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उद्योगपति की कोठी में कैसे लगी आग, 2 दिन में खुलेगा राज
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला।
Updated Sat, 26 Mar 2016 07:52 PM IST
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पत्नी जिंदा जल गई, जबकि दोनों बहुएं गंभीर रूप से झुलस गईं।
- फोटो : amarujala
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चंडीगढ़ की फ्लोर मिल मालिक अमृतलाल गर्ग की पंचकूला सेक्टर-12 स्थित कोठी नंबर-637 में आग कैसे लगी इस रहस्य से सोमवार को पर्दा उठ सकता है। क्योंकि घटना की जांच कर रही पुलिस को फोरेंसिक टीम की जांच रिपोर्ट सोमवार को मिलने की पूरी उम्मीद है। पुलिस ने अभी तक इस घटना में पड़ोसियों और घर वालों के बयान दर्ज कर 174 की कार्रवाई की है। लेकिन फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अगला कदम उठाएगी।
वहीं, पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस घटना में जिंदा जिंदा जलीं उद्योगपति की पत्नी कमलेश गर्ग के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट में स्पष्ट हो जाएगा कि उनकी मौत कैसे हुई है।
सेक्टर-12 स्थित कोठी नंबर 637 में बुधवार सुबह 10 बजे आग लग गई थी। घटना में अमृतलाल गर्ग की पत्नी कमलेश गर्ग जिंदा जल गईं थीं। जबकि मनजोत और नम्रता दोनों बहुएं झुलस गई थीं। मनजोत का शरीर करीब 90 प्रतिशत झुलस गया था। मनजोत पीजीआई में भर्ती हैं, जबकि नम्रता अलकेमिस्ट में उपचाराधीन हैं।
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कोठी में आग क्या शार्ट सर्किट से लगी
पुलिस इस घटना की जांच शार्ट सर्किट एंगल से भी कर रही है। लेकिन अभी तक की जांच में पुलिस के हाथ कोई ऐसा ठोस सबूत नहीं लगा है जिससे यह साबित हो सके कि आग लगने का कारण शार्ट सर्किट है। वहीं पुलिस का यह भी मानना है कि यदि आग शॉर्ट सर्किट से भी लगी है तो जिंदा जलने जैसी घटना नहीं होनी चाहिए। क्योंकि शॉर्ट सर्किट से आग पूरे घर में इतनी जल्दी नहीं फैल सकती है। वहीं आग सिलेंडर विस्फोट से भी नहीं हुई है। हालांकि इस घटना के बाद छाए रहस्य के पर्दे को पुलिस जल्द दूर करने की कोशिश कर रही है।
घटना पर उठा ये बड़ा सवाल
आग की सूचना पर दमकल कर्मियों के साथ पुलिस और गर्ग परिवार के सदस्य भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कमलेश गर्ग का आग में झुलसा शव लॉबी में लगे बेड पर ही पड़े देखा था। घटना सुबह करीब 10 बजे की है। इस समय कोई सोया भी नहीं था। ऐसे में शार्ट सर्किट के बाद कमलेश गर्ग का बेड पर लेटे-लेटे ही आग की लपटों में झुलस कर दम तोड़ना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। वे चल फिर सकने में पूरी तरह से सक्षम थीं। इसके बाद भी आग लगने पर वह बेड से नीचे क्यों नहीं उतरीं।
कोट्स
पंचकूला के पुलिस उपायुक्त अनिल कुमार धवन के मुताबिक इस मामले की जांच जारी है। उन्हें उम्मीद है कि सीन आफ क्राइम की टीम ने घटनास्थल से जो सैंपल लिए हैं उसकी रिपोर्ट सोमवार को आ जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद जांच में काफी आसानी होगी। धवन के अनुसार रिपोर्ट आने से पहले अभी इस बारे में ठोस रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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वहीं, पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस घटना में जिंदा जिंदा जलीं उद्योगपति की पत्नी कमलेश गर्ग के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट में स्पष्ट हो जाएगा कि उनकी मौत कैसे हुई है।
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सेक्टर-12 स्थित कोठी नंबर 637 में बुधवार सुबह 10 बजे आग लग गई थी। घटना में अमृतलाल गर्ग की पत्नी कमलेश गर्ग जिंदा जल गईं थीं। जबकि मनजोत और नम्रता दोनों बहुएं झुलस गई थीं। मनजोत का शरीर करीब 90 प्रतिशत झुलस गया था। मनजोत पीजीआई में भर्ती हैं, जबकि नम्रता अलकेमिस्ट में उपचाराधीन हैं।
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कोठी में आग क्या शार्ट सर्किट से लगी
पुलिस इस घटना की जांच शार्ट सर्किट एंगल से भी कर रही है। लेकिन अभी तक की जांच में पुलिस के हाथ कोई ऐसा ठोस सबूत नहीं लगा है जिससे यह साबित हो सके कि आग लगने का कारण शार्ट सर्किट है। वहीं पुलिस का यह भी मानना है कि यदि आग शॉर्ट सर्किट से भी लगी है तो जिंदा जलने जैसी घटना नहीं होनी चाहिए। क्योंकि शॉर्ट सर्किट से आग पूरे घर में इतनी जल्दी नहीं फैल सकती है। वहीं आग सिलेंडर विस्फोट से भी नहीं हुई है। हालांकि इस घटना के बाद छाए रहस्य के पर्दे को पुलिस जल्द दूर करने की कोशिश कर रही है।
घटना पर उठा ये बड़ा सवाल
आग की सूचना पर दमकल कर्मियों के साथ पुलिस और गर्ग परिवार के सदस्य भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कमलेश गर्ग का आग में झुलसा शव लॉबी में लगे बेड पर ही पड़े देखा था। घटना सुबह करीब 10 बजे की है। इस समय कोई सोया भी नहीं था। ऐसे में शार्ट सर्किट के बाद कमलेश गर्ग का बेड पर लेटे-लेटे ही आग की लपटों में झुलस कर दम तोड़ना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। वे चल फिर सकने में पूरी तरह से सक्षम थीं। इसके बाद भी आग लगने पर वह बेड से नीचे क्यों नहीं उतरीं।
कोट्स
पंचकूला के पुलिस उपायुक्त अनिल कुमार धवन के मुताबिक इस मामले की जांच जारी है। उन्हें उम्मीद है कि सीन आफ क्राइम की टीम ने घटनास्थल से जो सैंपल लिए हैं उसकी रिपोर्ट सोमवार को आ जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद जांच में काफी आसानी होगी। धवन के अनुसार रिपोर्ट आने से पहले अभी इस बारे में ठोस रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है।