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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 के निर्माण का समय पूरा, पांच माह बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला।
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:17 AM IST
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर रेल लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसका करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अब रेलवे लाइन के बीच स्लीपर बिछाने का काम कर रहा है। रेल लाइन बिछाने का काम करीब एक सप्ताह पहले शुरू किया गया था।
लेकिन अभी प्लेटफार्म का काम बदलते मौसम की वजह से अधूरा पड़ा है। बता दे कि जब से यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ है तब से स्टेशन के प्लेटफार्म का काम कभी बजट तो कभी नक्शा के चक्कर में लटकता रहा है। जब सब कुछ ठीक चल रहा था तो मौसम ने काम बिगाड़ दिया।
यह प्रोजेक्ट अक्तूबर 2015 में पूरा होना था, लेकिन प्रोजेक्ट का समय पूरा होने के पांच माह बाद प्लेटफार्म पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है। प्लेटफार्म का निर्माण कार्य पूरा होते ही यहां शेड भी लगाया जाना है। ऐसे में अगर ऐसी रफ्तार से काम हुआ तो 2016 भी बीत जाएगा।
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प्लेटफार्म के बिना पंचकूला की तरफ विकास संभव नहीं
रेलवे स्टेशन से जुड़ी सुविधाओं की बात करें या फिर यात्रियों की सुरक्षा की व्यवस्था की। जब तक पंचकूला प्लेटफार्म नंबर-6 का कार्य पूरा नहीं हो जाता, पंचकूला की तरफ स्टेशन का विकास संभव नहीं है। हालांकि यात्रियों ने रेलवे स्टेशन पर पंचकूला की तरफ सुविधाएं बढ़ाने की कई बार मांग की।
लेकिन सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं हो पाया। रेलवे स्टेशन पर पंचकूला की तरफ से आने वाले यात्रियों की उम्मीद प्लेटफार्म नंबर छह ने जगी है। लेकिन प्रोजेक्ट धीमी गति से चलने की वजह से लोगों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं।
पंचकूला की तरफ सुविधाओं से वंचित यात्री
एस्केलेटर नहीं लगा
मेटल डिटेक्टर मशीन नहीं
यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था भी सही नहीं
टिकट बुकिंग काउंटर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे भी बंद रहते हैं
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लेकिन अभी प्लेटफार्म का काम बदलते मौसम की वजह से अधूरा पड़ा है। बता दे कि जब से यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ है तब से स्टेशन के प्लेटफार्म का काम कभी बजट तो कभी नक्शा के चक्कर में लटकता रहा है। जब सब कुछ ठीक चल रहा था तो मौसम ने काम बिगाड़ दिया।
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यह प्रोजेक्ट अक्तूबर 2015 में पूरा होना था, लेकिन प्रोजेक्ट का समय पूरा होने के पांच माह बाद प्लेटफार्म पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है। प्लेटफार्म का निर्माण कार्य पूरा होते ही यहां शेड भी लगाया जाना है। ऐसे में अगर ऐसी रफ्तार से काम हुआ तो 2016 भी बीत जाएगा।
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प्लेटफार्म के बिना पंचकूला की तरफ विकास संभव नहीं
रेलवे स्टेशन से जुड़ी सुविधाओं की बात करें या फिर यात्रियों की सुरक्षा की व्यवस्था की। जब तक पंचकूला प्लेटफार्म नंबर-6 का कार्य पूरा नहीं हो जाता, पंचकूला की तरफ स्टेशन का विकास संभव नहीं है। हालांकि यात्रियों ने रेलवे स्टेशन पर पंचकूला की तरफ सुविधाएं बढ़ाने की कई बार मांग की।
लेकिन सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं हो पाया। रेलवे स्टेशन पर पंचकूला की तरफ से आने वाले यात्रियों की उम्मीद प्लेटफार्म नंबर छह ने जगी है। लेकिन प्रोजेक्ट धीमी गति से चलने की वजह से लोगों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं।
पंचकूला की तरफ सुविधाओं से वंचित यात्री
एस्केलेटर नहीं लगा
मेटल डिटेक्टर मशीन नहीं
यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था भी सही नहीं
टिकट बुकिंग काउंटर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे भी बंद रहते हैं