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Panchkula News: आंख के इलाज में मरीजों को चार मंजिल के चक्कर
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सिविल अस्पताल में आई विभाग दो बिल्डिंग में बंटा, हांफे मरीज
ऑपरेशन थिएटर एमसीएच में, ओपीडी-वार्ड पुरानी बिल्डिंग में, वेटिंग के चक्कर में पसीना बहा रहे मरीज
पंचकूला। सिविल अस्पताल पंचकूला में आंख का इलाज करवाना मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अस्पताल प्रशासन ने आई विभाग को दो अलग-अलग बिल्डिंग में बांट दिया है। ओपीडी पुरानी बिल्डिंग में है, जबकि ऑपरेशन थिएटर एमसीएच बिल्डिंग में और वार्ड फिर पुरानी बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर है। इससे रोजाना सैकड़ों मरीजों को कई बार चार-चार मंजिल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
ग्राउंड पर क्या है व्यवस्था:
नई व्यवस्था के तहत डी-ब्लॉक की पहली मंजिल पर आंखों की ओपीडी बनाई गई है। मरीजों का वार्ड पुरानी बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर है। आंखों के ऑपरेशन का थिएटर नई मदर एंड चाइल्ड केयर (एमसीएच) बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर बनाया गया है। मरीज पहले ओपीडी में जांच करवाते हैं। इसके बाद सर्जन की राय के लिए एमसीएच की चौथी मंजिल पर जाना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद उन्हें फिर पुरानी बिल्डिंग के चौथी मंजिल स्थित वार्ड में लाया जाता है। अगले दिन डिस्चार्ज और चेकअप के लिए दोबारा ओपीडी पहुंचना पड़ता है।
मरीजों का दर्द, उन्हीं की जुबानी:
बरवाला से आए 70 वर्षीय जगदीश ने बताया कि आंख का इलाज करवाने आए थे, लेकिन कई मंजिलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ओपीडी से एमसीएच की चौथी मंजिल जाने में लिफ्ट की भीड़ के कारण काफी समय लगा। ऑपरेशन के बाद फिर पुरानी बिल्डिंग भेज दिया गया।
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पिंजौर से आई बिमला देवी की बेटी ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मां को व्हीलचेयर से ले जाना पड़ रहा है। एमसीएच का रैंप काफी खड़ा है। मरीजों के लिए एक ही लिफ्ट होने से घंटों इंतजार करना पड़ता है।
एक लिफ्ट मरीजों की, एक डॉक्टरों की:
मरीजों का आरोप है कि एमसीएच में एक लिफ्ट डॉक्टरों के लिए आरक्षित है। मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को एक ही लिफ्ट से जाना पड़ता है। इससे ऑपरेशन के बाद मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने में भी देरी होती है। अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि व्यवस्था अस्थायी है।
कोट
आई और आर्थो के मरीजों के ऑपरेशन थिएटर की एमसीएच बिल्डिंग में अस्थायी व्यवस्था है। सिविल अस्पताल के डी-ब्लॉक में इलेक्ट्रिकल और एसी फिटिंग का काम चल रहा है। इसलिए ऑपरेशन थिएटर एमसीएच में शिफ्ट किए गए हैं। बिल्डिंग का काम पूरा होते ही ऑर्थो, आई और सर्जरी के ऑपरेशन थिएटर फिर पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिए जाएंगे।-- डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ
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ऑपरेशन थिएटर एमसीएच में, ओपीडी-वार्ड पुरानी बिल्डिंग में, वेटिंग के चक्कर में पसीना बहा रहे मरीज
पंचकूला। सिविल अस्पताल पंचकूला में आंख का इलाज करवाना मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अस्पताल प्रशासन ने आई विभाग को दो अलग-अलग बिल्डिंग में बांट दिया है। ओपीडी पुरानी बिल्डिंग में है, जबकि ऑपरेशन थिएटर एमसीएच बिल्डिंग में और वार्ड फिर पुरानी बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर है। इससे रोजाना सैकड़ों मरीजों को कई बार चार-चार मंजिल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
ग्राउंड पर क्या है व्यवस्था:
नई व्यवस्था के तहत डी-ब्लॉक की पहली मंजिल पर आंखों की ओपीडी बनाई गई है। मरीजों का वार्ड पुरानी बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर है। आंखों के ऑपरेशन का थिएटर नई मदर एंड चाइल्ड केयर (एमसीएच) बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर बनाया गया है। मरीज पहले ओपीडी में जांच करवाते हैं। इसके बाद सर्जन की राय के लिए एमसीएच की चौथी मंजिल पर जाना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद उन्हें फिर पुरानी बिल्डिंग के चौथी मंजिल स्थित वार्ड में लाया जाता है। अगले दिन डिस्चार्ज और चेकअप के लिए दोबारा ओपीडी पहुंचना पड़ता है।
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मरीजों का दर्द, उन्हीं की जुबानी:
बरवाला से आए 70 वर्षीय जगदीश ने बताया कि आंख का इलाज करवाने आए थे, लेकिन कई मंजिलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ओपीडी से एमसीएच की चौथी मंजिल जाने में लिफ्ट की भीड़ के कारण काफी समय लगा। ऑपरेशन के बाद फिर पुरानी बिल्डिंग भेज दिया गया।
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पिंजौर से आई बिमला देवी की बेटी ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मां को व्हीलचेयर से ले जाना पड़ रहा है। एमसीएच का रैंप काफी खड़ा है। मरीजों के लिए एक ही लिफ्ट होने से घंटों इंतजार करना पड़ता है।
एक लिफ्ट मरीजों की, एक डॉक्टरों की:
मरीजों का आरोप है कि एमसीएच में एक लिफ्ट डॉक्टरों के लिए आरक्षित है। मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को एक ही लिफ्ट से जाना पड़ता है। इससे ऑपरेशन के बाद मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने में भी देरी होती है। अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि व्यवस्था अस्थायी है।
कोट
आई और आर्थो के मरीजों के ऑपरेशन थिएटर की एमसीएच बिल्डिंग में अस्थायी व्यवस्था है। सिविल अस्पताल के डी-ब्लॉक में इलेक्ट्रिकल और एसी फिटिंग का काम चल रहा है। इसलिए ऑपरेशन थिएटर एमसीएच में शिफ्ट किए गए हैं। बिल्डिंग का काम पूरा होते ही ऑर्थो, आई और सर्जरी के ऑपरेशन थिएटर फिर पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिए जाएंगे।