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फरीदाबाद नगर निगम में करोड़ों के घोटाले की जांच की मांग, सरकार व विजिलेंस को नोटिस
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चंडीगढ़। फरीदाबाद नगर निगम की इंजीनियरिंग एवं लेखा विभाग के अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर निजी कंपनियों को बिना कार्य के ही भुगतान तथा फर्जी बिलों के भुगतान से निगम को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के मामले की जांच की मांग को लेकर जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, विजिलेंस ब्यूरो व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
फरीदाबाद निवासी कृष्ण लाल गेरा ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि निगम के अधिकारी निजी कंपनियों के साथ मिलीभगत कर सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं। निजी कंपनियों को बिना किसी काम के फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। हाईकोर्ट को बताया गया कि एक रिसर्च टीम ने 2015 में सड़कों के नमूने लिए थे और जब इनकी जांच की गई तो पाया गया कि इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री निमभन गुणवत्ता की थी। याची ने कहा कि सही प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल हो यह सुनिश्चित करना निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और बिल पास कर दिए गए।
याची ने कहा कि सरकारी संपत्ति का इस प्रकार दुरुपयोग न हो इसके लिए अभी कदम उठाने की जरूरत है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि सड़क, फुटपाथ, सीवरेज व अन्य विकास कार्यों में घटिया सामग्री इस्तेमाल हुई है या बढ़िया इसकी जांच करवाई जानी चाहिए। जांच के बाद ही पहचान हो सकेगी कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिका पर हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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फरीदाबाद निवासी कृष्ण लाल गेरा ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि निगम के अधिकारी निजी कंपनियों के साथ मिलीभगत कर सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं। निजी कंपनियों को बिना किसी काम के फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। हाईकोर्ट को बताया गया कि एक रिसर्च टीम ने 2015 में सड़कों के नमूने लिए थे और जब इनकी जांच की गई तो पाया गया कि इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री निमभन गुणवत्ता की थी। याची ने कहा कि सही प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल हो यह सुनिश्चित करना निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और बिल पास कर दिए गए।
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याची ने कहा कि सरकारी संपत्ति का इस प्रकार दुरुपयोग न हो इसके लिए अभी कदम उठाने की जरूरत है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि सड़क, फुटपाथ, सीवरेज व अन्य विकास कार्यों में घटिया सामग्री इस्तेमाल हुई है या बढ़िया इसकी जांच करवाई जानी चाहिए। जांच के बाद ही पहचान हो सकेगी कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिका पर हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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