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पीयू हॉस्टलों में ऑडिट के नाम पर हर माह 50 हजार खर्च करने के आदेश, पूर्व डीएसडब्ल्यू घिरे

Thu, 29 Aug 2019 04:08 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 29 Aug 2019 04:08 PM IST
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punjab university hostals audit by dsw jagat bhushan
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय को एक तरफ फाइनेंशियल क्रंच से बचाने के लिए कई कोशिश चल रही है, वहीं दूसरी ओर ऑडिट के नाम पर हर माह 50 हजार रुपये बहाने का फरमान जारी कर दिया गया। अचानक ऑडिट का आदेश दिए जाने के बाद हॉस्टल वार्डन भी हैरत में हैं, आखिर ऐसा आदेश पूर्व डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर ने क्यों जारी किया? जानकारों ने इस आदेश को वापस लेने के लिए कहा है। उनका तर्क है कि छह माह से एक साल में ऑडिट किए जाने के नियम पहले से चले आ रहे हैं। ऐसे में हर माह पीयू इस कार्य के लिए इतनी बड़ी रकम क्यों दे रहा है।
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पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र संगठन सोई के एक छात्र नेता ने डीएसडब्ल्यू को चिट्ठी लिखी थी। उसी को आधार मानते हुए पूर्व डीएसडब्ल्यू ने आदेश जारी कर दिए। हर माह हॉस्टलों के अकाउंट का ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें मेस, कैंटीन, सिक्योरिटी के खाते भी शामिल हैं। जारी आदेश में कहा है कि ऑडिट करने वाली मोहाली की संस्था को हर माह 2500 रुपये प्रति हॉस्टल के हिसाब से दिए जाएंगे। इस तरह 50 हजार रुपये प्रतिमाह जारी होंगे। सूत्रों का कहना है कि पीयू के उच्चाधिकारियों को भी इसकी भनक नहीं लगी है।
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हालांकि, हॉस्टल के कुछ वार्डन ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में यह मामला बुधवार को लाया तो वह भी हैरत में हैं। आखिर हॉस्टलों में हर माह ऑडिट की क्या जरूरत महसूस हुई। सूत्रों का कहना है कि इसके नाम पर खेल करने की तैयारी चल रही है। यदि पीयू प्रशासन ने इस आदेश को वापस नहीं लिया तो इसको लेकर असंतोष पनप सकता है।
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हॉस्टलों में ट्रांसपैरेंसी के लिए ऑडिट जरूरी है। पहले भी व्यवस्था यह चली आ रही है। इससे और पारदर्शिता आएगी।
-प्रो. इमैनुअल नाहर, पूर्व डीएसडब्ल्यू

यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसके बारे में पता करेंगे और जरूरत पड़ने पर जांच भी कराई जा सकती है।
- डॉ. जगत भूषण, डीएसडब्ल्यू
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