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माता मनसा देवी मंदिर में माता के दर्शन के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालु
ब्यूरो, अमर उजाला/पंचकूला
Updated Mon, 11 Apr 2016 10:48 AM IST
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मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
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माता मनसा देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन हजारों की तादाद में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मां के जयकारे से मंदिर परिसर गूंज उठा। रविवार को अवकाश होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या मंदिर में अधिक थी। श्रद्धालुओं की करीब डेढ़ किलोमीटर की लंबी कतार लगी थी और सभी माता के जयकारे लगा रहे थे।
माता के दर्शन के लिए ट्राइसिटी के अलावा हरियाणा के विभिन्न जिलों, हिमाचल, पंजाब के श्रद्धालु पहुंचे थे। अंबाला के महेंद्र सिंह व्हील चेयर पर ऑक्सिजन का सिलेंडर लगाकर मां के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। 60 की उम्र पार कर चुके महेंद्र अपने बेटे के साथ माता के दर्शन करने आए थे। जब वह मंदिर पहुंचे तो उन्हें देखकर श्रद्धालुओं ने जमकर माता रानी के जयकारे लगाए और उनका हौसला बढ़ाया।
माता के दर्शन के बाद वह घर लौट गए। वह तीस साल से हर नवरात्र में आते हैं। वहीं मध्य प्रदेश से आए सौरभ शांडिल्य ने बताया कि वह चार साल से चैत्र नवरात्र के मौके पर माता के दर्शन के लिए आ रहे हैं। शुक्रवार की देर रात वह पंचकूला पहुंचे और शनिवार सुबह करीब तीन बजे दर्शन के लिए परिवार समेत लाइन में लग गए।
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उन्होंने कहा कि उनसे पहले काफी श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए लाइन में इंतजार कर रहे थे। वहीं, शनिवार को मनसा देवी मंदिर में मां भगवती जागरण में भजन गायक जसविंदर जस्सी ने प्रस्तुती दी। सेक्टर-20 की मार्केट में भजन गायक नरेंद्र चंचल ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान चंचल के भक्ति गीतों पर हजारों लोग झूम उठे। सेक्टर-15 में भी शनिवार को मां भगवती के जागरण में भजन गायक लखविंदर जोगी ने माता के गीत गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा शहर के बाकी मंदिरों में भी नवरात्रे के मौके पर रविवार को भीड़ देखी गई।
200 बच्चों का मुंडन
मुंडन घाट पर तीन दिनों में करीब 200 बच्चों का मुंडन हुआ है। इस बार बच्चे मुंडन के बाद मनसा सरोवर में डुबकी भी लगा रहे हैं। दरअसल 80 लाख की लागत से मुंडन घाट व मनसा सरोवर को रेनोवेट किया गया है।
सांसद व अतिरिक्त मुख्य सचिव पहुंचे माता के दरबार में
रविवार को अंबाला सांसद रतनलाल कटारिया व हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी राघवेंद्र ने माता के दर्शन किए। इसके बाद हवन यज्ञ में भाग लिया। वहीं, कालका के काली माता मंदिर में आयुष विभाग के सचिव पी के महापात्रा व मुख्यमंत्री के प्रधानसचिव राजेश खुल्लर ने माता का दर्शन किया और हवन यज्ञ में भाग लिया। सोमवार 11 अप्रैल को हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष कंवरपाल चौथे नवरात्र के मौके पर सुबह 9 बजे माता का दर्शन करेंगे व हवन यज्ञ में भाग लेंगे।
माता-पिता से मिले 24 बच्चे बिछड़े
नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ की वजह से माता-पिता से बिछड़े 24 बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया गया। दरअसल माता मनसा देवी मंदिर के पास सूचना केंद्र स्थापित किया गया है, जहां शिफ्ट वाइज कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि वह सूचना केंद्र से लगातार बिछड़े बच्चों के नाम की घोषणा कर उन्हें परिजनों से मिलवाते हैं। इसके अलावा सूचना केंद्र से मेले में गंदगी न फैलाने, पॉलीथिन का प्रयोग न करने, धक्का-मुक्की न करने, लाइनों में चलने, कीमती सामान संभाल कर रखने, बच्चों को साथ रखने व बच्चों की जेब में माता-पिता का नाम, पता व मोबाइल नंबर रखने और पानी का संरक्षण करने का अनुरोध कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने 11 लाख 27 हजार 542 रुपये दान किए
पंचकूला। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने 11 लाख 27 हजार 542 रुपये दानस्वरूप माता के चरणों में अर्पित किए। इसमें भारतीय करंसी के साथ-साथ कनाडा के पांच और ऑस्ट्रेलिया के 10 डॉलर भी शामिल थे। डीसी एवं श्रीमाता मनसा देवी पूजास्थल बोर्ड के मुख्य प्रशासक मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि तीसरे नवरात्र पर मनसा देवी व काली माता मंदिर में 14 लाख 33 हजार 285 रुपये का चढ़ावा चढ़ा। इसके अलावा सोने के आठ और चांदी के 112 नग भी चढ़ावे के रूप में चढ़ाए गए। डीसी के मुताबिक मनसा देवी मंदिर में 11 लाख 27 हजार 542 रुपये की राशि और सोने के सात और चांदी के 109 नग दानस्वरूप मंदिर में चढ़ावे के रूप में अर्पित किए गए। इसी प्रकार काली माता मंदिर कालका में श्रद्धालुओं की ओर से तीन लाख 5 हजार 743 रुपये की राशि चढ़ावे के रूप में चढ़ाई गई और सोने का एक और चांदी के तीन नग चढ़ावे के रूप में चढ़ाए गए। उन्होंने बताया कि शाम पांच बजे तक मनसा देवी मंदिर में तीसरे दिन करीब एक लाख 71 हजार 648 व काली माता मंदिर कालका में करीब 36 हजार 785 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए।
सीनियर सिटीजन और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिली राहत
पंचकूला। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन सीनियर सिटीजन और दिव्यांग श्रद्धालुओं को माता के दर्शन में कोई परेशानी नहीं हुई। शनिवार को जिन श्रद्धालुओं को मंदिर की सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी हुई थी। उनकी समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित किया था। जिसके बाद मंदिर प्रशासन हरकत में आया। रविवार को मंदिर के मुख्य गेट पर जहां पर श्रद्धालुओं की लाइन लगती है, वहां से सीनियर सिटीजन और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर तक लाने और ले जाने के लिए एंबुलेंस की तैनाती मंदिर प्रशासन ने की थी। ताकि माता के दर्शन में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। दरअसल जो श्रद्धालु सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते, उनके लिए मंदिर प्रशासन ने एंबुलेंस और व्हील चेयर की व्यवस्था की थी, लेकिन श्रद्धालुओं को प्रॉपर तरीके से उसकी सुविधा नहीं मिल पा रही थी। क्योंकि एंबुलेंस मंदिर के पीछे कांफ्रेस हॉल के पास खड़ी कर दी गई थी। अगर श्रद्धालुओं को एंबुलेंस की सुविधा के लिए वहां तक जाना पड़े तो खुद वह माता के दर्शन कर सकते थे, क्योंकि मंदिर का गेट वहां से दस कदम की दूरी पर है। इसके अलावा एंबुलेंस का ड्राइवर भी शनिवार को गायब था।
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माता के दर्शन के लिए ट्राइसिटी के अलावा हरियाणा के विभिन्न जिलों, हिमाचल, पंजाब के श्रद्धालु पहुंचे थे। अंबाला के महेंद्र सिंह व्हील चेयर पर ऑक्सिजन का सिलेंडर लगाकर मां के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। 60 की उम्र पार कर चुके महेंद्र अपने बेटे के साथ माता के दर्शन करने आए थे। जब वह मंदिर पहुंचे तो उन्हें देखकर श्रद्धालुओं ने जमकर माता रानी के जयकारे लगाए और उनका हौसला बढ़ाया।
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माता के दर्शन के बाद वह घर लौट गए। वह तीस साल से हर नवरात्र में आते हैं। वहीं मध्य प्रदेश से आए सौरभ शांडिल्य ने बताया कि वह चार साल से चैत्र नवरात्र के मौके पर माता के दर्शन के लिए आ रहे हैं। शुक्रवार की देर रात वह पंचकूला पहुंचे और शनिवार सुबह करीब तीन बजे दर्शन के लिए परिवार समेत लाइन में लग गए।
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उन्होंने कहा कि उनसे पहले काफी श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए लाइन में इंतजार कर रहे थे। वहीं, शनिवार को मनसा देवी मंदिर में मां भगवती जागरण में भजन गायक जसविंदर जस्सी ने प्रस्तुती दी। सेक्टर-20 की मार्केट में भजन गायक नरेंद्र चंचल ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान चंचल के भक्ति गीतों पर हजारों लोग झूम उठे। सेक्टर-15 में भी शनिवार को मां भगवती के जागरण में भजन गायक लखविंदर जोगी ने माता के गीत गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा शहर के बाकी मंदिरों में भी नवरात्रे के मौके पर रविवार को भीड़ देखी गई।
200 बच्चों का मुंडन
मुंडन घाट पर तीन दिनों में करीब 200 बच्चों का मुंडन हुआ है। इस बार बच्चे मुंडन के बाद मनसा सरोवर में डुबकी भी लगा रहे हैं। दरअसल 80 लाख की लागत से मुंडन घाट व मनसा सरोवर को रेनोवेट किया गया है।
सांसद व अतिरिक्त मुख्य सचिव पहुंचे माता के दरबार में
रविवार को अंबाला सांसद रतनलाल कटारिया व हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी राघवेंद्र ने माता के दर्शन किए। इसके बाद हवन यज्ञ में भाग लिया। वहीं, कालका के काली माता मंदिर में आयुष विभाग के सचिव पी के महापात्रा व मुख्यमंत्री के प्रधानसचिव राजेश खुल्लर ने माता का दर्शन किया और हवन यज्ञ में भाग लिया। सोमवार 11 अप्रैल को हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष कंवरपाल चौथे नवरात्र के मौके पर सुबह 9 बजे माता का दर्शन करेंगे व हवन यज्ञ में भाग लेंगे।
माता-पिता से मिले 24 बच्चे बिछड़े
नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ की वजह से माता-पिता से बिछड़े 24 बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया गया। दरअसल माता मनसा देवी मंदिर के पास सूचना केंद्र स्थापित किया गया है, जहां शिफ्ट वाइज कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि वह सूचना केंद्र से लगातार बिछड़े बच्चों के नाम की घोषणा कर उन्हें परिजनों से मिलवाते हैं। इसके अलावा सूचना केंद्र से मेले में गंदगी न फैलाने, पॉलीथिन का प्रयोग न करने, धक्का-मुक्की न करने, लाइनों में चलने, कीमती सामान संभाल कर रखने, बच्चों को साथ रखने व बच्चों की जेब में माता-पिता का नाम, पता व मोबाइल नंबर रखने और पानी का संरक्षण करने का अनुरोध कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने 11 लाख 27 हजार 542 रुपये दान किए
पंचकूला। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने 11 लाख 27 हजार 542 रुपये दानस्वरूप माता के चरणों में अर्पित किए। इसमें भारतीय करंसी के साथ-साथ कनाडा के पांच और ऑस्ट्रेलिया के 10 डॉलर भी शामिल थे। डीसी एवं श्रीमाता मनसा देवी पूजास्थल बोर्ड के मुख्य प्रशासक मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि तीसरे नवरात्र पर मनसा देवी व काली माता मंदिर में 14 लाख 33 हजार 285 रुपये का चढ़ावा चढ़ा। इसके अलावा सोने के आठ और चांदी के 112 नग भी चढ़ावे के रूप में चढ़ाए गए। डीसी के मुताबिक मनसा देवी मंदिर में 11 लाख 27 हजार 542 रुपये की राशि और सोने के सात और चांदी के 109 नग दानस्वरूप मंदिर में चढ़ावे के रूप में अर्पित किए गए। इसी प्रकार काली माता मंदिर कालका में श्रद्धालुओं की ओर से तीन लाख 5 हजार 743 रुपये की राशि चढ़ावे के रूप में चढ़ाई गई और सोने का एक और चांदी के तीन नग चढ़ावे के रूप में चढ़ाए गए। उन्होंने बताया कि शाम पांच बजे तक मनसा देवी मंदिर में तीसरे दिन करीब एक लाख 71 हजार 648 व काली माता मंदिर कालका में करीब 36 हजार 785 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए।
सीनियर सिटीजन और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिली राहत
पंचकूला। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन सीनियर सिटीजन और दिव्यांग श्रद्धालुओं को माता के दर्शन में कोई परेशानी नहीं हुई। शनिवार को जिन श्रद्धालुओं को मंदिर की सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी हुई थी। उनकी समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित किया था। जिसके बाद मंदिर प्रशासन हरकत में आया। रविवार को मंदिर के मुख्य गेट पर जहां पर श्रद्धालुओं की लाइन लगती है, वहां से सीनियर सिटीजन और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर तक लाने और ले जाने के लिए एंबुलेंस की तैनाती मंदिर प्रशासन ने की थी। ताकि माता के दर्शन में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। दरअसल जो श्रद्धालु सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते, उनके लिए मंदिर प्रशासन ने एंबुलेंस और व्हील चेयर की व्यवस्था की थी, लेकिन श्रद्धालुओं को प्रॉपर तरीके से उसकी सुविधा नहीं मिल पा रही थी। क्योंकि एंबुलेंस मंदिर के पीछे कांफ्रेस हॉल के पास खड़ी कर दी गई थी। अगर श्रद्धालुओं को एंबुलेंस की सुविधा के लिए वहां तक जाना पड़े तो खुद वह माता के दर्शन कर सकते थे, क्योंकि मंदिर का गेट वहां से दस कदम की दूरी पर है। इसके अलावा एंबुलेंस का ड्राइवर भी शनिवार को गायब था।