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Panchkula News: सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में खराब मशीनों से टेस्ट ठप
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मरीजों को बाहर खर्च करना पड़ रहा पैसा
थायराइड व विटामिन जांच नहीं होने से बढ़ी परेशानी, इलाज से पहले निजी लैब का सहारा
माई सिटी रिपोर्टरपंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में टेस्ट की मशीनें लंबे समय से खराब होने के कारण मरीजों को थायराइड और विटामिन जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है और इलाज में भी देरी हो रही है।
अस्पताल में करीब पांच महीने से थायराइड जांच मशीन खराब पड़ी है और किट की भी कमी बनी हुई है। इसके चलते मरीजों को निजी लैब में करीब 800 रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है। वहीं बच्चों के विटामिन टेस्ट भी अस्पताल में नहीं हो पा रहे हैं, जिसके लिए लोगों को 400 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
स्थिति यह है कि मरीज अस्पताल में लंबी लाइन में लगने के बाद भी जब टेस्ट नहीं हो पाता, तो उन्हें मजबूरन बाहर जाना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है।
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बाहर से करवाना पड़ा टेस्ट
बरवाला से आए सुमेर सिंह ने बताया कि बुखार, सिरदर्द और सूजन की शिकायत पर डॉक्टर ने थायराइड टेस्ट लिखे, लेकिन अस्पताल में सुविधा न होने के कारण उन्हें बाहर से 800 रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ी। वहीं माजरी गांव के सुखविंदर सिंह ने कहा कि मशीन खराब होने के चलते उन्हें भी बाहर से टेस्ट करवाना पड़ा और अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। विटामिन टेस्ट नहीं होने से भी मरीजों को दिक्कत हो रही है।
कोट:
थायराइड मशीन को ठीक कराने के लिए विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। जल्द ही मशीन ठीक कर टेस्ट शुरू कर दिए जाएंगे।
- आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6
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थायराइड व विटामिन जांच नहीं होने से बढ़ी परेशानी, इलाज से पहले निजी लैब का सहारा
माई सिटी रिपोर्टरपंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में टेस्ट की मशीनें लंबे समय से खराब होने के कारण मरीजों को थायराइड और विटामिन जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है और इलाज में भी देरी हो रही है।
अस्पताल में करीब पांच महीने से थायराइड जांच मशीन खराब पड़ी है और किट की भी कमी बनी हुई है। इसके चलते मरीजों को निजी लैब में करीब 800 रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है। वहीं बच्चों के विटामिन टेस्ट भी अस्पताल में नहीं हो पा रहे हैं, जिसके लिए लोगों को 400 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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स्थिति यह है कि मरीज अस्पताल में लंबी लाइन में लगने के बाद भी जब टेस्ट नहीं हो पाता, तो उन्हें मजबूरन बाहर जाना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है।
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बाहर से करवाना पड़ा टेस्ट
बरवाला से आए सुमेर सिंह ने बताया कि बुखार, सिरदर्द और सूजन की शिकायत पर डॉक्टर ने थायराइड टेस्ट लिखे, लेकिन अस्पताल में सुविधा न होने के कारण उन्हें बाहर से 800 रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ी। वहीं माजरी गांव के सुखविंदर सिंह ने कहा कि मशीन खराब होने के चलते उन्हें भी बाहर से टेस्ट करवाना पड़ा और अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। विटामिन टेस्ट नहीं होने से भी मरीजों को दिक्कत हो रही है।
कोट:
थायराइड मशीन को ठीक कराने के लिए विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। जल्द ही मशीन ठीक कर टेस्ट शुरू कर दिए जाएंगे।
- आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6