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Panchkula News: दोहरी योग्यता वाले से सौतेला व्यवहार क्यों, वे ज्यादा योग्य व बेहतर विकल्प ः हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। बारहवीं व इंजीनियरिंग डिप्लोमा दो योग्यता रखने वाले याचिकाकर्ता को बारहवीं के अंकों को आधार बनाकर नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि दोहरी योग्यता वालों के साथ कैसे सौतेला व्यवहार किया जा सकता है, हमारे अनुसार वे ज्यादा योग्य व बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को कांस्टेबल के तौर पर नियुक्त करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए बठिंडा निवासी गगनदीप सिंह ने एडवोकेट विकास चतरथ के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया था कि पंजाब सरकार ने आर्म्ड फोर्स में कांस्टेबल नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ की थी। निर्धारित योग्यता बारहवीं या समकक्ष थी। याची ने भर्ती में आवेदन किया और उसे चयन सूची में भी शामिल कर लिया गया। जब दस्तावेजों की जांच हुई तो पंजाब सरकार ने उसके 12वीं कक्षा के अंकों को आधार मानते हुए उसे द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण मान 12 अंक दिए।
याची ने कहा कि उसके पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा है जो 12वींं के समकक्ष है। उसमें वह प्रथम श्रेणी में पास हुआ है और ऐसे में उसे डिप्लोमा के आधार पर 13 अंक दिए जाने चाहिए थे। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब समकक्ष योग्यता मांगी गई है तो ऐसे में जिसमें ज्यादा अंक हैं उसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि जिन मामलों में लोगोंं के पास 12वीं नहीं थी और केवल डिप्लोमा था उन्हें पूर्ण अंक दिए गए हैं तो दोहरी योग्यता वालों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। दोहरी योग्यता वाले उम्मीदवार बेहतर विकल्प और अधिक योग्य साबित होते हैं। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि पुरानी भर्ती से छेड़छाड़ न की जाए, लेकिन पुलिस कांस्टेबल के रिक्त पदों में से एक याची को दिया जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने लंबित याचिका का निपटारा कर दिया।
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याचिका दाखिल करते हुए बठिंडा निवासी गगनदीप सिंह ने एडवोकेट विकास चतरथ के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया था कि पंजाब सरकार ने आर्म्ड फोर्स में कांस्टेबल नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ की थी। निर्धारित योग्यता बारहवीं या समकक्ष थी। याची ने भर्ती में आवेदन किया और उसे चयन सूची में भी शामिल कर लिया गया। जब दस्तावेजों की जांच हुई तो पंजाब सरकार ने उसके 12वीं कक्षा के अंकों को आधार मानते हुए उसे द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण मान 12 अंक दिए।
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याची ने कहा कि उसके पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा है जो 12वींं के समकक्ष है। उसमें वह प्रथम श्रेणी में पास हुआ है और ऐसे में उसे डिप्लोमा के आधार पर 13 अंक दिए जाने चाहिए थे। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब समकक्ष योग्यता मांगी गई है तो ऐसे में जिसमें ज्यादा अंक हैं उसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि जिन मामलों में लोगोंं के पास 12वीं नहीं थी और केवल डिप्लोमा था उन्हें पूर्ण अंक दिए गए हैं तो दोहरी योग्यता वालों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। दोहरी योग्यता वाले उम्मीदवार बेहतर विकल्प और अधिक योग्य साबित होते हैं। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि पुरानी भर्ती से छेड़छाड़ न की जाए, लेकिन पुलिस कांस्टेबल के रिक्त पदों में से एक याची को दिया जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने लंबित याचिका का निपटारा कर दिया।
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