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पंचकूला: सीएम आवास घेरने निकले कर्मचारियों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां, दस घायल
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प्वाइंटरपुरानी पेंशन बहाली की मांग लेकर निकले थे प्रदेश भर के करीब आठ हजार कर्मचारी
मुख्यमंत्री के ओएसडी पहुंचे मौके पर, शिष्टमंडल को सीएम से मिलवाने का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला/चंडीगढ़। पुरानी पेंशन की बहाली की मांग लेकर रविवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आवास घेरने निकले राज्य के करीब आठ हजार कर्मचारियों को पुलिस ने पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा पर हाउसिंग बोर्ड चौके के पास रोक दिया। कर्मचारी पुलिस बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। कर्मचारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का प्रयोग किया लेकिन वे नहीं माने। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। माहौल कुछ देर तक शांत रहा लेकिन कर्मचारी दोबारा बैरिकेड पार करने की कोशिश करने लगे। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें दस कर्मचारी घायल हो गए।
संघर्ष समिति के सदस्य रविवार को सेक्टर-5 के रामलीला ग्राउंड पहुंचे। वहां से अलग-अलग जिलों के करीब आठ हजार कर्मचारियों ने मांगों को लेकर चंडीगढ़ कूच किया। पुलिस ने उन्हें हाउसिंग बोर्ड के पास पंचकूला की तरफ रोक लिया। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चंडीगढ़ की पुलिस भी मुस्तैद नहीं। हाउसिंग बोर्ड पर छह थानों से फोर्स मंगाई गई थी। मौके पर चंडीगढ़ के एसपी सिटी केतन बंसल भी मौजूद रहे। उधर, लाठीचार्ज में घायल कर्मचारियों को पंचकूला के नागरिक अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इस दौरान दोपहर दो बजे से शाम 6.30 बजे तक पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा और आसपास के रास्तों को बंद रखा गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।
मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा : संघर्ष समिति
लाठीचार्ज के बाद भी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल के नेतृत्व में चंडीगढ़ सीमा पर धरने पर डटे रहे। शाम करीब 6 बजे मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सोमवार को सेशन खत्म होने के बाद वह एक शिष्टमंडल को सीएम से मिलवाएंगे। वहां वह अपनी मांगों को सीएम के समक्ष रख सकते हैं। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें सरकार नहीं तब तक धरना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। सीएम ओएसडी के आश्वासन के बाद पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा से प्रदर्शनकारी सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर लौट आए और भूख हड़ताल शुरू कर दी। शाम करीब 6.30 बजे के बाद शहर की सड़कों पर यातायात सुचारू हो सका।
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कोट
प्रदशर्नकारियों ने जबरदस्ती बैरिकेट तोड़कर चंडीगढ़ में प्रवेश करने की कोशिश की। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस को उन्हें तिरत-बितर करने के लिए हल्का बल का प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान एसडीएम ममता शर्मा भी मौजूद थीं।
-सुमेर प्रताप सिंह, डीसीपी, पंचकूला
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मुख्यमंत्री के ओएसडी पहुंचे मौके पर, शिष्टमंडल को सीएम से मिलवाने का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला/चंडीगढ़। पुरानी पेंशन की बहाली की मांग लेकर रविवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आवास घेरने निकले राज्य के करीब आठ हजार कर्मचारियों को पुलिस ने पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा पर हाउसिंग बोर्ड चौके के पास रोक दिया। कर्मचारी पुलिस बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। कर्मचारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का प्रयोग किया लेकिन वे नहीं माने। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। माहौल कुछ देर तक शांत रहा लेकिन कर्मचारी दोबारा बैरिकेड पार करने की कोशिश करने लगे। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें दस कर्मचारी घायल हो गए।
संघर्ष समिति के सदस्य रविवार को सेक्टर-5 के रामलीला ग्राउंड पहुंचे। वहां से अलग-अलग जिलों के करीब आठ हजार कर्मचारियों ने मांगों को लेकर चंडीगढ़ कूच किया। पुलिस ने उन्हें हाउसिंग बोर्ड के पास पंचकूला की तरफ रोक लिया। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चंडीगढ़ की पुलिस भी मुस्तैद नहीं। हाउसिंग बोर्ड पर छह थानों से फोर्स मंगाई गई थी। मौके पर चंडीगढ़ के एसपी सिटी केतन बंसल भी मौजूद रहे। उधर, लाठीचार्ज में घायल कर्मचारियों को पंचकूला के नागरिक अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इस दौरान दोपहर दो बजे से शाम 6.30 बजे तक पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा और आसपास के रास्तों को बंद रखा गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।
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मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा : संघर्ष समिति
लाठीचार्ज के बाद भी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल के नेतृत्व में चंडीगढ़ सीमा पर धरने पर डटे रहे। शाम करीब 6 बजे मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सोमवार को सेशन खत्म होने के बाद वह एक शिष्टमंडल को सीएम से मिलवाएंगे। वहां वह अपनी मांगों को सीएम के समक्ष रख सकते हैं। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें सरकार नहीं तब तक धरना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। सीएम ओएसडी के आश्वासन के बाद पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा से प्रदर्शनकारी सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर लौट आए और भूख हड़ताल शुरू कर दी। शाम करीब 6.30 बजे के बाद शहर की सड़कों पर यातायात सुचारू हो सका।
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कोट
प्रदशर्नकारियों ने जबरदस्ती बैरिकेट तोड़कर चंडीगढ़ में प्रवेश करने की कोशिश की। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस को उन्हें तिरत-बितर करने के लिए हल्का बल का प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान एसडीएम ममता शर्मा भी मौजूद थीं।
-सुमेर प्रताप सिंह, डीसीपी, पंचकूला