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50 फीट गहरी खाई में उतर रस्से के सहारे बचाई दो जिंदगियां

Thu, 18 Nov 2021 02:09 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 02:09 AM IST
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Two lives were saved with the help of a rope in a 50 feet deep ditch
बेहोश पड़े युवक। - फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला। 50 फीट की गहरी खाई। जंगलों के बीच सुनसान पहाड़ी एरिया। खून से लहूलुहान जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही दो जिंदगियां। इस बीच मोरनी और पंचकूला रोड पर राहगीर आते गए और निकलते गए। किसी की नजर गहरी खाई में पहाड़ों के बीच बेहोश पड़े नौजवानों पर नहीं पड़ी। सुबह से दोपहर हो गई। न लोगों की नजर पड़ी और न ही कोई मदद के लिए आगे आया। कुछ देर बाद देवदूत बनकर एंबुलेंस में सवार दो कर्मी गौरव और रमन ने मौके पर पहुंचकर अपनी जान की परवाह न करते हुए दोनों की जान बचाई।
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हादसा मंगलवार की सुबह का है। जब पंचकूला से मोरनी की तरफ जा रहे थे, सेक्टर 26 निवासी कार्तिक और लगन। उस समय बुलेट अनियंत्रित हुई और मोरनी की सड़कों से खाई में जा गिरी। करीब दो से तीन घंटे तक दोनों युवक जंगलों के बीच पहाड़ी एरिया में पड़े रहे। गनीतम था कि दोनों के सिर पर हेलमेट था, नहीं तो इतने गहरे खाई में गिरने के बाद बचना मुश्किल था, लेकिन दोनों के सिर और पैर में गहरी चोटें आई हैं। शरीर पर कई जगह खरोच के गहरे निशान भी हैं।
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आधे घंटे का रास्ता पंद्रह मिनट में किया पूरा
दिन में करीब 12.45 पर इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन गौरव के पास एक राहगीर ने सूचना दी कि जंगलों में दो युवक बेहोश पड़े हैं। गौरव ने बिना देरी किए एंबुलेंस ड्राइवर रमन को साथ लिया और दोनों पंचकूला और मार्ग पर बेहोश पड़े युवकों की जिंदगी बचाने निकल पड़े। आधे घंटे का रास्ता महज पंद्रह मिनट में पूरा कर लिया और पंचकूला मोरनी टी प्वाइंट से करीब दस किलोमीटर दूर घटना स्थल पर पहुंच गए। इतने में डायल 112 भी पहुंच गई थी, लोगों की भीड़ भी एकत्रित हो गई, लेकिन गहरी खाई में उतरने की किसी ने जहमत नहीं उठाई। सभी फोटो सेशन करने में जुटे थे। पुलिस कर्मी भी तमाशबीन बने हुए थे।
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रस्सी से स्ट्रेचर में बांधकर खाई से लाए ऊपर
इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन गौरव ने बताया कि एक पुलिस मुलाजिम और गौरव व रमन ने तुंरत एंबुलेंस से रस्सा निकाला और पेड़ में बांधकर रस्सी के सहारे खाई में उतरने लगे। गौरव ने बताया कि खाई गहरी थी, उसे डर भी लग रहा था, उसने ऐसे हालात का नौ साल की नौकरी में पहले कभी सामना नहीं किया। एक बार तो उसके हाथ से रस्सी भी छूटने लगी थी, लेकिन हिम्मत से काम लिया और तीनों लोग स्ट्रेचर लेकर किसी तरह खाई में नीचे पहुंचे। इसके बाद गौरव ने दोनों घायलों कार्तिक और लगन को प्राथमिक उपचार दिया। रस्सी से स्ट्रेचर में बांधकर खाई से किसी तरह ऊपर लेकर आए और तत्काल उन्हें एंबुलेंस से सेक्टर 6 की नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचाया, जहां जांच डॉक्टरों के जांच में पता चला कि दोनों के पैर में फ्रैक्चर हैं और सिर, चेहरे पर कई जगह गगरी चोटें आई हैं। इसके बाद घायल कार्तिक का अस्पताल में सिर का सिटी स्कैन और एमआरआई किया गया। अभी दोनों खतरे से बाहर हैं। दोनों को अस्पताल की इमरजेंसी में ही दाखिल किया गया है।
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