{"_id":"67896c96a2e4e9b4c80e3816","slug":"three-toy-trains-left-shimla-late-than-their-scheduled-time-panchkula-news-c-87-1-spkl1017-118717-2025-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: तीन टॉय ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से हुई शिमला रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: तीन टॉय ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से हुई शिमला रवाना
विज्ञापन
कालका। विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला रेलमार्ग पर वीरवार को कालका की ओर से चलने वाली तीन टॉय ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से रवाना हुई। इस दौरान सैलानियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में इंतजार करना पड़ा। इस कारण लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार संपर्क ट्रेन देरी से कालका पहुंची। इस कारण कालका-शिमला रेलमार्ग पर चलने वाली कुछ टॉय ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से रवाना की गईं।
कालका से शिमला के लिए सुबह 5:45 बजे चलने वाली शिवालिक एक्सप्रेस 50 मिनट की देरी से सुबह 6:35 बजे रवाना हुई, वहीं सुबह 6:20 बजे चलने वाली मेल एक्सप्रेस 40 मिनट की देरी से सुबह 7:00 बजे रवाना हुई।
विज्ञापन
इसी तरह सुबह 7 बजे चलने वाली हिमदर्शन एक्सप्रेस 28 मिनट लेट सुबह 7:28 बजे कालका रेलवे स्टेशन से रवाना हुई।
इस बारे में कालका रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि हावड़ा से कालका आने वाली नेताजी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 3 घंटे लेट पहुंची थी। इस कारण टॉय ट्रेनों को देरी से रवाना किया गया।
विज्ञापन
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार संपर्क ट्रेन देरी से कालका पहुंची। इस कारण कालका-शिमला रेलमार्ग पर चलने वाली कुछ टॉय ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से रवाना की गईं।
विज्ञापन
कालका से शिमला के लिए सुबह 5:45 बजे चलने वाली शिवालिक एक्सप्रेस 50 मिनट की देरी से सुबह 6:35 बजे रवाना हुई, वहीं सुबह 6:20 बजे चलने वाली मेल एक्सप्रेस 40 मिनट की देरी से सुबह 7:00 बजे रवाना हुई।
विज्ञापन
इसी तरह सुबह 7 बजे चलने वाली हिमदर्शन एक्सप्रेस 28 मिनट लेट सुबह 7:28 बजे कालका रेलवे स्टेशन से रवाना हुई।
इस बारे में कालका रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि हावड़ा से कालका आने वाली नेताजी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 3 घंटे लेट पहुंची थी। इस कारण टॉय ट्रेनों को देरी से रवाना किया गया।