकड़ा इस बात का संकेत देता है कि जमीन खरीदने वालों का भरोसा अभी भी बना हुआ है और जरूरी जरूरतों के चलते लोग बढ़े हुए रेट के बावजूद रजिस्ट्रियां कराने पहुंच रहे हैं।
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तहसील परिसर में मौजूद लोगों का कहना था कि कई मामलों में पहले से तय सौदों को पूरा करने के लिए रजिस्ट्रियां करानी जरूरी थी, इसलिए उन्होंने बढ़े हुए रेट के बावजूद प्रक्रिया पूरी की। ऐसे में देखने में आया कलेक्टर रेट में भारी बढ़ोतरी के बावजूद पहले दिन रजिस्ट्रियों का आंकड़ा यह दर्शाता है कि बाजार पूरी तरह ठंडा नहीं पड़ा है और लोगों का रुझान अभी भी जमीन खरीदने की ओर बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह रफ्तार बनी रहती है या फिर बढ़े हुए रेट का असर रजिस्ट्रियों की संख्या पर साफ तौर पर नजर आता है। संवाद
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जानकारी के अनुसार, कलेक्टर रेट बढ़ने के चलते यह आशंका जताई जा रही थी कि पहले दिन रजिस्ट्रियों की संख्या बेहद कम या नाममात्र रह जाएगी। इसके विपरीत, लोगों ने नए रेट लागू होने के बावजूद जमीन की खरीद-फरोख्त में रुचि दिखाई। तहसील परिसरों में सुबह से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी और रजिस्ट्रेशन कराने वालों की कतारें भी देखने को मिलीं।
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आम दिनों में जिले की विभिन्न तहसीलों में रोजाना लगभग 200 से 250 के बीच रजिस्ट्रियां होती हैं। ऐसे में पहले दिन 60 रजिस्ट्रियों का होना भले ही औसत से कम है, लेकिन इसे पूरी तरह निराशाजनक नहीं कहा जा सकता। यह आंकड़ा इस बात का संकेत देता है कि जमीन खरीदने वालों का भरोसा अभी भी बना हुआ है और जरूरी जरूरतों के चलते लोग बढ़े हुए रेट के बावजूद रजिस्ट्रियां कराने पहुंच रहे हैं।
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तहसील परिसर में मौजूद लोगों का कहना था कि कई मामलों में पहले से तय सौदों को पूरा करने के लिए रजिस्ट्रियां करानी जरूरी थी, इसलिए उन्होंने बढ़े हुए रेट के बावजूद प्रक्रिया पूरी की। ऐसे में देखने में आया कलेक्टर रेट में भारी बढ़ोतरी के बावजूद पहले दिन रजिस्ट्रियों का आंकड़ा यह दर्शाता है कि बाजार पूरी तरह ठंडा नहीं पड़ा है और लोगों का रुझान अभी भी जमीन खरीदने की ओर बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह रफ्तार बनी रहती है या फिर बढ़े हुए रेट का असर रजिस्ट्रियों की संख्या पर साफ तौर पर नजर आता है। संवाद