{"_id":"56e1bc9e4f1c1b3c458b4619","slug":"sonipat-hindi-news-jat-andolan","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाट आंदोलन की भेंट चढ़े 1405 पेड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाट आंदोलन की भेंट चढ़े 1405 पेड़
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 10 Mar 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
जाट आंदोलन के दौरान काटे गए पेड़
- फोटो : bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट आंदोलन के दौरान भड़के उपद्रव में जिले के 1405 पेड़ भी भेट चढ़ गए हैं। वहीं वृक्षों को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी विभाग ने 17 एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन शिनाख्त एक भी आरोपी की नहीं हो सकी है। ऐसे में वन विभाग पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई कर पाएगा, इसमें अभी संदेश है।
वन विभाग की मानें तो जिले में विभाग ने गोहाना, सोनीपत और राई रेंज बना रखी है। जाट आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव के चलते सड़कों पर पेड़ काटकर डाल दिए गए, ताकि रास्ते रोके जा सकें। विभाग की ओर से किए गए सर्वे के तहत जिले में कुल 1405 पेड़ों को काटा गया है, जिनकी उम्र 10 से 15 साल रही। सबसे ज्यादा कुल्हाड़ी गोहाना रेंज में चली, जहां 883 पेड़ काटे गए हैं। वहीं सोनीपत रेंज में 270 और राई रेंज में 252 पेड़ो की बलि ली गई।
सभी रिपोर्ट में अज्ञात को बनाया गया है आरोपी
वन विभाग ने पेड़ काटने पर कुल 17 एफआईआर दर्ज कराई हैं। सभी में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गोहना रेंज के अंदर गोहना, बरोदा और रोहतक के लाखनमाजरा थाने में 8, वहीं सोनीपत और राई रेंज के अंदर मुरथल, सोनीपत सदर और मोहना में 6 और राई में 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
विज्ञापन
छह माह तक की सजा का प्रावधान
कानून के तहत पेड़ काटना अपराध है। इससे न केवल आर्थिक हानि होती है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। पेड़ काटने के आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 32 व 33 के तहत मामला दर्ज कराया गया है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर 6 माह की सजा हो सकती है।
-राकेश आर्य, अधिकारी वन विभाग
विज्ञापन
वन विभाग की मानें तो जिले में विभाग ने गोहाना, सोनीपत और राई रेंज बना रखी है। जाट आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव के चलते सड़कों पर पेड़ काटकर डाल दिए गए, ताकि रास्ते रोके जा सकें। विभाग की ओर से किए गए सर्वे के तहत जिले में कुल 1405 पेड़ों को काटा गया है, जिनकी उम्र 10 से 15 साल रही। सबसे ज्यादा कुल्हाड़ी गोहाना रेंज में चली, जहां 883 पेड़ काटे गए हैं। वहीं सोनीपत रेंज में 270 और राई रेंज में 252 पेड़ो की बलि ली गई।
विज्ञापन
सभी रिपोर्ट में अज्ञात को बनाया गया है आरोपी
वन विभाग ने पेड़ काटने पर कुल 17 एफआईआर दर्ज कराई हैं। सभी में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गोहना रेंज के अंदर गोहना, बरोदा और रोहतक के लाखनमाजरा थाने में 8, वहीं सोनीपत और राई रेंज के अंदर मुरथल, सोनीपत सदर और मोहना में 6 और राई में 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
विज्ञापन
छह माह तक की सजा का प्रावधान
कानून के तहत पेड़ काटना अपराध है। इससे न केवल आर्थिक हानि होती है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। पेड़ काटने के आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 32 व 33 के तहत मामला दर्ज कराया गया है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर 6 माह की सजा हो सकती है।
-राकेश आर्य, अधिकारी वन विभाग