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पेपर लीक : सीएम ने पुरानी भर्तियों पर उठाई उंगली, हुड्डा ने वर्तमान प्रणाली पर घेरा
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चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन पेपर लीक पर फिर हंगामा हुआ। निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू, कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, जगबीर मलिक पुलिस भर्ती के लीक हुए पेपर व कर्मचारी चयन आयोग की कार्यप्रणाली पर ध्यानाकार्षण प्रस्ताव लाए थे। इस पर चर्चा के दौरान सीएम मनोहर लाल और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा के बीच तीखी बहस हुई।
हुड्डा सीबीआई जांच की मांग करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि पुलिस जांच सही दिशा में है और मुख्य आरोपी तक पहुंच चुके हैं। अगर पेपर लीक के सरगना को पकड़ने में पुलिस विफल रहती है या पूरे मामले का पटाक्षेप नहीं करती तो सिटिंग या सेवानिवृत्त जज से इसकी जांच कराएंगे। इससे खफा कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।
निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि पेपर लीक एक कलंक है। इससे लाखों युवा प्रभावित हो रहे हैं। इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए। साथ ही जो कानून बन रहा है, उस पर गंभीरता से विचार करें, जल्दबाजी में पास न किया जाए। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि प्रदेश में बिना खर्ची और पर्ची के भर्ती हो रही है।
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ये तो लखी करोड़ी हो गए : हुड्डा
हुड्डा ने कहावत सुनाते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर वाले ने पूछा, सौ सिंह है, बाहर वाले ने कहा ना। फिर पूछा हजारी है, फिर जवाब आया ना। तीसरी बार पूछा लखी है, ना कहते हुए बाहर वाले ने कहा मैं तो करोड़ी हूं। हुड्डा ने कहा भाजपा राज में तो पेपर लाखों करोड़ों में बिकने लगे हैं। ये तो लखी करोड़ी हो गए। जो लोग खर्ची-पर्ची की बात करते हैं,।अगर किसी के पास सबूत हैं तो सामने रखें। केवल झूठी बातें कहने से कुछ नहीं होगा।
जो उठाते हैं किरदार पर मेरे उंगली, मुझे लगता है उनके घर में आइना नहीं : मनोहर
हुड्डा पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शायराना अंदाज में कहा कि जो उठाते हैं किरदार पर उंगली मेरे, लगता है उनके घर में आइना नहीं है। सीएम ने कहा कि हम तो केस दर्ज कर रहे हैं और दोषियों को नहीं बख्शते। पहले तो केस ही दर्ज नहीं होते थे। 2015 में जब आयोग का पुनर्गठन किया तब उससे पहले का रिकॉर्ड गायब मिला, सिर्फ वही रिकॉर्ड मौजूद रहा जो कोर्ट की जानकारी या कस्टडी में था। भाजपा सरकार ने गड़बड़ी मिलने पर 4 भर्ती रद्द की हैं, जबकि हुड्डा राज में कोर्ट ने 3 भर्ती रद्द की। हमने जितने भी दोषियों को पकड़ा सभी को निलंबित किया। अभी तक मेरिट पर भर्तियां की हैं, आगे भी मेरिट मिशन जारी रहेगा। पेपर लीक मामले में पक्ष, विपक्ष से भी अगर कोई फंसेगा तो उसे टांग दिया जाएगा।
अब तक केवल चार पेपर लीक
मनोहर लाल ने कहा कि अभी तक सिर्फ 4 पेपर ही लीक हुए हैं। पेपर आउट या नकल को लीक से नहीं जोड़ा जा सकता। जो पेपर लीक हुए उनमें 9 जनवरी को ग्राम सचिव, 15 मार्च 2020 को एएलएम, 1 मार्च 2020 को अपर डिवीजन क्लर्क और 7 अगस्त को पुलिस सिपाही भर्ती केपेपर शामिल हैं। वर्ष 2001 से 14 तक केवल 6 केस दर्ज हुए, जबकि 2014 से 21 तक 43 केस दर्ज किए। हमारे पास प्रमाण हैं कि लोगों को निर्धारित से भी अधिक अंक साक्षात्कार में दिए गए।
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हुड्डा सीबीआई जांच की मांग करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि पुलिस जांच सही दिशा में है और मुख्य आरोपी तक पहुंच चुके हैं। अगर पेपर लीक के सरगना को पकड़ने में पुलिस विफल रहती है या पूरे मामले का पटाक्षेप नहीं करती तो सिटिंग या सेवानिवृत्त जज से इसकी जांच कराएंगे। इससे खफा कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।
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निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि पेपर लीक एक कलंक है। इससे लाखों युवा प्रभावित हो रहे हैं। इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए। साथ ही जो कानून बन रहा है, उस पर गंभीरता से विचार करें, जल्दबाजी में पास न किया जाए। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि प्रदेश में बिना खर्ची और पर्ची के भर्ती हो रही है।
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ये तो लखी करोड़ी हो गए : हुड्डा
हुड्डा ने कहावत सुनाते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर वाले ने पूछा, सौ सिंह है, बाहर वाले ने कहा ना। फिर पूछा हजारी है, फिर जवाब आया ना। तीसरी बार पूछा लखी है, ना कहते हुए बाहर वाले ने कहा मैं तो करोड़ी हूं। हुड्डा ने कहा भाजपा राज में तो पेपर लाखों करोड़ों में बिकने लगे हैं। ये तो लखी करोड़ी हो गए। जो लोग खर्ची-पर्ची की बात करते हैं,।अगर किसी के पास सबूत हैं तो सामने रखें। केवल झूठी बातें कहने से कुछ नहीं होगा।
जो उठाते हैं किरदार पर मेरे उंगली, मुझे लगता है उनके घर में आइना नहीं : मनोहर
हुड्डा पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शायराना अंदाज में कहा कि जो उठाते हैं किरदार पर उंगली मेरे, लगता है उनके घर में आइना नहीं है। सीएम ने कहा कि हम तो केस दर्ज कर रहे हैं और दोषियों को नहीं बख्शते। पहले तो केस ही दर्ज नहीं होते थे। 2015 में जब आयोग का पुनर्गठन किया तब उससे पहले का रिकॉर्ड गायब मिला, सिर्फ वही रिकॉर्ड मौजूद रहा जो कोर्ट की जानकारी या कस्टडी में था। भाजपा सरकार ने गड़बड़ी मिलने पर 4 भर्ती रद्द की हैं, जबकि हुड्डा राज में कोर्ट ने 3 भर्ती रद्द की। हमने जितने भी दोषियों को पकड़ा सभी को निलंबित किया। अभी तक मेरिट पर भर्तियां की हैं, आगे भी मेरिट मिशन जारी रहेगा। पेपर लीक मामले में पक्ष, विपक्ष से भी अगर कोई फंसेगा तो उसे टांग दिया जाएगा।
अब तक केवल चार पेपर लीक
मनोहर लाल ने कहा कि अभी तक सिर्फ 4 पेपर ही लीक हुए हैं। पेपर आउट या नकल को लीक से नहीं जोड़ा जा सकता। जो पेपर लीक हुए उनमें 9 जनवरी को ग्राम सचिव, 15 मार्च 2020 को एएलएम, 1 मार्च 2020 को अपर डिवीजन क्लर्क और 7 अगस्त को पुलिस सिपाही भर्ती केपेपर शामिल हैं। वर्ष 2001 से 14 तक केवल 6 केस दर्ज हुए, जबकि 2014 से 21 तक 43 केस दर्ज किए। हमारे पास प्रमाण हैं कि लोगों को निर्धारित से भी अधिक अंक साक्षात्कार में दिए गए।