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134 ए के तहत दाखिला न मिलने पर भड़के अभिभावक
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Thu, 19 May 2016 12:51 AM IST
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134 ए के तहत बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिले न मिलने पर बुधवार को रादौर में अभिभावक भड़क उठे।
अभिभावकों ने सुरेश सांगवान के नेतृत्व में स्कूल प्रबंधकों के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों ने निजी स्कूल मालिकों व मैनेजमेंट पर गरीब विरोधी होने का आरोप लगाते हुए सरकार से ऐसे स्कूलों की मान्यता तुंरत रद्द करने की मांग की जो स्कूल 134 ए के तहत गरीब बच्चों को अपने स्कूलों में दाखिला देने में आना कानी करते हैं।
सुरेश सांगवान बापौली, सोमपाल अलाहर, नरेंद्र अलाहर, नरेंद्र कुमार, अनिल बुबका, राकेश बापा व मामचंद बुबका ने बताया कि उनके सहित काफी ग्रामीणों के बच्चों के 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले किए जाने हैं।
लेकिन निजी स्कूल मालिक गरीब बच्चों के अभिभावकों को उनके बच्चे स्कूल में दाखिल करने से मना कर रहे हैं। सरकार गरीब बच्चों को 134 ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने की घोषणाएं कर रही है, लेकिन निजी स्कूल सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं।
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ऐसे में गरीब बच्चे निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कैसे कर पाएंगे। अभिभावकों ने सरकार से मांग की कि सरकार 134ए के तहत गरीब बच्चों को जल्द से जल्द स्कूलों में दाखिले दिलवाने का प्रबंध करें।
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अभिभावकों ने सुरेश सांगवान के नेतृत्व में स्कूल प्रबंधकों के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों ने निजी स्कूल मालिकों व मैनेजमेंट पर गरीब विरोधी होने का आरोप लगाते हुए सरकार से ऐसे स्कूलों की मान्यता तुंरत रद्द करने की मांग की जो स्कूल 134 ए के तहत गरीब बच्चों को अपने स्कूलों में दाखिला देने में आना कानी करते हैं।
सुरेश सांगवान बापौली, सोमपाल अलाहर, नरेंद्र अलाहर, नरेंद्र कुमार, अनिल बुबका, राकेश बापा व मामचंद बुबका ने बताया कि उनके सहित काफी ग्रामीणों के बच्चों के 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले किए जाने हैं।
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लेकिन निजी स्कूल मालिक गरीब बच्चों के अभिभावकों को उनके बच्चे स्कूल में दाखिल करने से मना कर रहे हैं। सरकार गरीब बच्चों को 134 ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने की घोषणाएं कर रही है, लेकिन निजी स्कूल सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं।
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ऐसे में गरीब बच्चे निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कैसे कर पाएंगे। अभिभावकों ने सरकार से मांग की कि सरकार 134ए के तहत गरीब बच्चों को जल्द से जल्द स्कूलों में दाखिले दिलवाने का प्रबंध करें।