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जन आयोग सामने लाएगा दंगे का सच
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Sat, 12 Mar 2016 01:27 AM IST
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प्रेस कांफ्रेंस में बोलते योगेंद्र यादव
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश बेहद दुखद और नाजुक दौर से गुजर रहा है। हिंसा के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक शांति की बात बेमानी होगी। अब जनता इस हिंसा का सच जानना चाहती है। इसके लिए जन आयोग का गठन किया गया है। जन आयोग हिंसा का सच जनता के सामने लाएगा। यह बात स्वराज अभियान के सदस्य योगेंद्र यादव ने कही। वे शुक्रवार को पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में हिंसा के बाद कुछ सामाजिक संगठन सामने आए हैं और कुछ लोगों ने सद्भावना की पहल भी की है, जो लोगों के जख्म पर मरहम का काम करेगा। लोगों की इस पहल से पता चल रहा है कि प्रदेश में सिर्फ आग लगाने वाले ही नहीं, बल्कि भाईचारे कायम करने वाले लोग भी हैं। योगेंद्र ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि चंद लोगों के बीच आकर वापस चले गए। यहां तक पीएम का अभी कोई बयान ही नहीं आया।
अब जनता हिंसा का सच जानना चाहती है। 1984 में हुए दंगे का सच भी एक जन आयोग ने जनता के सामने पेश किया था। इसी तरह प्रदेश में हुई हिंसा का सच जन आयोग जनता के सामने लाएगा। सात सदस्यीय जन आयोग के अध्यक्ष पूर्व आईपीएस वीएन राय होंगे। इनके अलावा पूर्व प्राचार्य और कवयित्री शुभा, रिटायर्ड आईएएस टीके शर्मा, रिटायर्ड वन संरक्षक मेहर सिंह और वकील राजीव गोदारा भी इसमें शामिल हैं।
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हाईकोर्ट के वकील राम मोहन राय आयोग का संयोजन करेंगे और इसके सदस्य सचिव एमडीयू के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र चौधरी होंगे। आयोग लोगों के बीच जाकर सबूत इकट्ठा करेगा। उनके आधार पर हिंसा का सच जनता के सामने लाया जाएगा। इससे पहले 18 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर वहां पर निरीक्षण किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा में हिंसा के बाद कुछ सामाजिक संगठन सामने आए हैं और कुछ लोगों ने सद्भावना की पहल भी की है, जो लोगों के जख्म पर मरहम का काम करेगा। लोगों की इस पहल से पता चल रहा है कि प्रदेश में सिर्फ आग लगाने वाले ही नहीं, बल्कि भाईचारे कायम करने वाले लोग भी हैं। योगेंद्र ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि चंद लोगों के बीच आकर वापस चले गए। यहां तक पीएम का अभी कोई बयान ही नहीं आया।
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अब जनता हिंसा का सच जानना चाहती है। 1984 में हुए दंगे का सच भी एक जन आयोग ने जनता के सामने पेश किया था। इसी तरह प्रदेश में हुई हिंसा का सच जन आयोग जनता के सामने लाएगा। सात सदस्यीय जन आयोग के अध्यक्ष पूर्व आईपीएस वीएन राय होंगे। इनके अलावा पूर्व प्राचार्य और कवयित्री शुभा, रिटायर्ड आईएएस टीके शर्मा, रिटायर्ड वन संरक्षक मेहर सिंह और वकील राजीव गोदारा भी इसमें शामिल हैं।
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हाईकोर्ट के वकील राम मोहन राय आयोग का संयोजन करेंगे और इसके सदस्य सचिव एमडीयू के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र चौधरी होंगे। आयोग लोगों के बीच जाकर सबूत इकट्ठा करेगा। उनके आधार पर हिंसा का सच जनता के सामने लाया जाएगा। इससे पहले 18 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर वहां पर निरीक्षण किया जाएगा।