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किसान आंदोलन: शिअद और संयुक्त किसान मोर्चा आए आमने-सामने
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चंडीगढ़। किसान आंदोलन को लेकर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और संयुक्त किसान मोर्चा आमने-सामने आ गए हैं। किसान आंदोलन को लेकर शिअद के बयान पर मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि शिअद किसान आंदोलन को बदनाम करना चाहता है।
सोमवार को शिअद नेताओं ने आरोप लगाए थे कि शिअद के दिल्ली कूच के दौरान किसान आंदोलन में शामिल लोगों ने उनके और महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया था। उनके कपड़ों पर अपशब्द भी लिख दिए थे। शिअद के इन आरोपों के बाद मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने खुलकर शिअद पर किसान आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिअद के साथ कुछ लोगों ने अभद्र व्यवहार किया था, लेकिन वह किसान नहीं थे। शिअद के नेताओं को किसी भी तरह के आरोप लगाने से पहले संयुक्त किसान मोर्चा से बात करनी चाहिए थी, उसके बाद किसान आंदोलन को लेकर कोई बयान देना चाहिए था। किसान आंदोलन को केंद्र सहित कई सियासी दल बदनाम करना चाहते हैं। कई एजेंसियां आंदोलन को समाप्त करने में लगी हैं। हालांकि किसान मोर्चा ऐसे तत्वों को पकड़ते रहते हैं। बिना किसानों के पक्ष के आंदोलन को लेकर बयान देना शिअद नेताओं की गलत बात है।
शिअद के दिल्ली कूच पर सवाल उठाते हुए राजेवाल ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में पिछले एक साल से किसान सीमा पर पक्का धरना लगाए हुए हैं। किसानों को अभी तक दिल्ली में जाने की स्वीकृति नहीं मिली, लेकिन शिअद को प्रवेश मिल गया। यह इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार के साथ शिअद मिली हुई है और उसी के निर्देश पर किसान आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
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चन्नी को मंच पर स्थान नहीं
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर राजेवाल ने कहा कि धरना स्थल पर मोर्चा उनका स्वागत करेगा, लेकिन किसानों के आंदोलन का मंच राजनीतिक नहीं है। इस वजह से उनके साथ किसान मंच साझा नहीं करेगा।
हमें नहीं मिला कोई नोटिस
रास्ता खुलवाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर राजेवाल ने कहा कि हमें इस संबंध में कोई भी नोटिस नहीं मिला है। किसानों ने रास्ते को बंद नहीं किया हुआ है, पुलिस द्वारा नाका लगाकर यातायात बाधित किया हुआ है।
किसान आंदोलन को राजनीति से ऊपर रखें राजेवाल : शिअद
शिरोमणि अकाली दल ने किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल से किसान आंदोलन को राजनीति से ऊपर रखने की सलाह दी है। शिअद नेता प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल और डा. दलजीत सिंह चीमा ने राजेवाल के इस बयान पर आपत्ति जताई कि केवल शिअद विधायकों और सांसदों को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह समझ नहीं आ रहा कि हजारों लोगों के विरोध पर राजेवाल को क्या आपत्ति है। इससे पहले भी हजारों किसानों ने संसद तक मार्च निकाला, जिससे दुनिया भर में किसानों की एकता और ताकत का संदेश गया है।
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सोमवार को शिअद नेताओं ने आरोप लगाए थे कि शिअद के दिल्ली कूच के दौरान किसान आंदोलन में शामिल लोगों ने उनके और महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया था। उनके कपड़ों पर अपशब्द भी लिख दिए थे। शिअद के इन आरोपों के बाद मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने खुलकर शिअद पर किसान आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिअद के साथ कुछ लोगों ने अभद्र व्यवहार किया था, लेकिन वह किसान नहीं थे। शिअद के नेताओं को किसी भी तरह के आरोप लगाने से पहले संयुक्त किसान मोर्चा से बात करनी चाहिए थी, उसके बाद किसान आंदोलन को लेकर कोई बयान देना चाहिए था। किसान आंदोलन को केंद्र सहित कई सियासी दल बदनाम करना चाहते हैं। कई एजेंसियां आंदोलन को समाप्त करने में लगी हैं। हालांकि किसान मोर्चा ऐसे तत्वों को पकड़ते रहते हैं। बिना किसानों के पक्ष के आंदोलन को लेकर बयान देना शिअद नेताओं की गलत बात है।
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शिअद के दिल्ली कूच पर सवाल उठाते हुए राजेवाल ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में पिछले एक साल से किसान सीमा पर पक्का धरना लगाए हुए हैं। किसानों को अभी तक दिल्ली में जाने की स्वीकृति नहीं मिली, लेकिन शिअद को प्रवेश मिल गया। यह इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार के साथ शिअद मिली हुई है और उसी के निर्देश पर किसान आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
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चन्नी को मंच पर स्थान नहीं
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर राजेवाल ने कहा कि धरना स्थल पर मोर्चा उनका स्वागत करेगा, लेकिन किसानों के आंदोलन का मंच राजनीतिक नहीं है। इस वजह से उनके साथ किसान मंच साझा नहीं करेगा।
हमें नहीं मिला कोई नोटिस
रास्ता खुलवाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर राजेवाल ने कहा कि हमें इस संबंध में कोई भी नोटिस नहीं मिला है। किसानों ने रास्ते को बंद नहीं किया हुआ है, पुलिस द्वारा नाका लगाकर यातायात बाधित किया हुआ है।
किसान आंदोलन को राजनीति से ऊपर रखें राजेवाल : शिअद
शिरोमणि अकाली दल ने किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल से किसान आंदोलन को राजनीति से ऊपर रखने की सलाह दी है। शिअद नेता प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल और डा. दलजीत सिंह चीमा ने राजेवाल के इस बयान पर आपत्ति जताई कि केवल शिअद विधायकों और सांसदों को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह समझ नहीं आ रहा कि हजारों लोगों के विरोध पर राजेवाल को क्या आपत्ति है। इससे पहले भी हजारों किसानों ने संसद तक मार्च निकाला, जिससे दुनिया भर में किसानों की एकता और ताकत का संदेश गया है।