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स्कूलों में दुकानदारी करने वालों पर होगी कार्रवाई
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Mon, 14 Mar 2016 12:19 AM IST
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दुकानदारी
- फोटो : Bureau
प्राइवेट स्कूलों में चलने वाली दुकानदारी अब बंद होगी। शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्कूल में किताबें, स्टेशनरी, वर्दी या अन्य किसी भी प्रकार सामान बेचने के लिए स्टॉल लगाई गई तो स्कूल संचालक पर सख्त कार्रवाई होगी। वर्षों से स्कूलों में चल रही दुकानदारियों पर विभाग पर सख्त है।
विभागीय जानकारी के अनुसार प्राइवेट स्कूलों में दुकानदारी चलाने वाले प्राइवेट स्कूल संचालकों पर शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इस आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी स्कूल अपने विद्यालय के अंदर बुक शॉप नहीं खोल सकता। किसी भी अभिभावक को केवल एक दुकान से वर्दी, पुस्तकें खरीदने के लिए विवश नहीं किया जा सकता।
अगर ऐसा कोई करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि मार्च और अप्रैल माह में स्कूल प्रबंधकों की ओर से अभिभावकों को ठगने का काम शुरू हो जाता है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा नए विज्ञापन जारी कर और पंफ्लेट वितरित कर लोगों पहले भ्रमित किया जाता है और उसके बाद उनसे मोटी रकम वसूली जाती है। लगभग सभी निजी स्कूल संचालकों द्वारा स्कूल में ही दुकानदारी चलाई जा रही है। स्कूल के द्वारा ही पुस्तकों का वितरण किया जाता है, वर्दी दी जाती है। इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती है।
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जिन पुस्तकों का अंकित मूल्य 100 रुपये हैं और बाजार मूल्य 75 रुपये उसे स्कूल की ओर से 100 रुपये में ही बेचा जा रहा है। मजबूरी में अभिभावक इसे खरीद रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस पर कड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि ऐसा करना बिलकुल गलत है। इस प्रकार से अगर कोई स्कूल अभिभावकों को ठगता है तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को एक पत्र लिखकर इस संबंध में कार्रवाई करने को कहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अब तक स्कूलों में छापामारी शुरू नहीं की है। अब तक एक भी स्कूल के संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
अभिभावकों है शिकायत करने का अधिकार
किसी भी प्राइवेट स्कूल में किताबों या अन्य वस्तुओं की दुकानदारी को लेकर कोई भी अभिभावक इस संबंध में डीसी, एडीसी, एसडीएम, सीटीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी को शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग के निदेशालय में भी शिकायत किया जा सकता है।
खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
इस मामले में शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। खंड शिक्षा अधिकारी को साफ तौर पर कहा गया है कि अपने-अपने खंड के संचालित प्राइवेट स्कूलों की जांच करें। अगर कोई इस प्रकाश का मामला प्रकाश में आता है तो उसका तुरंत प्रभाव से निपटारा करे और जांच करें।
मामला सामने आया तो करेंगे कार्रवाई: मेहरा
खंड शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा और यदि किसी स्कूल में कोई किताबें या अन्य सामान की दुकान पाई गई तो कार्रवाई करेंगे। अभिभावकों की ओर से आने वाले शिकायतों के आधार पर भी स्कूलों की जांच की जाएगी। विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों की हर हाल में पालना की जाएगी। लोगों के साथ किसी प्रकार की ठगी नहीं होने दी जाएगी।
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विभागीय जानकारी के अनुसार प्राइवेट स्कूलों में दुकानदारी चलाने वाले प्राइवेट स्कूल संचालकों पर शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इस आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी स्कूल अपने विद्यालय के अंदर बुक शॉप नहीं खोल सकता। किसी भी अभिभावक को केवल एक दुकान से वर्दी, पुस्तकें खरीदने के लिए विवश नहीं किया जा सकता।
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अगर ऐसा कोई करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि मार्च और अप्रैल माह में स्कूल प्रबंधकों की ओर से अभिभावकों को ठगने का काम शुरू हो जाता है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा नए विज्ञापन जारी कर और पंफ्लेट वितरित कर लोगों पहले भ्रमित किया जाता है और उसके बाद उनसे मोटी रकम वसूली जाती है। लगभग सभी निजी स्कूल संचालकों द्वारा स्कूल में ही दुकानदारी चलाई जा रही है। स्कूल के द्वारा ही पुस्तकों का वितरण किया जाता है, वर्दी दी जाती है। इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती है।
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जिन पुस्तकों का अंकित मूल्य 100 रुपये हैं और बाजार मूल्य 75 रुपये उसे स्कूल की ओर से 100 रुपये में ही बेचा जा रहा है। मजबूरी में अभिभावक इसे खरीद रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस पर कड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि ऐसा करना बिलकुल गलत है। इस प्रकार से अगर कोई स्कूल अभिभावकों को ठगता है तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को एक पत्र लिखकर इस संबंध में कार्रवाई करने को कहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अब तक स्कूलों में छापामारी शुरू नहीं की है। अब तक एक भी स्कूल के संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
अभिभावकों है शिकायत करने का अधिकार
किसी भी प्राइवेट स्कूल में किताबों या अन्य वस्तुओं की दुकानदारी को लेकर कोई भी अभिभावक इस संबंध में डीसी, एडीसी, एसडीएम, सीटीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी को शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग के निदेशालय में भी शिकायत किया जा सकता है।
खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
इस मामले में शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। खंड शिक्षा अधिकारी को साफ तौर पर कहा गया है कि अपने-अपने खंड के संचालित प्राइवेट स्कूलों की जांच करें। अगर कोई इस प्रकाश का मामला प्रकाश में आता है तो उसका तुरंत प्रभाव से निपटारा करे और जांच करें।
मामला सामने आया तो करेंगे कार्रवाई: मेहरा
खंड शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा और यदि किसी स्कूल में कोई किताबें या अन्य सामान की दुकान पाई गई तो कार्रवाई करेंगे। अभिभावकों की ओर से आने वाले शिकायतों के आधार पर भी स्कूलों की जांच की जाएगी। विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों की हर हाल में पालना की जाएगी। लोगों के साथ किसी प्रकार की ठगी नहीं होने दी जाएगी।