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पंचकूला: आंसू गैस के प्रभाव से बचने के लिए प्रदर्शनकारी सेक्टरों में घुसे
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संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे तो कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। प्रदर्शनकारी इससे बचने के लिए सेक्टर-17 और 18 में घुस गए। भारी संख्या में कर्मचारी कुछ देर तक दोनों सेक्टरों में घूमते रहे। आंसू गैस का प्रभाव खत्म होते ही कर्मचारी दोबारा पंचकूला रोड पर लौट आए। इस आंदोलन के दौरान पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा करीब साढ़े चार घंटे बंद रहा। इससे आवागमन करने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस माह मांगों को लेकर विभिन्न संगठन तीन बार यहां प्रदर्शन कर चुके हैं। इससे लोगों को आए दिन परेशानी होने लगी है।
इससे पहले प्रदर्शनकारियों को तीतर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार भी की थी। इसके बाद हल्का बल प्रयोग करने पर एक बार फिर प्रदर्शनकारी भागते नजर आए। आंसू गैस के कारण प्रदर्शन कारी सहित कई पुलिसकर्मी मौके पर ही उल्टी करने लगे। उसके बाद प्रदर्शनकारी दोबारा से बैरिगेट को पार करने लगे तो उस दौरान पुलिस ने उन पर हल्का बल प्रयोग किया।
10 कर्मचारी हुए घायल
वाटर कैनन और आंसू के गोले चलाने के बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेट को पार करने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद मजबूरन प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसमें 10 कर्मचारी घायल हो गए। सभी घायल प्रदर्शनकारियों को उपचार के लिए सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। उपचार के बाद सभी को अस्पताल से छुट्टी दी गई। घायलों की पहचान हरविंद्र सेक्टर-25, प्रदीप हिंसार, सरोज हिंसार, विनोद गोहाना, पृथ्वी डबवाली, सतपाल तरावड़ी, विजय कैथल, गुलाब सिंह नरवाना, सुरिंद्र सिंह और कपिल कैथल निवासी के रूप में हुई है।
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ये रास्ते रहे बंद
- गीता चौक से सेक्टर 18 मेजर संदीप सागर चौक की ओर आने व जाने वाली सड़क को बंद रखा गया
-सेक्टर 16 अग्रसेन चौक से चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड की ओर आने-जाने वाली सड़क बंद रही
-सेक्टर 18 मेजर संदीप सागर चौक से मौलीजांगरा की ओर जाने वाली सड़क को बंद रखा गया
-सेक्टर 18 मेजर संदीप सागर चौक से चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड बॉर्डर की ओर आनेजाने वाली सड़क को बंद रखा गया
यहां रहा जाम
- गीता चौक से सेक्टर-5 बस अड्डे की ओर आने व जाने वाली सड़क
- गीता चौक से बेलाविस्टा चौक की ओर आने-जाने वाली सड़क
- सेक्टर 5//8/9 चौक से लेबर चौक की ओर आने-जाने वाली सड़क
-सेक्टर 16 व 17 डिवाइडिंग रोड से सेक्टर 17 होकर सेक्टर-18 की ओर जाने वाली सड़क पर भारी ट्रैफिक रहा। प्रदर्शन कारियों ने प्रदर्शन के दौरान शहर के कई मार्केट व रेजिडेंशियल एरिया में घरों के आगे अपनी गाड़ियों को पार्क कर रखा था। इसके कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ओल्ड पेंशन स्कीम और नई पेंशन स्कीम में क्या है अंतर पुरानी पेंशन स्कीम
-पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं
-- ओपीएस में सेवानिवृत्ति पर पेंशन की गारंटी
-मृत्यु के बाद परिवार को पेंशन का प्रावधान
-ओपीएस में समस्या पर विभाग व राज्य सरकार द्वारा समाधान
-जीपीएफ में जमा राशि पर अधिकतम 90 प्रतिशत राशि की निकासी का प्रावधान में पेंशन के लिए कोई निवेश नहीं नई पेंशन स्कीम
-कर्मचारी के वेतन से दस प्रतिशत राशि की कटौती, सरकार द्वारा 14 प्रतिशत का योगदान।
-एनपीएस में सेवानिवृत्ति पर पेंशन का प्रावधान नहीं, शेयर मार्केट व बीमा कंपनी पर आधारित
-एक मुश्त पैसा, जमा पैसों को लेकर स्थिति साफ नहीं।
- एनपीएस में पेंशन कर्मचारी द्वारा चुनी गई बीमा कंपनियों द्वारा निर्धारित-एनपीएस में विवाद की स्थिति में बीमा कंपनियों द्वारा समाधान
-एनपीएस में केवल विकट परिस्थिति में कर्मचारी के शेयर की महज 25 प्रतिशत निकासी
- कुल जमा राशि का 40 प्रतिशत पेंशन के लिए निवेश करना पड़ता है।
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इससे पहले प्रदर्शनकारियों को तीतर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार भी की थी। इसके बाद हल्का बल प्रयोग करने पर एक बार फिर प्रदर्शनकारी भागते नजर आए। आंसू गैस के कारण प्रदर्शन कारी सहित कई पुलिसकर्मी मौके पर ही उल्टी करने लगे। उसके बाद प्रदर्शनकारी दोबारा से बैरिगेट को पार करने लगे तो उस दौरान पुलिस ने उन पर हल्का बल प्रयोग किया।
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10 कर्मचारी हुए घायल
वाटर कैनन और आंसू के गोले चलाने के बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेट को पार करने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद मजबूरन प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसमें 10 कर्मचारी घायल हो गए। सभी घायल प्रदर्शनकारियों को उपचार के लिए सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। उपचार के बाद सभी को अस्पताल से छुट्टी दी गई। घायलों की पहचान हरविंद्र सेक्टर-25, प्रदीप हिंसार, सरोज हिंसार, विनोद गोहाना, पृथ्वी डबवाली, सतपाल तरावड़ी, विजय कैथल, गुलाब सिंह नरवाना, सुरिंद्र सिंह और कपिल कैथल निवासी के रूप में हुई है।
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ये रास्ते रहे बंद
- गीता चौक से सेक्टर 18 मेजर संदीप सागर चौक की ओर आने व जाने वाली सड़क को बंद रखा गया
-सेक्टर 16 अग्रसेन चौक से चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड की ओर आने-जाने वाली सड़क बंद रही
-सेक्टर 18 मेजर संदीप सागर चौक से मौलीजांगरा की ओर जाने वाली सड़क को बंद रखा गया
-सेक्टर 18 मेजर संदीप सागर चौक से चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड बॉर्डर की ओर आनेजाने वाली सड़क को बंद रखा गया
यहां रहा जाम
- गीता चौक से सेक्टर-5 बस अड्डे की ओर आने व जाने वाली सड़क
- गीता चौक से बेलाविस्टा चौक की ओर आने-जाने वाली सड़क
- सेक्टर 5//8/9 चौक से लेबर चौक की ओर आने-जाने वाली सड़क
-सेक्टर 16 व 17 डिवाइडिंग रोड से सेक्टर 17 होकर सेक्टर-18 की ओर जाने वाली सड़क पर भारी ट्रैफिक रहा। प्रदर्शन कारियों ने प्रदर्शन के दौरान शहर के कई मार्केट व रेजिडेंशियल एरिया में घरों के आगे अपनी गाड़ियों को पार्क कर रखा था। इसके कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ओल्ड पेंशन स्कीम और नई पेंशन स्कीम में क्या है अंतर पुरानी पेंशन स्कीम
-पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं
-मृत्यु के बाद परिवार को पेंशन का प्रावधान
-ओपीएस में समस्या पर विभाग व राज्य सरकार द्वारा समाधान
-जीपीएफ में जमा राशि पर अधिकतम 90 प्रतिशत राशि की निकासी का प्रावधान में पेंशन के लिए कोई निवेश नहीं नई पेंशन स्कीम
-कर्मचारी के वेतन से दस प्रतिशत राशि की कटौती, सरकार द्वारा 14 प्रतिशत का योगदान।
-एनपीएस में सेवानिवृत्ति पर पेंशन का प्रावधान नहीं, शेयर मार्केट व बीमा कंपनी पर आधारित
-एक मुश्त पैसा, जमा पैसों को लेकर स्थिति साफ नहीं।
- एनपीएस में पेंशन कर्मचारी द्वारा चुनी गई बीमा कंपनियों द्वारा निर्धारित-एनपीएस में विवाद की स्थिति में बीमा कंपनियों द्वारा समाधान
-एनपीएस में केवल विकट परिस्थिति में कर्मचारी के शेयर की महज 25 प्रतिशत निकासी
- कुल जमा राशि का 40 प्रतिशत पेंशन के लिए निवेश करना पड़ता है।