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हुडा का जेई और पीडब्ल्यूडी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:12 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी अनिल कुमार
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कंप्लीशन जारी करने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में विजिलेंस ने हुडा के जेई और पीडब्ल्यूडी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों का देर शाम मेडिकल परीक्षण कराया गया। शुक्रवार को इन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। खास बात यह है कि इस मामले में शिकायतकर्ता भी सरकारी कर्मचारी ही है।
विजिलेंस के मुताबिक वीएलडीए के तौर पर सोनीपत में कार्यरत सुरेश कुमार निवासी गांव छिछराना ने शिकायत दी थी कि उसकी भाभी पिंकी देवी पत्नी नरेश कुमार के नाम गोहाना के सेक्टर-7 में एक मकान है। उसने बताया कि मकान नंबर-374 का कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने के लिए फाइल हुडा कार्यालय में जमा करा रखी थी। बकौल सुरेश कुमार इस सर्टिफिकेट को जारी करने के लिए हुडा के जेई सुशील कुमार ने पीडब्ल्यूडी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनिल कुमार के जरिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। सुरेश की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने मामला दर्ज कर वीरवार को जाल बिछाया। इसके तहत डीसी से मिलकर छापे की मंजूरी ली गई। डीसी ने नायब तहसीलदार सोनीपत छोटूराम को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट और रजिस्ट्री क्लर्क राजेंद्र को छाया गवाह नियुक्त किया गया। विजिलेंस की टीम इन दोनों के साथ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंची। यहां पर शिकायतकर्ता सुशील कुमार के हाथों से 10 हजार रुपये की रिश्वत अनिल कुमार को दी, साथ में जेई सुशील कुमार भी था। इसके बाद इशारा मिलते ही विजिलेंस की टीम ने अनिल और सुशील दोनों को काबू कर लिया। अनिल के कब्जे से 10 हजार रुपये की रिश्वत जब्त कर ली गई।
क्या है कंप्लीशन सर्टिफिकेट
कंप्लीशन सर्टिफिकेट हुडा के प्लॉट अलॉटियों के लिए एक जरूरी कागज होता है। हुडा सेक्टर में प्लॉट अलॉट होने के बाद एक निश्चित अवधि तक प्लॉट पर निर्माण करना जरूरी होता है। इस अवधि तक प्लॉट पर निर्माण नहीं किया जाता है तो हुडा अलॉटी से जुर्माना वसूलता है। प्लॉट पर कम से 25 प्रतिशत निर्माण कराकर कंप्लीशन सर्टिफिकेट लिया जाता है, ताकि जुर्माना न लगे।
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दोनों आरोपियों को काबू किया गया है। सुशील कुमार ने अनिल कुमार के जरिए रिश्वत मांगी थी। अनिल कुमार रंगे हाथ काबू किया गया है। दोनों को बुधवार को अदालत में पेश करेंगे।
-राजीव सोनी, प्रभारी, विजिलेंस सोनीपत।
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विजिलेंस के मुताबिक वीएलडीए के तौर पर सोनीपत में कार्यरत सुरेश कुमार निवासी गांव छिछराना ने शिकायत दी थी कि उसकी भाभी पिंकी देवी पत्नी नरेश कुमार के नाम गोहाना के सेक्टर-7 में एक मकान है। उसने बताया कि मकान नंबर-374 का कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने के लिए फाइल हुडा कार्यालय में जमा करा रखी थी। बकौल सुरेश कुमार इस सर्टिफिकेट को जारी करने के लिए हुडा के जेई सुशील कुमार ने पीडब्ल्यूडी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनिल कुमार के जरिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। सुरेश की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने मामला दर्ज कर वीरवार को जाल बिछाया। इसके तहत डीसी से मिलकर छापे की मंजूरी ली गई। डीसी ने नायब तहसीलदार सोनीपत छोटूराम को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट और रजिस्ट्री क्लर्क राजेंद्र को छाया गवाह नियुक्त किया गया। विजिलेंस की टीम इन दोनों के साथ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंची। यहां पर शिकायतकर्ता सुशील कुमार के हाथों से 10 हजार रुपये की रिश्वत अनिल कुमार को दी, साथ में जेई सुशील कुमार भी था। इसके बाद इशारा मिलते ही विजिलेंस की टीम ने अनिल और सुशील दोनों को काबू कर लिया। अनिल के कब्जे से 10 हजार रुपये की रिश्वत जब्त कर ली गई।
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क्या है कंप्लीशन सर्टिफिकेट
कंप्लीशन सर्टिफिकेट हुडा के प्लॉट अलॉटियों के लिए एक जरूरी कागज होता है। हुडा सेक्टर में प्लॉट अलॉट होने के बाद एक निश्चित अवधि तक प्लॉट पर निर्माण करना जरूरी होता है। इस अवधि तक प्लॉट पर निर्माण नहीं किया जाता है तो हुडा अलॉटी से जुर्माना वसूलता है। प्लॉट पर कम से 25 प्रतिशत निर्माण कराकर कंप्लीशन सर्टिफिकेट लिया जाता है, ताकि जुर्माना न लगे।
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दोनों आरोपियों को काबू किया गया है। सुशील कुमार ने अनिल कुमार के जरिए रिश्वत मांगी थी। अनिल कुमार रंगे हाथ काबू किया गया है। दोनों को बुधवार को अदालत में पेश करेंगे।
-राजीव सोनी, प्रभारी, विजिलेंस सोनीपत।