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कैब,ऑटो में क्षमता से अधिक मासूमों को बिठा उनकी जान को जोखिम में डाल रहे हैं चालक,जिला स्तर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशास

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2022 02:45 AM IST
Drivers risking innocent lives by sitting more than capacity in cabs, autos
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पिंजौर। शहर में ज्यादातर ऑटो, कैब चालकों की ओर से क्षमता से अधिक मासूम स्कूली बच्चों को बैठाकर उनके जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके अलावा न तो इन कैब पर स्कूल वैन आदि लिखा होता है और नंबर भी प्राइवेट होते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि नियमों की अवहेलना करते हुए कुछ कैब चालकों की ओर से कैब में 20 से अधिक मासूम बच्चे बैठाए होते हैं, लेकिन न तो ट्रैफिक पुलिस और न प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान रे रहे हैं, जबकि कैब में बच्चों को इस तरह से ठूंस कर बैठाया जाता है कि वे हिल भी नहीं पाते। इतना ही नहीं छोटे-छोटे बच्चे जो ठीक से बोल भी नहीं पाते और कुछ तो कैब चालक के साथ वाली सीट पर भी बैठाए हुए होते हैं। नियमों की अवहेलना करके मासूमों की जान जोखिम में डालने वाले इन कैब, ऑटो चालकों पर प्रशासन सहित ट्रैफिक विभाग अंकुश लगाने में असफल साबित हो रहा है।

जोखिम उठाने के लिए क्यों मजबूर हैं अभिभावक
कुछ स्कूलों ने बच्चों के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं दे रखी है और कुछ स्कूलों ने ट्रांसपोर्ट सुविधा का दे रखी है तो उनका मासिक किराया बहुत अधिक होने के कारण अभिभावक वहन नहीं कर सकते। ऐसी स्थिति में अभिभावक विकल्प के तौर पर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्राइवेट कैब या ऑटो को चुनते हैं। कई कॉलोनियां जहां स्कूल बसें नहीं जा सकती वहां भी अभिभावक इन कैब आदि का सहारा लेते हैं, क्योंकि ऑटो, कैब तंग गलियों में भी जा सकते हैं और स्कूल बसों की तुलना में इनका किराया भी कम होता है। इसके अलावा जब अभिभावक चालक से बच्चों के स्कूल आवाजाही की बात करते हैं तो उस दौरान चालक बच्चों की संख्या कम बताते हैं। लेकिन बाद में धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ाते रहते हैं और फिर पता चलता है कि वे कैब आदि में क्षमता से अधिक बच्चों को ढो रहे हैं।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर होती हैं बैठकें
स्कूली वाहनों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकें तो होती हैं परंतु बैठकों के बाद अधिकारियों की ओर से ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने का ही नतीजा है कि चालक क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर आवाजाही कर रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस को ध्यान देना चाहिए
बच्चों के लिए कैब या ऑटो करने से पहले चालक से उसमें बैठाए जाने वाले बच्चों की संख्या पहले पता कर लेनी चाहिए और बाद में समय-समय पर देखना चाहिए कि कैब या ऑटो में क्षमता से अधिक बच्चे न बैठाए जा रहे हों। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए क्योंकि क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना बच्चों की जान जोखिम में डालना है और नियमों की अवहेलना करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। -विमल, स्थानीय निवासी
अभिभावक भी ध्यान रखेें
मासूम बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखना प्रशासन सहित अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है। छोटे मासूम बच्चे अपनी सुरक्षा को लेकर अनजान होते हैं। अभिभावक ओवरलोड कैब या ऑटो में अपने बच्चों को स्कूल न भेजें और चालक को ट्रैफिक नियमों का हवाला देकर उसे क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने से रोकें। इसके अलावा लोकल रूट की बस चलनी चाहिए ताकि अभिभावकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। -योगेंद्र शर्मा, स्थानीय निवासी
कोट
बच्चों को स्कूल ले जाने वाले ओवरलोड वाहनों का मामला उनके संज्ञान में आया है। ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करके क्षमता से अधिक मासूम बच्चों को बैठाने वाले ऑटो या कैब चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। -राजकुमार रंगा, एसीपी ट्रैफिक पंचकूला।

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