{"_id":"616b2f546c052b09e47549fd","slug":"situation-seven-trees-were-cut-from-near-the-forest-department-office-without-permission-the-department-is-preparing-the-damage-report-by-taking-action-under-section-4-pkl-office-news-pkl4302226170","type":"story","status":"publish","title_hn":"हालात : बिना अनुमति वन विभाग कार्यालय के समीप से सात पेड़ काटे, विभाग सेक्शन-4 के तहत कार्रवाई कर तैयार कर रहा है डैमेज रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हालात : बिना अनुमति वन विभाग कार्यालय के समीप से सात पेड़ काटे, विभाग सेक्शन-4 के तहत कार्रवाई कर तैयार कर रहा है डैमेज रिपोर्ट
विज्ञापन
पिंजौर। वन विभाग कार्यालय के समीप अनुमति लिए बगैर सात पेड़ काटने का मामला सामने आया है। लोगों ने अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाकर कहा है कि जब विभागीय अधिकारी कार्यालय के समीप लगे पेड़ों को नहीं बचा पाए तो पिंजौर शहर के रायतन क्षेत्र में विभाग पेड़ों की क्या सुरक्षा करेगा। हालांकि वन विभाग ने बलवंत निवासी गांव वासुदेवपुरा पिंजौर के खिलाफ बिना अनुमति पेड़ काटने के कारण सेक्शन-4 के तहत कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार वन विभाग परिसर के समीप स्थित निजी जमीन पर करीब सात पेड़ थे। इसमें आम के पेड़ भी शामिल थे। इनको वहां के लोगों ने काट दिया। लोगों ने बताया कि वहां से पेड़ काटकर धड़ल्ले से निर्माण कार्य किया जा रहा है।
विभाग ने कार्रवाई नहीं की तो उच्चाधिकारियों से करेंगे शिकायत
विधायक प्रदीप चौधरी का कहना है कि अगर रायतन और दून क्षेत्र में किसान अपने खेतों से पेड़ों की टहनियां भी काट दे तो वन विभाग के लोग कार्रवाई करने पहुंच जाते हैं। ग्रामीण अगर जंगल से सूखी लकड़ियां भी लेने जाएं तो उन्हें कर्मचारियों द्वारा तंग किया जाता है। यहां वन विभाग की नाक के नीचे फलदार पेड़ काट दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी केवल औपचारिकता पूरी कर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। अगर यहां के अधिकारी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाएंगे तो वे इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे।
अपनी जमीन से बिना पूर्व अनुमति के सात पेड़ काटने पर बलवंत सिंह के खिलाफ सेक्शन-4 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके तहत डैमेज रिपोर्ट तैयार की जाएगी और व्यक्ति जुर्माना देता है तो ठीक है अन्यथा मामले को कोर्ट में भेज दिया जाएगा। अगर 50 से ज्यादा पेड़ होते तो उसके खिलाफ एफआईआर करवाई जाती। - सुनील कुमार शर्मा, रेंज ऑफिसर, वन विभाग पिंजौर
विज्ञापन
विज्ञापन
विभाग ने कार्रवाई नहीं की तो उच्चाधिकारियों से करेंगे शिकायत
विधायक प्रदीप चौधरी का कहना है कि अगर रायतन और दून क्षेत्र में किसान अपने खेतों से पेड़ों की टहनियां भी काट दे तो वन विभाग के लोग कार्रवाई करने पहुंच जाते हैं। ग्रामीण अगर जंगल से सूखी लकड़ियां भी लेने जाएं तो उन्हें कर्मचारियों द्वारा तंग किया जाता है। यहां वन विभाग की नाक के नीचे फलदार पेड़ काट दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी केवल औपचारिकता पूरी कर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। अगर यहां के अधिकारी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाएंगे तो वे इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे।
विज्ञापन
अपनी जमीन से बिना पूर्व अनुमति के सात पेड़ काटने पर बलवंत सिंह के खिलाफ सेक्शन-4 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके तहत डैमेज रिपोर्ट तैयार की जाएगी और व्यक्ति जुर्माना देता है तो ठीक है अन्यथा मामले को कोर्ट में भेज दिया जाएगा। अगर 50 से ज्यादा पेड़ होते तो उसके खिलाफ एफआईआर करवाई जाती। - सुनील कुमार शर्मा, रेंज ऑफिसर, वन विभाग पिंजौर
विज्ञापन