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हरियाणा : खनन सामग्री की ओवर लोडिंग पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से मांगा जवाब
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चंडीगढ़। खनन सामग्री वाले ट्रकों की ओवरलोडिंग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने बताया कि ओवर लोडिंग की स्थिति में न्यूनतम 2 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रति टन ओवर लोडिंग पर 1 हजार रुपये जुर्माना अतिरिक्त है। हाईकोर्ट ने इस पर असंतुष्टी जताते हुए अब हरियाणा सरकार को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए पानीपत निवासी जगमिंदर सिंह ने हाईकोर्ट को बताया था कि खनन सामग्री की ओवर लोडिंग के चलते सड़क पर खतरा बढ़ गया है।
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था। पानीपत के आरटीए ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि 1 जनवरी 2017 से 30 नवंबर 2017 के बीच ओवर लोडिंग के 1109 चालान किए गए। इन चालानों के चलते वाहन मालिकों से साढ़े तीन करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूल किए गए। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि अभी भी सख्ती से जांच जारी है और मोटर व्हीकल एक्ट का सख्ती से पालन किया जा रहा है। साथ ही यह भी बताया कि ओवर लोड की स्थिति में न्यूनतम 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। वाहन की भार क्षमता से अतिरिक्त लोड होने की स्थिति में प्रति क्विंटल 1 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया जा रहा है। सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने कहा कि जहां से खनन सामग्री लोड की जाती है वहां पर जांच व नियंत्रण की कोई व्यवस्था नहीं है। हाईकोर्ट ने इसपर हरियाणा सरकार से जवाब मांगा। हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट से इस पर जवाब देने के लिए कुछ वक्त की मांग की। इसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
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याचिका दाखिल करते हुए पानीपत निवासी जगमिंदर सिंह ने हाईकोर्ट को बताया था कि खनन सामग्री की ओवर लोडिंग के चलते सड़क पर खतरा बढ़ गया है।
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था। पानीपत के आरटीए ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि 1 जनवरी 2017 से 30 नवंबर 2017 के बीच ओवर लोडिंग के 1109 चालान किए गए। इन चालानों के चलते वाहन मालिकों से साढ़े तीन करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूल किए गए। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि अभी भी सख्ती से जांच जारी है और मोटर व्हीकल एक्ट का सख्ती से पालन किया जा रहा है। साथ ही यह भी बताया कि ओवर लोड की स्थिति में न्यूनतम 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। वाहन की भार क्षमता से अतिरिक्त लोड होने की स्थिति में प्रति क्विंटल 1 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया जा रहा है। सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने कहा कि जहां से खनन सामग्री लोड की जाती है वहां पर जांच व नियंत्रण की कोई व्यवस्था नहीं है। हाईकोर्ट ने इसपर हरियाणा सरकार से जवाब मांगा। हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट से इस पर जवाब देने के लिए कुछ वक्त की मांग की। इसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
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