Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Panchkula school incident Room No. 19 locked Class 11 shifted principal staff questioned for five hours

पंचकूला स्कूल कांड: कमरा नंबर-19 लॉक, 11वीं की क्लास शिफ्ट; प्रिंसिपल और स्टाफ से पांच घंटे पूछताछ

Wed, 04 Nov 2026 09:31 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला Published by: Nivedita Updated Wed, 04 Nov 2026 09:31 AM IST
सार

घटना के बाद से विद्यार्थियों में डर का माहौल है। बच्चे इस कमरे में दोबारा पढ़ाई करने से कतरा रहे हैं। इसी को देखते हुए 11वीं आर्ट-2 की कक्षा को फिलहाल दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है। अभिभावकों ने भी मांग की है कि इस कमरे में दोबारा कक्षाएं न लगाई जाएं।

विज्ञापन
Panchkula school incident Room No. 19 locked Class 11 shifted principal staff questioned for five hours
पंचकूला स्कूल कांड - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पंचकूला के सरकारी स्कूल में बच्ची की पिटाई की घटना के बाद कमरा नंबर-19 को अब भी जांच के लिए रिजर्व रखा गया है। यह कमरा कक्षा 11वीं आर्ट-2 को अलॉट है, लेकिन घटना के बाद से यहां पढ़ाई बंद कर दी गई है। सीनियर विंग की दोपहर 12:15 बजे छुट्टी होने के बाद कमरे को रोजाना लॉक कर दिया जाता है।

विज्ञापन


स्कूल स्टाफ के अनुसार, घटना के तुरंत बाद कमरे को बंद कर दिया गया था और उसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई थी। जांच टीम के निर्देश पर इसे अभी तक रिजर्व रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर दोबारा साक्ष्य जुटाए जा सकें। हालांकि, कमरे की नियमित सफाई करवाई जा रही है, लेकिन विद्यार्थियों को इसमें बैठने की अनुमति नहीं है।
विज्ञापन


दूसरी ओर, घटना के बाद से विद्यार्थियों में डर का माहौल है। बच्चे इस कमरे में दोबारा पढ़ाई करने से कतरा रहे हैं। इसी को देखते हुए 11वीं आर्ट-2 की कक्षा को फिलहाल दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है। अभिभावकों ने भी मांग की है कि इस कमरे में दोबारा कक्षाएं न लगाई जाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

जांच पूरी होने तक नहीं खुलेगा कमरा
प्रशासन के अनुसार, जांच पूरी होने तक कमरा नंबर-19 रिजर्व रहेगा। फोरेंसिक और बाल संरक्षण टीम पहले ही कमरे की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर चुकी हैं। वहीं, बच्चों की काउंसलिंग के दौरान कमरे को लेकर उनकी प्रतिक्रियाएं भी जानी जा रही हैं।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल यहां कक्षाएं नहीं लगाई जा रही हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कमरे के इस्तेमाल को लेकर आगे फैसला लिया जाएगा।

तीसरी कक्षा के छात्र के बिहेवियर पर प्रिंसिपल-स्टाफ से पांच घंटे पूछताछ
सरकारी स्कूल मामले में तीसरी कक्षा के छात्र के बिहेवियर को लेकर प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मंगलवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक और उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की टीम स्कूल में पहुंची और करीब पांच घंटे तक निलंबित प्रिंसिपल और स्टाफ से पूछताछ की। 

टीम के साथ मनोवैज्ञानिक चिकित्सक भी मौजूद रहीं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि छात्र का अप्रैल 2024 में दाखिला होने के बाद से अब तक उसके व्यवहार में क्या बदलाव आए और क्या स्कूल ने इसे लेकर कभी परिवार से बातचीत की थी।

जांच टीम ने प्रिंसिपल से कई बिंदुओं पर सवाल किए। छात्र का कक्षा में बर्ताव कैसा था, अन्य बच्चों के साथ उसकी बातचीत किस तरह की थी, क्या वह बड़े बच्चों के साथ मिलता-जुलता था, इस पर विस्तार से पूछताछ हुई। टीम ने यह भी पूछा कि क्या छात्र को लेकर कभी किसी अन्य छात्र ने शिकायत की थी और क्या उसके परिजनों को उसके बर्ताव को लेकर कभी स्कूल बुलाया गया था। निलंबित कक्षा अध्यापिका का भी अलग से बयान दर्ज किया गया। पढ़ाई छोड़कर खेल में रुचि होने, कभी शिकायत आने और परिजनों को बुलाने जैसे बिंदुओं पर जवाब लिए गए।

सूत्रों के अनुसार पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि छात्र की पढ़ाई में रुचि कम हो रही थी और वह पढ़ाई छोड़कर खेल में ज्यादा रुचि लेने लगा था। परिवार के साथ बच्चे के बर्ताव को लेकर कभी कोई औपचारिक बातचीत हुई थी या नहीं, इस बिंदु पर भी टीम ने जानकारी ली। प्रशासन यह समझने की कोशिश कर रहा है कि व्यवहार में बदलाव के शुरुआती संकेतों पर स्कूल स्तर पर क्या कदम उठाए गए।

दोषी ठहराने को नहीं, घटना के पीछे के कारणों को समझने के लिए जांच
अधिकारियों का कहना है कि यह जांच किसी को दोषी ठहराने के लिए नहीं, बल्कि घटना के पीछे के कारणों को समझने के लिए की जा रही है। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत नाबालिग की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य है और उसके सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखकर ही आगे के फैसले लिए जाएंगे। टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को सौंपेगी।

स्कूल में जांच के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर भी समीक्षा की गई। हर पीरियड में बच्चों की गिनती, सीसीटीवी की मॉनिटरिंग और गलियारों में स्टाफ की मौजूदगी जैसे बिंदुओं पर भी टीम ने स्टाफ से जवाब लिए हैं। विभाग का मानना है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिहेवियर मैपिंग और नियमित काउंसलिंग को अब स्कूलों में अनिवार्य किया जाना जरूरी है।

सीसरी कक्षा में पढ़ रहे अन्य बच्चों की भी मैपिंग
इसी जांच के दौरान टीम के साथ मौजूद एक मनोवैज्ञानिक ने तीसरी कक्षा में पढ़ रहे अन्य बच्चों की मैपिंग की। वह खुद कक्षा में गईं और बच्चों से उनके घर और स्कूल के वातावरण को लेकर सहज बातचीत की। बच्चों में घर और स्कूल में बिहेवियर का अलग-अलग आकलन किया गया। बच्चों से पूछा गया कि वे स्कूल में कैसा महसूस करते हैं, घर का माहौल कैसा रहता है और दोस्तों के साथ उनकी बातचीत किस तरह की होती है। इस मैपिंग का उद्देश्य यह जानना है कि कक्षा का समग्र मनोवैज्ञानिक माहौल कैसा है और बच्चों पर किसी तरह का दबाव तो नहीं है।

प्रिंसिपल से पूछे गए सवाल
अप्रैल 2024 में दाखिले से लेकर अब तक छात्र के व्यवहार में आए बदलाव
परिवार के साथ बातचीत हुई या नहीं, कक्षा में बर्ताव व अन्य बच्चों के साथ बातचीत
क्या वह बड़े बच्चों के साथ ज्यादा मिलता-जुलता था इस पर पूछताछ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed