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अमरटैक्स बनाएगा ‘गजब एक्सप्रेस’ आउटलेट
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला।
Updated Wed, 16 Mar 2016 10:15 PM IST
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गजब एक्सप्रेस महज 49 में लजीज व्यंजनों की थाली उपलब्ध कराएगा। इस थाली का नाम होगा ‘गजब’ खाली। यह जानकारी अमरटैक्स ग्रुप के मालिक अरुण ग्रोवर ने बुधवार को पत्रकारवार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि इस थाली को बेचने का मकसद आमदन जुटाना नहीं, बल्कि कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत गरीब और जरूरतमंद चार सौ महिलाओं को अपने पांव पर खड़ा करना है, जिन्हें गजब थाली के माध्यम से रोजी-रोटी का लाभ मिलेगा।
ग्रोवर ने बताया कि आसमां फाउंडेशन और गजब इंडिया ग्रुप मिलकर इस अभियान को चला रहे हैं। समाज के उत्थान की भावना और कमजोर वर्ग को इस योजना लाभ मिले इसी लिए पंचकूला के सबसे पुराने व्यापारिक घराना अमरटैक्स इसके लिए आगे आया है। ग्रोवर के अनुसार उनका मकसद 10 हजार थाली प्रतिदिन बेचने का है। इसके लिए आउटलेट भी बनाए जाएंगे।
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अमरटैक्स के संस्थापक ने बताया कि 2004 से उनकी कंपनी गरीब और जरूरतमंद बच्चों को स्कूलों में भोजन और राशन के साथ अन्य जरूरती वस्तुएं देने का काम कर रही है। वहीं इन बच्चों की स्किल डेवलपमेंट के लिए उन्हें प्रशिक्षण देने और रोजगार मुहैया कराने का भी अवसर प्रदान कर रही है।
ग्रोवर ने बताया कि अमरटैक्स ग्रुप ने हैपनिंग हरियाणा में पंचकूला की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए स्किल डेवलपमेंट और फूड प्रोसेसिंग के लिए 125 करोड़ रुपये का न केवल एमओयू किया है, बल्कि वे पंचकूला में इस एमओयू को अमलीजामा पहनाने के लिए भी काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि गजब एक्सप्रेस आउटलेट अभी बनाए जाने हैं, लेकिन इससे पहले 49 रुपये में गजब थाली पंचकूला के गजब इंडिया रेस्टोरेंट में मुहैया कराई जाएगी। जो 10 हजार थाली तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
आउटलेट, बेस किचन में करीब 400 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। इस थाली में दाल, पनीर की सब्जी, मिक्स वैज, स्लाद, चावल, लच्छा परांठा या रोटी के अलावा स्वीट डिश में एक गुलाब जामुन होगा। कंपनी का दावा है कि उनके रेस्टोरेंट में इस थाली की कीमत 99 रुपये है, लेकिन योजना के तहत अब हर व्यक्ति के लिए ये थाली टैक्स सहित 49 रुपये की मिलेगी। इस अवसर पर आसमां के फाउंडर मेंबर मनीष पुंडीर और अनुपम गुप्ता भी मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि इस थाली को बेचने का मकसद आमदन जुटाना नहीं, बल्कि कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत गरीब और जरूरतमंद चार सौ महिलाओं को अपने पांव पर खड़ा करना है, जिन्हें गजब थाली के माध्यम से रोजी-रोटी का लाभ मिलेगा।
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ग्रोवर ने बताया कि आसमां फाउंडेशन और गजब इंडिया ग्रुप मिलकर इस अभियान को चला रहे हैं। समाज के उत्थान की भावना और कमजोर वर्ग को इस योजना लाभ मिले इसी लिए पंचकूला के सबसे पुराने व्यापारिक घराना अमरटैक्स इसके लिए आगे आया है। ग्रोवर के अनुसार उनका मकसद 10 हजार थाली प्रतिदिन बेचने का है। इसके लिए आउटलेट भी बनाए जाएंगे।
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अमरटैक्स के संस्थापक ने बताया कि 2004 से उनकी कंपनी गरीब और जरूरतमंद बच्चों को स्कूलों में भोजन और राशन के साथ अन्य जरूरती वस्तुएं देने का काम कर रही है। वहीं इन बच्चों की स्किल डेवलपमेंट के लिए उन्हें प्रशिक्षण देने और रोजगार मुहैया कराने का भी अवसर प्रदान कर रही है।
ग्रोवर ने बताया कि अमरटैक्स ग्रुप ने हैपनिंग हरियाणा में पंचकूला की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए स्किल डेवलपमेंट और फूड प्रोसेसिंग के लिए 125 करोड़ रुपये का न केवल एमओयू किया है, बल्कि वे पंचकूला में इस एमओयू को अमलीजामा पहनाने के लिए भी काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि गजब एक्सप्रेस आउटलेट अभी बनाए जाने हैं, लेकिन इससे पहले 49 रुपये में गजब थाली पंचकूला के गजब इंडिया रेस्टोरेंट में मुहैया कराई जाएगी। जो 10 हजार थाली तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
आउटलेट, बेस किचन में करीब 400 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। इस थाली में दाल, पनीर की सब्जी, मिक्स वैज, स्लाद, चावल, लच्छा परांठा या रोटी के अलावा स्वीट डिश में एक गुलाब जामुन होगा। कंपनी का दावा है कि उनके रेस्टोरेंट में इस थाली की कीमत 99 रुपये है, लेकिन योजना के तहत अब हर व्यक्ति के लिए ये थाली टैक्स सहित 49 रुपये की मिलेगी। इस अवसर पर आसमां के फाउंडर मेंबर मनीष पुंडीर और अनुपम गुप्ता भी मौजूद रहे।