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पंजाब प्रदेश भाजपा सचिव को 6 सितंबर तक जमानत
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब भाजपा प्रदेश सचिव सुखपाल सिंह सरां को राहत जारी रखते हुए अंतरिम जमानत को 6 सितंबर तक बढ़ा दिया है। बुधवार को राज्य सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा तो हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर जवाब देने की छूट दे दी।
ग्रंथी ने शिकायत देते हुए कहा था कि पंजाब भाजपा के सचिव सुखपाल सिंह सरां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलामती और राम रहीम की जेल से रिहाई की अरदास लगाई थी। शिकायत को आधार बनाते हुए बठिंडा के सदर पुलिस थाने में 20 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए सरां ने पहले बठिंडा की जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी जिसे खारिज कर दिया गया। जिला अदालत से राहत न मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अग्रिम जमानत की मांग की है।
एडवोकेट राव पीएस गिरवर के माध्यम से दाखिल याचिका में उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक रंजिश के चलते दर्ज करवाया गया है। इससे पहले भी उन पर इस तरह के केस दर्ज करवाए जा चुके हैं। याची ने कहा कि वह सिख परिवार से है और डेरामुखी का विरोधी रहा है। ऐसे में डेरामुखी के जेल से बाहर आने की अरदास का तो सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में पुलिस का सहयोग करने और जांच में शामिल होने को तैयार हैं, ऐसे में उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए। हाईकोर्ट ने फिलहाल उन्हें जांच में शामिल होने का आदेश दिया है और अग्रिम जमानत पर फैसला होने तक उन्हें अंतरिम तौर पर जमानत का लाभ दे दिया है।
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ग्रंथी ने शिकायत देते हुए कहा था कि पंजाब भाजपा के सचिव सुखपाल सिंह सरां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलामती और राम रहीम की जेल से रिहाई की अरदास लगाई थी। शिकायत को आधार बनाते हुए बठिंडा के सदर पुलिस थाने में 20 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए सरां ने पहले बठिंडा की जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी जिसे खारिज कर दिया गया। जिला अदालत से राहत न मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अग्रिम जमानत की मांग की है।
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एडवोकेट राव पीएस गिरवर के माध्यम से दाखिल याचिका में उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक रंजिश के चलते दर्ज करवाया गया है। इससे पहले भी उन पर इस तरह के केस दर्ज करवाए जा चुके हैं। याची ने कहा कि वह सिख परिवार से है और डेरामुखी का विरोधी रहा है। ऐसे में डेरामुखी के जेल से बाहर आने की अरदास का तो सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में पुलिस का सहयोग करने और जांच में शामिल होने को तैयार हैं, ऐसे में उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए। हाईकोर्ट ने फिलहाल उन्हें जांच में शामिल होने का आदेश दिया है और अग्रिम जमानत पर फैसला होने तक उन्हें अंतरिम तौर पर जमानत का लाभ दे दिया है।
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