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नदी के कटाव ठीक, लगाई डबल ट्रैप स्टैनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2016 01:17 AM IST
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डबल ट्रैप स्टैनिंग
- फोटो : अमर उजाला
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पंचकूला जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ से बचाव के लिए तैयारियां शुुरू कर दी गईं हैं। सिंचाई विभाग ने बारिश से पहले ही घग्गर की छोटी नदियों के आसपास की बस्ती को सेफ करने के लिए नदियों का कटाव ठीक कर दिया है और इसके साथ ही कई स्थानों पर डबल टैप स्टेनिंग की गई है। जिससे कि पानी की गति को धीमा किया जा सके। मंगलवार को सिंचाई विभाग द्वारा किए गए इन प्रबंधों का जायजा लेने के लिए पंचकूला की डीसी गरिमा मित्तल ने छह स्पॉट का दौरा किया। अब छह जून को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पंचकूला के लघु सचिवालय में हरियाणा फ्लड कंट्रोल बोर्ड की बैठक होगी।
पिंजौर के रज्जीपुर के पास झांगरा नदी में बारिश के पानी का घरों में घुसने का खतरा रहता है। सिंचाई विभाग द्वारा नदी में डबल टैप स्टेनिंग करने के साथ ही नदी के पाथ को ठीक किया गया है। यहां अकसर बारिश का पानी घरों की ओर आ जाता है। मड़ावाला में बारिश का पानी बंगाला बस्ती में घुस जाता था। इसे रोकने के लिए यहां आरसीसी का पाइप लगा दिया गया है और डायवर्ट भी कर दिया गया है। मट्टावाला में डांगरी नदी ने अपना कोर्स (रास्ता) चेंज कर लिया था। इसको भी अब ठीक कर दिया गया है। बेड़बार में नदी का बहाव ठीक कर दिया गया है। भरौली में भी गौशाला की रक्षा के लिए डबल टायर स्टेनिंग की गई है।
एक लाख क्यूसिक पानी तक आता है
इरीगेशन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बारिश के दिनों में घग्गर अक्सर खतरे का निशान पार कर जाती है। यहां पचास लाख क्यूसिक पानी का आना तो आम बात है। इरीगेशन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि घग्गर (माजरी चौक) पर एक जुलाई से एक अधिकारी की तैनाती कर दी जाती है। अधिकारी ने बताया कि यह व्यक्ति घग्गर में पानी का लेवल ज्यादा होने पर तुरंत ही स्थानीय अधिकारी को सूचित करता है और आगे उसी को फालो किया जाता है। उसके मुताबिक राहत कार्य किए जाते हैं।
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इन इलाकों में होती है परेशानी
पंचकूला में बारिश के दौरान प्रभावित होने वाले गांव रज्जीपुर, रामपुर सियुड़ी, जल्लाह, तांलावाली, काजमपुर, टपरियां, भूड, नारायणपुर, खेडी, बरवाला, टिब्बामाजरा, पारवाला, रुड़की, शामपुर, डंढारढू, बतौड़, सुल्तानपुर, जलौली, नटवाल, चौकी, राजीव कलोनी, इंदिरा कलोनी, ओसटीज कलोनी, बुढनपुर, नाडा तथा खेतपराली शामिल हैं।
घग्गर के पास जाना होगा बंद
श्रद्धालु घग्गर में कई तरह की पूजन से संबंधित चीजें विसर्जन के लिए जाते हैं। जिला प्रशासन द्वारा बारिश से पहले यहां कोई वस्तु न गिराने का बोर्ड लगाया जाएगा। इसका कारण है कि ज्यादातर बच्चे और लोग नदी में से सिक्के और नारियल उठाने जाते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से नदी का बहाव बढ़ने से जानमाल का खतरा बना रहता है। नदी में स्नान करने पर भी पाबंदी लगा दी जाएगी।
कोट्स
हमने बाढ़ से बचाव के लिए छह स्पॉट का दौरा किया। इन स्थानों के इंतजाम देख लिए गए हैं। बाढ़ से पहले हम अन्य इंतजाम का जायजा भी लेंगे।
- डॉक्टर गरिमा मित्तल, उपायुक्त पंचकूला
उपायुक्त ने दिए अधिकारियों को निर्देश
पिंजौर। उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने मंगलवार को जिला के विभिन्न स्थानों पर बाढ़ बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मानसून आने से पहले इन कार्यों को समयावधि में पूरा करवाएं। उन्होंने सूरजपुर, रज्जीपुर झाजरा, मढ़ावाला, खोखरा, मानक टबरा में नदियों के किनारे चल रहे भूमि कटाव व बाढ़ बचाव कार्यों को चेक किया। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर आबादी वाले क्षेत्रों में वर्षा का पानी नहीं आना चाहिए तथा पानी की निकासी का उचित समाधान किया जाए। इस अवसर पर उनके साथ एसडीएम कालका आशुतोष राजन, जिला राजस्व अधिकारी धीरज चहल, एक्सईएन सिंचाई विनोद कुमार, तहसीलदार व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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पिंजौर के रज्जीपुर के पास झांगरा नदी में बारिश के पानी का घरों में घुसने का खतरा रहता है। सिंचाई विभाग द्वारा नदी में डबल टैप स्टेनिंग करने के साथ ही नदी के पाथ को ठीक किया गया है। यहां अकसर बारिश का पानी घरों की ओर आ जाता है। मड़ावाला में बारिश का पानी बंगाला बस्ती में घुस जाता था। इसे रोकने के लिए यहां आरसीसी का पाइप लगा दिया गया है और डायवर्ट भी कर दिया गया है। मट्टावाला में डांगरी नदी ने अपना कोर्स (रास्ता) चेंज कर लिया था। इसको भी अब ठीक कर दिया गया है। बेड़बार में नदी का बहाव ठीक कर दिया गया है। भरौली में भी गौशाला की रक्षा के लिए डबल टायर स्टेनिंग की गई है।
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एक लाख क्यूसिक पानी तक आता है
इरीगेशन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बारिश के दिनों में घग्गर अक्सर खतरे का निशान पार कर जाती है। यहां पचास लाख क्यूसिक पानी का आना तो आम बात है। इरीगेशन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि घग्गर (माजरी चौक) पर एक जुलाई से एक अधिकारी की तैनाती कर दी जाती है। अधिकारी ने बताया कि यह व्यक्ति घग्गर में पानी का लेवल ज्यादा होने पर तुरंत ही स्थानीय अधिकारी को सूचित करता है और आगे उसी को फालो किया जाता है। उसके मुताबिक राहत कार्य किए जाते हैं।
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इन इलाकों में होती है परेशानी
पंचकूला में बारिश के दौरान प्रभावित होने वाले गांव रज्जीपुर, रामपुर सियुड़ी, जल्लाह, तांलावाली, काजमपुर, टपरियां, भूड, नारायणपुर, खेडी, बरवाला, टिब्बामाजरा, पारवाला, रुड़की, शामपुर, डंढारढू, बतौड़, सुल्तानपुर, जलौली, नटवाल, चौकी, राजीव कलोनी, इंदिरा कलोनी, ओसटीज कलोनी, बुढनपुर, नाडा तथा खेतपराली शामिल हैं।
घग्गर के पास जाना होगा बंद
श्रद्धालु घग्गर में कई तरह की पूजन से संबंधित चीजें विसर्जन के लिए जाते हैं। जिला प्रशासन द्वारा बारिश से पहले यहां कोई वस्तु न गिराने का बोर्ड लगाया जाएगा। इसका कारण है कि ज्यादातर बच्चे और लोग नदी में से सिक्के और नारियल उठाने जाते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से नदी का बहाव बढ़ने से जानमाल का खतरा बना रहता है। नदी में स्नान करने पर भी पाबंदी लगा दी जाएगी।
कोट्स
हमने बाढ़ से बचाव के लिए छह स्पॉट का दौरा किया। इन स्थानों के इंतजाम देख लिए गए हैं। बाढ़ से पहले हम अन्य इंतजाम का जायजा भी लेंगे।
- डॉक्टर गरिमा मित्तल, उपायुक्त पंचकूला
उपायुक्त ने दिए अधिकारियों को निर्देश
पिंजौर। उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने मंगलवार को जिला के विभिन्न स्थानों पर बाढ़ बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मानसून आने से पहले इन कार्यों को समयावधि में पूरा करवाएं। उन्होंने सूरजपुर, रज्जीपुर झाजरा, मढ़ावाला, खोखरा, मानक टबरा में नदियों के किनारे चल रहे भूमि कटाव व बाढ़ बचाव कार्यों को चेक किया। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर आबादी वाले क्षेत्रों में वर्षा का पानी नहीं आना चाहिए तथा पानी की निकासी का उचित समाधान किया जाए। इस अवसर पर उनके साथ एसडीएम कालका आशुतोष राजन, जिला राजस्व अधिकारी धीरज चहल, एक्सईएन सिंचाई विनोद कुमार, तहसीलदार व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।