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माइनिंग माफिया खा गया यमुना के किनारे, रिपेयरिंग पर रॉयल्टी के छह करोड़ रुपए किए जाएंगे खर्च
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जब माइनिंग हो रही थी, तब अधिकारी रहे चुप, अब रिपेयरिंग पर खर्च होंगे रॉयल्टी के छह करोड़ रुयेए
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माइनिंग माफिया खा गया यमुना के किनारे, रिपेयरिंग पर रॉयल्टी के छह करोड़ रुपए किए जाएंगे खर्च
खिजराबाद-
माइनिंग माफिया ने बेलगढ़ जोन में यमुना के किनारे तक नहीं छोड़े। अवैध माइनिंग के दौरान खनन, सिंचाई, पंचायत और पुलिस विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहे। वैध खनन से मिली रॉयल्टी के छह करोड़ रुपये से अब यमुना के किनारों की रिपेयरिंग करवाई जाएगी। ताकि बरसात के वक्त आसपास के गांवों में पानी ना घुस सकें। यमुना के किनारों को ठीक करने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा सर्वे का काम शुरू किया गया है। बुधवार को बिलासपुर के एसडीएम की अगुवाई में अधिकारियों ने बेलगढ़ का दौरा किया तो स्थिति काफी चौंकाने वाली मिली। यमुना की पटड़ी पर कितनी दूरी तक निर्माण होना है, इसके लिए विभाग की ओर से
पैमाइश का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए सिंचाई विभाग के स्थानीय पटवारी, नक्शा नवीस और एक्सईएन को जिम्मा सौंपा गया है।
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खोखले कर दिए किनारे
दरअसल अवैध खनन करने वालों ने दिनरात यमुना में खनन जारी रखा। एनजीटी का गाइडलाइन है कि भारी भरकम मशीनों से खनन नहीं किया जा सकता, लेकिन खनन माफिया के साथ-साथ ठेकेदारों ने भी पाकलाइन और जेसीबी जैसी मशीनों से खुदाई की। अधिक गहराई तक खनन होने से किनारे यमुना में समा गए और फिर ठेकेदारों ने किनारों की खनन सामग्री भी उठा ली।
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शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
कई बार ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक की, लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। विभागीय कार्यवाही के नाम पर थोड़े बहुत मामले दर्ज किए गए। इसके बावजूद उनमें से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई। जिससे माइनिंग माफिया के हौसले दिन प्रतिदिन बुलंद होते चले गए।
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रॉयल्टी के 15 फीसदी से डेमेज रिपेयरिंग
-खनन विभाग के पास रायल्टी ठेकेदारों से लगभग 15 फीसदी धनराशि डेमेज रिपेयर के नाम पर हर वर्ष वापस आता है। इस धनराशि से खनन की वजह से होने वाले नुकसान का काम पूरा करवाया जाता है। इस राशि से रास्ते, सड़क, तटबंध समेत अन्य विकास कार्य किए जाते हैं। खनन विभाग की तरफ से किनारों की रिपेयरिंग के लिए छह करोड़ रुपये की धनराशि जिला उपायुक्त को भेजी जा चुकी है। बेलगढ में पटडी के निर्माण के बाद कनालसी, जठलाना, गुमथला आदि जगहों पर भी सर्वें किया जाएगा।
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कमेटी करती है फैसले
-इस कार्य के लिए कमेटी में जिला उपायुक्त, अतिरिक्त जिला उपायुक्त, सांसद, विधायक, खनन अधिकारी, जिला वन अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचायत राज अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा कुछ ग्रामीण जिनमें शिव कुमार, सरपंच लाक्कड बिरम सिंह, बक्शीश सिंह, संजय कुमार, सुरेश कुमार और संतोष कुमार को भी शामिल किया गया है। यमुना के किनारे और पटरी की रिपेयरिंग होने से भीलपुरा,नवाजपुर,लाक्कड,मालीमाजरा,कन्यावाला आदि दर्जनों गांवों को फायदा होगा। हर साल यमुना में आने वाली बाढ के पानी का कहर सबसे अधिक इन्ही गांवों पर होता है।
वर्जन
-जिला खनन अधिकारी गुरजीत सिंह का कहना है कि खनन विभाग के पास रायल्टी कंपनी का लगभग 15 प्रतिशत वापिस आता है। जिसको खनन क्षेत्र के विकास के लिए खर्च किया जाना है। इस राशि को खर्च करने के लिए कमेटी बनाई हुई है जो तय करेगी कि कितनी राशि कहां खर्च करनी है।
-सिंचाई विभाग के एक्सईएन हरिदेव कांबोज का कहना है कि बेलगढ़ पटड़ी का निर्माण कार्य खनन विभाग की राशि से किया जाना है जोकि सिंचाई विभाग द्वारा करवाया जाएगा। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है कि कितनी जगह पर कितनी राशि खर्च होनी है।
फोटो नंबर 19, 20, 21
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माइनिंग माफिया खा गया यमुना के किनारे, रिपेयरिंग पर रॉयल्टी के छह करोड़ रुपए किए जाएंगे खर्च
खिजराबाद-
माइनिंग माफिया ने बेलगढ़ जोन में यमुना के किनारे तक नहीं छोड़े। अवैध माइनिंग के दौरान खनन, सिंचाई, पंचायत और पुलिस विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहे। वैध खनन से मिली रॉयल्टी के छह करोड़ रुपये से अब यमुना के किनारों की रिपेयरिंग करवाई जाएगी। ताकि बरसात के वक्त आसपास के गांवों में पानी ना घुस सकें। यमुना के किनारों को ठीक करने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा सर्वे का काम शुरू किया गया है। बुधवार को बिलासपुर के एसडीएम की अगुवाई में अधिकारियों ने बेलगढ़ का दौरा किया तो स्थिति काफी चौंकाने वाली मिली। यमुना की पटड़ी पर कितनी दूरी तक निर्माण होना है, इसके लिए विभाग की ओर से
पैमाइश का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए सिंचाई विभाग के स्थानीय पटवारी, नक्शा नवीस और एक्सईएन को जिम्मा सौंपा गया है।
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खोखले कर दिए किनारे
दरअसल अवैध खनन करने वालों ने दिनरात यमुना में खनन जारी रखा। एनजीटी का गाइडलाइन है कि भारी भरकम मशीनों से खनन नहीं किया जा सकता, लेकिन खनन माफिया के साथ-साथ ठेकेदारों ने भी पाकलाइन और जेसीबी जैसी मशीनों से खुदाई की। अधिक गहराई तक खनन होने से किनारे यमुना में समा गए और फिर ठेकेदारों ने किनारों की खनन सामग्री भी उठा ली।
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शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
कई बार ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक की, लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। विभागीय कार्यवाही के नाम पर थोड़े बहुत मामले दर्ज किए गए। इसके बावजूद उनमें से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई। जिससे माइनिंग माफिया के हौसले दिन प्रतिदिन बुलंद होते चले गए।
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रॉयल्टी के 15 फीसदी से डेमेज रिपेयरिंग
-खनन विभाग के पास रायल्टी ठेकेदारों से लगभग 15 फीसदी धनराशि डेमेज रिपेयर के नाम पर हर वर्ष वापस आता है। इस धनराशि से खनन की वजह से होने वाले नुकसान का काम पूरा करवाया जाता है। इस राशि से रास्ते, सड़क, तटबंध समेत अन्य विकास कार्य किए जाते हैं। खनन विभाग की तरफ से किनारों की रिपेयरिंग के लिए छह करोड़ रुपये की धनराशि जिला उपायुक्त को भेजी जा चुकी है। बेलगढ में पटडी के निर्माण के बाद कनालसी, जठलाना, गुमथला आदि जगहों पर भी सर्वें किया जाएगा।
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कमेटी करती है फैसले
-इस कार्य के लिए कमेटी में जिला उपायुक्त, अतिरिक्त जिला उपायुक्त, सांसद, विधायक, खनन अधिकारी, जिला वन अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचायत राज अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा कुछ ग्रामीण जिनमें शिव कुमार, सरपंच लाक्कड बिरम सिंह, बक्शीश सिंह, संजय कुमार, सुरेश कुमार और संतोष कुमार को भी शामिल किया गया है। यमुना के किनारे और पटरी की रिपेयरिंग होने से भीलपुरा,नवाजपुर,लाक्कड,मालीमाजरा,कन्यावाला आदि दर्जनों गांवों को फायदा होगा। हर साल यमुना में आने वाली बाढ के पानी का कहर सबसे अधिक इन्ही गांवों पर होता है।
वर्जन
-जिला खनन अधिकारी गुरजीत सिंह का कहना है कि खनन विभाग के पास रायल्टी कंपनी का लगभग 15 प्रतिशत वापिस आता है। जिसको खनन क्षेत्र के विकास के लिए खर्च किया जाना है। इस राशि को खर्च करने के लिए कमेटी बनाई हुई है जो तय करेगी कि कितनी राशि कहां खर्च करनी है।
-सिंचाई विभाग के एक्सईएन हरिदेव कांबोज का कहना है कि बेलगढ़ पटड़ी का निर्माण कार्य खनन विभाग की राशि से किया जाना है जोकि सिंचाई विभाग द्वारा करवाया जाएगा। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है कि कितनी जगह पर कितनी राशि खर्च होनी है।
फोटो नंबर 19, 20, 21